{"_id":"69c456923fccd9f2930b3dd4","slug":"caterers-business-suffers-without-lpg-cylinders-bareilly-news-c-4-bly1053-850775-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: एलपीजी सिलिंडर के बिना कैटरर्स का कारोबार फीका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: एलपीजी सिलिंडर के बिना कैटरर्स का कारोबार फीका
विज्ञापन
बरेली। पश्चिम एशिया में युद्ध से उपजी एलपीजी सिलिंडर की किल्लत अगर न थमी तो आगामी सहालग में वैवाहिक आयोजन आगे टलेंगे या फिर स्वाद फीका पड़ सकता है। शहर के 90 फीसदी मैरिज हॉल बुक हैं, लेकिन कैटरर्स हाथ खड़े कर रहे हैं। कई ऑर्डर निरस्त भी कर चुके हैं।
कारोबारियों के मुताबिक एलपीजी आपूर्ति का संकट थमने के बजाय गहराता जा रहा है। कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति सुचारू होने की सुगबुगाहट समेत आवश्यक सेवा तक सीमित रहने की चर्चाएं भी हैं।
ऐसी स्थिति में कैटरर्स के साथ-साथ बैंक्वेट हॉल मालिक भी परेशान हैं। हाल ये हैं कि कैटरर्स किसी भी स्थिति में सिलिंडर लेने को तैयार हैं पर प्रत्येक सिलिंडर का ऑनलाइन हिसाब के चलते प्रति आयोजन कम से कम आठ-दस सिलिंडर चाहिए, जो मिलना मुश्किल है। इधर, बुकिंग कराने वाले भी कीमत बढ़ाने को राजी हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।
विज्ञापन
बैंक्वेट हॉल संचालकों के मुताबिक 15 अप्रैल से वैवाहिक आयोजन शुरू होने हैं। सभी तिथियों में शहर के 80 से 90 फीसदी हॉल बुक हैं। जब बुकिंग हुई तब अंदाजा नहीं था कि युद्ध से ये स्थिति होगी। हालत ये है कि घर के लिए ही सिलिंडर मिलना मुश्किल है। आयोजन कैसे करें।
विज्ञापन
कारोबारियों के मुताबिक एलपीजी आपूर्ति का संकट थमने के बजाय गहराता जा रहा है। कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति सुचारू होने की सुगबुगाहट समेत आवश्यक सेवा तक सीमित रहने की चर्चाएं भी हैं।
विज्ञापन
ऐसी स्थिति में कैटरर्स के साथ-साथ बैंक्वेट हॉल मालिक भी परेशान हैं। हाल ये हैं कि कैटरर्स किसी भी स्थिति में सिलिंडर लेने को तैयार हैं पर प्रत्येक सिलिंडर का ऑनलाइन हिसाब के चलते प्रति आयोजन कम से कम आठ-दस सिलिंडर चाहिए, जो मिलना मुश्किल है। इधर, बुकिंग कराने वाले भी कीमत बढ़ाने को राजी हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।
विज्ञापन
बैंक्वेट हॉल संचालकों के मुताबिक 15 अप्रैल से वैवाहिक आयोजन शुरू होने हैं। सभी तिथियों में शहर के 80 से 90 फीसदी हॉल बुक हैं। जब बुकिंग हुई तब अंदाजा नहीं था कि युद्ध से ये स्थिति होगी। हालत ये है कि घर के लिए ही सिलिंडर मिलना मुश्किल है। आयोजन कैसे करें।