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Bareilly News: दस करोड़ का बजट साफ, नालों में भरी गाद, सड़कों पर बह रहा सीवर
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बरेली। तीन साल में सीवर व नाला सफाई पर नगर निगम 10 करोड़ रुपये अधिक की रकम खर्च कर चुका है। इसके बाद भी नालों की गाद नहीं हटाई जा सकी। जरा सी बारिश में सुभाषनगर पुलिया, हजियापुर, संजयनगर सहित अन्य निचले इलाकों में जलभराव हो जाता है। सीवर लाइन चोक होने से गंदगी सड़कों पर बह रही है। इससे जनता त्रस्त है। बारिश होने पर परेशानी और बढ़ जाती है।
छह माह से शहर में सीवर लाइनें उफना रही हैं। दस दिनों से सिकलापुर, बाग ब्रिगटान, आजमनगर, लाल मस्जिद, अहमद अली का तलाव, गंगापुर, कालीबाड़ी, होली चौराहा, सूफीटोला, जाटवपुरा, नरकुलागंज, राजेंद्रनगर, इंद्रानगर में हालात ज्यादा खराब हैं। शुक्रवार को नगर आयुक्त पटेल चौक पर सुपर सकर मशीन से सीवर लाइनों की सफाई कराने पहुंचे थे। सुबह चार बजे तक मशक्कत चली, पर समस्या हल नहीं हो सकी।
230 छोटे-बड़े नाले, 325 किमी लंबी शहर की सीवर लाइनें : शहर में 230 छोटे-बड़े नाले हैं, इनमें 29 बड़े नालों की सफाई निर्माण विभाग टेंडर के जरिए कराता है। वर्ष 2025-26 में इस पर 4.75 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसमें नगर निगम के निर्माण विभाग का टेंडर 2.50 करोड़ और स्वास्थ्य विभाग का 2.25 करोड़ रुपये का था। वहीं, सीवर लाइनों की सफाई के लिए नगर निगम ने 72 लाख का टेंडर एक वर्ष के लिए दिया है। वर्ष 2024-25 में सीवर लाइनों की सफाई पर 60 लाख रुपये खर्च किए थे। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में नालो की सफाई पर नगर निगम ने 1.50 करोड़ खर्च किए थे। हड़ताल को मजबूर ठेका कर्मचारी : 2025-26 में सीवर लाइन का ठेका नगर निगम ने गाजियाबाद की फर्म आरके कंस्ट्रक्शन को दिया है। फर्म के मालिक रविंद्र के मुताबिक, उनके दो सुपरवाइजर व 45 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन्हें भुगतान के लिए नगर निगम की ओर से बजट नहीं दिया गया है, इसलिए कर्मचारी हड़ताल की बात कह रहे हैं, इसलिए कहा गया है कि दो-तीन दिन में भुगतान कर देंगे। (संवाद)
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छह माह से शहर में सीवर लाइनें उफना रही हैं। दस दिनों से सिकलापुर, बाग ब्रिगटान, आजमनगर, लाल मस्जिद, अहमद अली का तलाव, गंगापुर, कालीबाड़ी, होली चौराहा, सूफीटोला, जाटवपुरा, नरकुलागंज, राजेंद्रनगर, इंद्रानगर में हालात ज्यादा खराब हैं। शुक्रवार को नगर आयुक्त पटेल चौक पर सुपर सकर मशीन से सीवर लाइनों की सफाई कराने पहुंचे थे। सुबह चार बजे तक मशक्कत चली, पर समस्या हल नहीं हो सकी।
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230 छोटे-बड़े नाले, 325 किमी लंबी शहर की सीवर लाइनें : शहर में 230 छोटे-बड़े नाले हैं, इनमें 29 बड़े नालों की सफाई निर्माण विभाग टेंडर के जरिए कराता है। वर्ष 2025-26 में इस पर 4.75 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसमें नगर निगम के निर्माण विभाग का टेंडर 2.50 करोड़ और स्वास्थ्य विभाग का 2.25 करोड़ रुपये का था। वहीं, सीवर लाइनों की सफाई के लिए नगर निगम ने 72 लाख का टेंडर एक वर्ष के लिए दिया है। वर्ष 2024-25 में सीवर लाइनों की सफाई पर 60 लाख रुपये खर्च किए थे। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में नालो की सफाई पर नगर निगम ने 1.50 करोड़ खर्च किए थे। हड़ताल को मजबूर ठेका कर्मचारी : 2025-26 में सीवर लाइन का ठेका नगर निगम ने गाजियाबाद की फर्म आरके कंस्ट्रक्शन को दिया है। फर्म के मालिक रविंद्र के मुताबिक, उनके दो सुपरवाइजर व 45 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन्हें भुगतान के लिए नगर निगम की ओर से बजट नहीं दिया गया है, इसलिए कर्मचारी हड़ताल की बात कह रहे हैं, इसलिए कहा गया है कि दो-तीन दिन में भुगतान कर देंगे। (संवाद)
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