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संदिग्धों की कॉल डिटेल पकड़ेगी झूठ
बरेली
Updated Fri, 04 Dec 2015 01:34 AM IST
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बरेली। पाकिस्तानी जासूस इजाज से मिलने वाले सभी लोगों पर खुफिया एजेंसियां नजर रखे हैं। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाकर सच्चाई का पता लगाया जा रहा है। कॉल डिटेल में जिसका झूठ पकड़ में आएगा, उसे हिरासत में लेकर पूछताछ होना तय है।
देश की सुरक्षा के जुड़ा मामला होने की वजह से खुफिया एजेंसियां इजाज की गिरफ्तारी को बेहद गंभीरता से लेकर काम कर रही हैं। यह भी ख्याल रखा जा रहा है कि कोई बेगुनाह सलाखों के पीछे न पहुंच जाए। एसटीएफ और खुफिया एजेंसियां इजाज के साथ सबसे ज्यादा वक्त गुजारने वाली पत्नी आसमा साली शहनाज के अलावा मकान किराए पर दिलाने वाले ताहिर खान वारसी से विस्तार से पूछताछ कर चुकी है। खुफिया एजेंसियों ने इसके अलावा बटलर प्लाजा में फोटो स्टूडियो के संचालक मनप्रीत सिंह, कैंट में सेना के अफसरों तक साथ ले जाने वाले फोटोग्राफर मोहम्मद आसिफ, प्रजापति फोटोग्राफर, फरीदपुर के फोटोग्राफर मनोज गुप्ता समेत उन सभी लोगों से पूछताछ करके नंबर जुटा लिए हैं, जिनका इजाज से कोई न कोई रिश्ता रहा है। संदिग्धों के बातचीत को नोट कर लिया गया है। उनकी कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। कॉल डिटेल सामने रखने के बाद एक बार फिर से उनसे बात हो सकती है। वह लोग खुफिया एजेंसियों के निशाने पर होंगे, जिन्होंने पूछताछ के दौरान झूठ बोला है।
शुक्रवार को बरेली लाया जा सकता है इजाज
बरेली। एसटीएफ, विवेचनाधिकारी और खुफिया एजेंसियां संदिग्धों का पाकिस्तानी जासूस इजाज से आमना-सामना कराने की प्लानिंग कर रही है। इसके लिए शुक्रवार को इजाज को बरेली लाया भी जा सकता है। खुफिया एजेंसियां संदिग्धों और इजाज के रिश्तों की असलियत जानने के लिए कोई रिस्क लेने को तैयार नहीं है। प्लानिंग यह की जा रही है कि एक बार इजाज को बुलाकर किसी गोपनीय स्थान पर सभी संदिग्धों से आमने-सामने बात की जाए। ताकि उसी के सामने यह बात साफ हो जाए कि किसके साथ इजाज का कैसा रिश्ता था।
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सुरक्षा घेरा मजबूत करने में जुटा त्रिशूल
अफसरों ने समीक्षा कर बनाई बंदोबस्त की नई रणनीति
बरेली। पकड़े गए आईएसआई एजेंट इजाज के जरिए त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन आतंकवादियों के निशाने पर होने का खुलासा होने के बाद स्टेशन के अफसरों में खलबली है। बरेली में रहते इजाज ने जासूसी में त्रिशूल के बारे में क्या-क्या जुटाया होगा, इसके कयासों के बीच एयरफोर्स के अफसरों ने सुरक्षा बंदोबस्त की समीक्षा शुरू कर दी है और नए सिरे से पुख्ता सुरक्षा घेरा बनाने की रणनीति बनाने में वह जुट गए हैं। इसके लिए त्रिशूल स्टेशन में एयरफोर्स की मीटिंगों का दौर शुरू हो गया है। समझा जा रहा है कि स्टेशन में सुरक्षा के बंदोबस्त न सिर्फ पहले से और कड़े किए जा रहे हैं बल्कि उनमें बदलाव भी किया जा रहा है।
एसटीएफ के हाथ लगे इजाज ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह बरेली में त्रिशूल एयरफोर्स और आर्मी एरिया के ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाने आया था। इसके लिए उसने त्रिशूल और सेना के यूबी एरिया मुख्यालय तथा जाट रेजीमेंट सेंटर में घुसपैठ की कोशिशें की थीं। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि इन सैन्य ठिकानों के कई स्थलों के उसने फोटोग्राफ भी हासिल कर लिए थे। इसके बाद से सेना के साथ ही त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन में सुरक्षा इंतजाम की समीक्षा जरूरी हो गई। एयरफोर्स स्टेशन के अफसर हालांकि इस बारे में खुलकर कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं लेकिन सूत्रों ने बताया कि इजाज के हाथ आने के बाद से लगातार स्टेशन में हर स्तर पर सुरक्षा के चौकचौबंद प्रबंध किए जाने लगे हैं। चूक की संभावनाओं वाले इंतजामों को और मजबूत करते हुए सुरक्षा की कड़ी किलाबंदी की जाने लगी है। इसके लिए हर दिन त्रिशूल में अफसरों की मीटिंग हो रही है। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि आईएसआई एजेंट के हाथों क्या जानकारी आतंकियों तक जा सकती है। हालांकि एयरफोर्स के अफसर कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि त्रिशूल में सुरक्षा प्रबंध काफी कड़े हैं और जहां जरूरत है, वो इंतजाम किए जा रहे हैं।
