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तालाब पर निर्माण हो गया, देखता रह गया नगर निगम 

Tue, 13 Jun 2017 12:59 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Tue, 13 Jun 2017 12:59 AM IST
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Built on the pond, the city remained watching
Built on the pond, the city remained watching - फोटो : बरेली, अमर उजाला
डेलापीर तालाब की जमीन के पास हो रहे निर्माण पर तमाम जोर आजमाइश के बाद भी नगर निगम के हाथ खाली हैं। मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद इस मामले में अभी कोई फैसला नहीं आया है। निर्माण कार्य काफी हो चुका है।  बाउंड्री हो चुकी है और दो गेट भी लगा दिए गए हैं। बाउंड्री की पेंटिंग भी करा दी गई है। अब इसके अंदर जेसीबी से मिट्टी बराबर करने का काम चल रहा है। 
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डेलापीर तालाब के सुंदरीकरण पर निगम ने पैसा तो खर्च किया लेकिन मिट्टी बेचने में गोलमाल भी खूब हुआ। नगर निगम ने तालाब सुंदरीकरण के लिए मिट्टी खोदने का ठेका तो दे दिया लेकिन इसकी मिट्टी कहां जा रही है इसका कोई लेखा जोखा ही नहीं था। मिट्टी के माफिया ट्रकों ट्रक मिट्टी तय स्थानों पर पहुंचाते रहे। खनन विभाग के अधिकारियों ने भी उस समय बताया था कि डेलापीर में तालाब की खुदाई का कोई परमिट उनके कार्यालय से जारी नहीं हुआ। खनन कैसा भी हो उसकी अनुमति लेना जरूरी है। इस मामले पर नगर निगम के अधिकारियाें पर भी मिलीभगत के आरोप लगे थे। इसके बाद अचानक शुरू हुए निर्माण की वजह से नगर निगम के अधिकारी सकते में आ गए। जब काम रुकवाने पहुंचने तो निर्माण कराने वाले लोगाें ने कोर्ट का आर्डर दिखा दिया। इस मामले पर नगर विकास मंत्री ने भी संज्ञान लिया था, लेकिन एक दो दिन निर्माण कार्य रुकने के अलावा कुछ नहीं हुआ। अभी मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इस बीच निर्माण कार्य लगातार जारी है। सुंदरीकरण का कार्य रुका पड़ा है।  
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यह है मामला 
1935 में तत्कालीन म्यूनिसिपल बोर्ड ने कुछ प्लाटों की नगर विकास के अंतर्गत निलामी की थी। 23 दिसंबर 1951 में अवध बिहारी लाल ने नीलामी में प्लाट खरीदा था। दो सितंबर 1953 को उनके पक्ष में नगर निगम ने बैनामा किया था। इसके बाद अवध बिहारी अग्रवाल ने राम भरोसे लाल धर्मार्थ ट्रस्ट को जमीन दान में दी थी। विवाद 2002 से शुरू हुआ। ट्रस्ट ने निर्माण करवाना चाहा तो नगर निगम ने तालाब कहते हुए निर्माण नहीं होने दिया। ट्रस्ट ने दीवानी न्यायालय में वाद पहुंचने पर नगर निगम पक्ष हार गया था। नगर निगम ने सिविल अपील की लेकिन न्यायालय ने खारिज कर दी। अब मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।  
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डेलापीर तालाब के मामले में अभी हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। तालाब पर निर्माण को लेकर रोक लगाने की कोशिश की गई लेकिन उनके पास कोर्ट का आदेश है। हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है। 
डॉ. आईएस तोमर, मेयर 
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