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सामूहिक दुष्कर्म कांड में फिर हुई सीबीगंज पुलिस की छीछालेदर
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प्रतीकात्मक
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जिसे आरोपी बनाकर जेल भेजा उसके पक्ष में वायरल हुआ पीड़ित महिला का वीडियो
बरेली। सामूहिक दुष्कर्म कांड में एक बार फिर सीबीगंज पुलिस की फजीहत हो गई। मेडिकल रिपोर्ट में सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को दो आरोपियों को जेल भेज दिया। आरोपियों के जेल जाने के कुछ घंटे बाद ही सोशल मीडिया पर पीड़ित महिला का वीडियो वायरल हो गया। इसमें पीड़ित महिला कह रही है कि जेल भेजा गया हसीन घटना में शामिल नहीं था। अब पुलिस को कोई जवाब देते नहीं बन रहा है।
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सीबीगंज पुलिस एक आरोपी ताहिर निवासी तिलियापुर को पहले ही जेल भेज चुकी है। शुरुआत में पुलिस घटना को साधारण मारपीट मान रही थी, जबकि पीड़िता का पति सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट की बात कह रहा था। बुधवार को महिला की मेडिकल रिपोर्ट सामने आई तो उसमें सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई। तब सीबीगंज पुलिस ने घटना में दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी। इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपी हसीन मोहम्मद निवासी घुंसा और मुशर्रफ निवासी तिलियापुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बृहस्पतिवार को महिला भी अस्पताल से छुट्टी कराकर अपने घर पहुंच गई।
इसी बीच पीड़ित महिला का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह साफ कह रही है कि घटना में हसीन शामिल नहीं था। उसका पति भी यह बात कह रहा है कि हसीन को वह अच्छी तरह से जानता है। हसीन घटना में नहीं था। उसका तो यहां तक कहना है कि इस पूरी घटना में हसीन का कोई हाथ नहीं है। यह बात वह जज के सामने तक कह देगा। पीड़ित महिला का जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह जिला अस्पताल में ही बनाया गया है। अब सवाल यह उठता है कि जब पीड़ित महिला खुद ही मना कर रही है, तब पुलिस के पास ऐसा क्या सुबूत है कि हसीन को सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। इंस्पेक्टर सीबीगंज गोविंद सिंह का कहना है कि उन्होंने सही आरोपियों को जेल भेजा है।
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सीओ खुद कर रहे मॉनीटरिंग तब यह हाल
सीओ सेकेंड आशीष प्रताप सिंह का कहना है कि पीड़ित महिला के बयानों के आधार पर ही हसीन का नाम खोला गया है, जबकि जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें खुद पीड़ित महिला कह रही है कि हसीन घटना में शामिल नहीं था। उसका कहना है कि वह हसीन को अच्छी तरह जानती है। सीओ सेकेंड का कहना है कि पुलिस की विवेचना बिल्कुल ठीक है। आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। इस पूरे मामले में शुरू से आखिर तक पुलिस की जांच पर सवाल उठते रहे हैं। शुरू में पुलिस सामूहिक दुष्कर्म की घटना से इनकार कर रही थी। मामला महज मारपीट की धाराओं में दर्ज किया गया। जबकि महिला का पति शुरू से ही दुष्कर्म की बात कह रहा था।
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बरेली। सामूहिक दुष्कर्म कांड में एक बार फिर सीबीगंज पुलिस की फजीहत हो गई। मेडिकल रिपोर्ट में सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को दो आरोपियों को जेल भेज दिया। आरोपियों के जेल जाने के कुछ घंटे बाद ही सोशल मीडिया पर पीड़ित महिला का वीडियो वायरल हो गया। इसमें पीड़ित महिला कह रही है कि जेल भेजा गया हसीन घटना में शामिल नहीं था। अब पुलिस को कोई जवाब देते नहीं बन रहा है।
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सीबीगंज पुलिस एक आरोपी ताहिर निवासी तिलियापुर को पहले ही जेल भेज चुकी है। शुरुआत में पुलिस घटना को साधारण मारपीट मान रही थी, जबकि पीड़िता का पति सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट की बात कह रहा था। बुधवार को महिला की मेडिकल रिपोर्ट सामने आई तो उसमें सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई। तब सीबीगंज पुलिस ने घटना में दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी। इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपी हसीन मोहम्मद निवासी घुंसा और मुशर्रफ निवासी तिलियापुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बृहस्पतिवार को महिला भी अस्पताल से छुट्टी कराकर अपने घर पहुंच गई।
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इसी बीच पीड़ित महिला का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह साफ कह रही है कि घटना में हसीन शामिल नहीं था। उसका पति भी यह बात कह रहा है कि हसीन को वह अच्छी तरह से जानता है। हसीन घटना में नहीं था। उसका तो यहां तक कहना है कि इस पूरी घटना में हसीन का कोई हाथ नहीं है। यह बात वह जज के सामने तक कह देगा। पीड़ित महिला का जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह जिला अस्पताल में ही बनाया गया है। अब सवाल यह उठता है कि जब पीड़ित महिला खुद ही मना कर रही है, तब पुलिस के पास ऐसा क्या सुबूत है कि हसीन को सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। इंस्पेक्टर सीबीगंज गोविंद सिंह का कहना है कि उन्होंने सही आरोपियों को जेल भेजा है।
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सीओ सेकेंड आशीष प्रताप सिंह का कहना है कि पीड़ित महिला के बयानों के आधार पर ही हसीन का नाम खोला गया है, जबकि जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें खुद पीड़ित महिला कह रही है कि हसीन घटना में शामिल नहीं था। उसका कहना है कि वह हसीन को अच्छी तरह जानती है। सीओ सेकेंड का कहना है कि पुलिस की विवेचना बिल्कुल ठीक है। आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। इस पूरे मामले में शुरू से आखिर तक पुलिस की जांच पर सवाल उठते रहे हैं। शुरू में पुलिस सामूहिक दुष्कर्म की घटना से इनकार कर रही थी। मामला महज मारपीट की धाराओं में दर्ज किया गया। जबकि महिला का पति शुरू से ही दुष्कर्म की बात कह रहा था।