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देश की सुरक्षा के जुड़ा मामला होने की वजह से खुफिया एजेंसियां इजाज की गिरफ्तारी को बेहद गंभीरता से लेकर काम कर रही हैं। यह भी ख्याल रखा जा रहा है कि कोई बेगुनाह सलाखों के पीछे न पहुंच जाए। एसटीएफ और खुफिया एजेंसियां इजाज के साथ सबसे ज्यादा वक्त गुजारने वाली पत्नी आसमा साली शहनाज के अलावा मकान किराए पर दिलाने वाले ताहिर खान वारसी से विस्तार से पूछताछ कर चुकी है। खुफिया एजेंसियों ने इसके अलावा बटलर प्लाजा में फोटो स्टूडियो के संचालक मनप्रीत सिंह, कैंट में सेना के अफसरों तक साथ ले जाने वाले फोटोग्राफर मोहम्मद आसिफ, प्रजापति फोटोग्राफर, फरीदपुर के फोटोग्राफर मनोज गुप्ता समेत उन सभी लोगों से पूछताछ करके नंबर जुटा लिए हैं, जिनका इजाज से कोई न कोई रिश्ता रहा है। संदिग्धों के बातचीत को नोट कर लिया गया है। उनकी कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। कॉल डिटेल सामने रखने के बाद एक बार फिर से उनसे बात हो सकती है। वह लोग खुफिया एजेंसियों के निशाने पर होंगे, जिन्होंने पूछताछ के दौरान झूठ बोला है।
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शुक्रवार को बरेली लाया जा सकता है इजाज
बरेली। एसटीएफ, विवेचनाधिकारी और खुफिया एजेंसियां संदिग्धों का पाकिस्तानी जासूस इजाज से आमना-सामना कराने की प्लानिंग कर रही है। इसके लिए शुक्रवार को इजाज को बरेली लाया भी जा सकता है। खुफिया एजेंसियां संदिग्धों और इजाज के रिश्तों की असलियत जानने के लिए कोई रिस्क लेने को तैयार नहीं है। प्लानिंग यह की जा रही है कि एक बार इजाज को बुलाकर किसी गोपनीय स्थान पर सभी संदिग्धों से आमने-सामने बात की जाए। ताकि उसी के सामने यह बात साफ हो जाए कि किसके साथ इजाज का कैसा रिश्ता था।
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सुरक्षा घेरा मजबूत करने में जुटा त्रिशूल
अफसरों ने समीक्षा कर बनाई बंदोबस्त की नई रणनीति
बरेली। पकड़े गए आईएसआई एजेंट इजाज के जरिए त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन आतंकवादियों के निशाने पर होने का खुलासा होने के बाद स्टेशन के अफसरों में खलबली है। बरेली में रहते इजाज ने जासूसी में त्रिशूल के बारे में क्या-क्या जुटाया होगा, इसके कयासों के बीच एयरफोर्स के अफसरों ने सुरक्षा बंदोबस्त की समीक्षा शुरू कर दी है और नए सिरे से पुख्ता सुरक्षा घेरा बनाने की रणनीति बनाने में वह जुट गए हैं। इसके लिए त्रिशूल स्टेशन में एयरफोर्स की मीटिंगों का दौर शुरू हो गया है। समझा जा रहा है कि स्टेशन में सुरक्षा के बंदोबस्त न सिर्फ पहले से और कड़े किए जा रहे हैं बल्कि उनमें बदलाव भी किया जा रहा है।
एसटीएफ के हाथ लगे इजाज ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह बरेली में त्रिशूल एयरफोर्स और आर्मी एरिया के ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाने आया था। इसके लिए उसने त्रिशूल और सेना के यूबी एरिया मुख्यालय तथा जाट रेजीमेंट सेंटर में घुसपैठ की कोशिशें की थीं। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि इन सैन्य ठिकानों के कई स्थलों के उसने फोटोग्राफ भी हासिल कर लिए थे। इसके बाद से सेना के साथ ही त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन में सुरक्षा इंतजाम की समीक्षा जरूरी हो गई। एयरफोर्स स्टेशन के अफसर हालांकि इस बारे में खुलकर कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं लेकिन सूत्रों ने बताया कि इजाज के हाथ आने के बाद से लगातार स्टेशन में हर स्तर पर सुरक्षा के चौकचौबंद प्रबंध किए जाने लगे हैं। चूक की संभावनाओं वाले इंतजामों को और मजबूत करते हुए सुरक्षा की कड़ी किलाबंदी की जाने लगी है। इसके लिए हर दिन त्रिशूल में अफसरों की मीटिंग हो रही है। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि आईएसआई एजेंट के हाथों क्या जानकारी आतंकियों तक जा सकती है। हालांकि एयरफोर्स के अफसर कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि त्रिशूल में सुरक्षा प्रबंध काफी कड़े हैं और जहां जरूरत है, वो इंतजाम किए जा रहे हैं।