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Bareilly News: देवर ने पकड़े हाथ, पति ने हंसिये से रेता था अनीता का गला
Sun, 02 Nov 2025 01:24 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 02 Nov 2025 01:24 AM IST
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नवाबगंज (बरेली)। अनीता हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने शनिवर को पति अनिल, देवर सचिन, सास भगवानदेई, ससुर जमुना प्रसाद और चचिया ससुर महेश को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया। इनमें पति व देवर पर हत्या करने और बाकी पर दहेज उत्पीड़न का आरोप है। मुख्य आरोपी अनिल हवालात से लंगडाते हुए बाहर आया। पांचों आरोपियों के चेहरों पर खौफ पसरा था। जमुना प्रसाद ने कहा कि बहू की करतूतों ने हमारे परिवार को बर्बाद कर दिया। भगवानदेई की आंखें नम थीं।
सीओ नीलेश मिश्रा ने बताया कि घटनास्थल के हालात, मोबाइल की कॉल डिटेल, स्थानीय लोगों से पूछताछ आदि के आधार पर पुलिस ने पूरे परिवार को आरोपी माना है। इनमें मुख्य आरोपी अनिल ही है, जिसने हंसिये से गला रेतकर अनीता की हत्या की। चूंकि अनीता स्वस्थ थी और अकेले हत्या करना मुमकिन नहीं था तो अनिल ने भाई सचिन की मदद ली। सचिन उसके हाथ पकड़कर सीने पर बैठ गया। तब अनिल ने वारदात को अंजाम दिया। मंगलवार सुबह दस बजे हत्या कर दोनों भाई ताला लगाकर घर से चुपचाप निकल गए और शाम ढले लौटे।
ये है घटनाक्रम
बरेली-पीलीभीत हाईवे स्थित ओम सिटी में मंगलवार शाम घर का ताला तोड़कर अनीता का शव निकाला गया था। पास पड़े हंसिये से उसका गला काटा गया था। अनिल ने पुलिस को बताया था कि वह अनीता और छोटे भाई सचिन के साथ यहां रहता था। उसका बाकी परिवार कमुआ गांव के पुश्तैनी घर में रहता है। डेढ़ साल पहले उसका विवाह मोहल्ला बालाजी पुरम निवासी अनीता से हुआ था। सुबह दोनों भाई नाश्ता करके काम पर चले गए थे। लौटे तो देखा कि दरवाजे पर ताला पड़ा है। वह सोच रहे थे कि अनीता पड़ोस में गई होगी। जबकि कोई उसकी हत्या करके भाग गया।
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रोज की चिकचिक बनी हत्या की वजह
सीओ ने बताया कि अनिल का फुफेरे भाई की साली अनीता से प्रेम प्रसंग था। दोनों ने जिद की तो परिजनों ने उनकी शादी करा दी। इस शादी में अनीता का परिवार सिर्फ दिखावे के लिए शामिल हुआ। वहीं, नए जमाने की बहू अनीता सास-ससुर के साथ रहने और पाबंदी मानने के लिए तैयार नहीं थी। इसलिए अनिल उसे अपनी मेहनत की कमाई से कॉलोनी में बनाए घर में ले आया। यहां उसने भाई सचिन को भी साथ रख लिया। सीओ ने बताया कि शादी के बाद जहां खर्चे बढ़े थे, वहीं अनिल का खनन का काम भी मंदा चल रहा था। उसके सात पार्टनर में से पांच ही बचे थे। उसका विवाह से पहले का एक प्रेम प्रसंग था, जिसकी जानकारी उसने शुरू में मजाक के दौरान अनीता को दे दी थी। काम के सिलसिले में अनिल बाहर रहता तो अनीता उस पर शक करती थी। कुछ ऐसे हालात बने कि अनिल भी अनीता पर शक करने लगा। दोनों जैसे ही सामने आते, अक्सर झगड़ा होने लगता था। अनिल ने पुलिस को बताया कि वह बेहद तनाव में था और उसने उस दिन सुबह तानों से तंग होकर अनीता की हत्या कर दी।
परिजनों ने खींच लिए थे हाथ
थाना प्रभारी अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अनीता के सास, ससुर व चचिया ससुर घटनास्थल से काफी दूर गांव में थे। उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी, लेकिन उनके तानों की वजह से भी अनिल और अनीता का परिवार बर्बाद हुआ। इसलिए उन्हें दहेज उत्पीड़न का आरोपी बनाया गया। अनिल ने पुलिस को बताया कि उनके विवाद को शांत कराने की कोशिश न तो उसके घरवालों ने की, न ही ससुरालवालों ने। उसके घरवाले इस बात से नाराज थे कि बेटे ने उनकी मर्जी से शादी क्यों नहीं की? वहीं, ससुरालवाले अनीता की जिद से हुई शादी को लेकर दूरी बनाए रखते थे।
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सीओ नीलेश मिश्रा ने बताया कि घटनास्थल के हालात, मोबाइल की कॉल डिटेल, स्थानीय लोगों से पूछताछ आदि के आधार पर पुलिस ने पूरे परिवार को आरोपी माना है। इनमें मुख्य आरोपी अनिल ही है, जिसने हंसिये से गला रेतकर अनीता की हत्या की। चूंकि अनीता स्वस्थ थी और अकेले हत्या करना मुमकिन नहीं था तो अनिल ने भाई सचिन की मदद ली। सचिन उसके हाथ पकड़कर सीने पर बैठ गया। तब अनिल ने वारदात को अंजाम दिया। मंगलवार सुबह दस बजे हत्या कर दोनों भाई ताला लगाकर घर से चुपचाप निकल गए और शाम ढले लौटे।
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ये है घटनाक्रम
बरेली-पीलीभीत हाईवे स्थित ओम सिटी में मंगलवार शाम घर का ताला तोड़कर अनीता का शव निकाला गया था। पास पड़े हंसिये से उसका गला काटा गया था। अनिल ने पुलिस को बताया था कि वह अनीता और छोटे भाई सचिन के साथ यहां रहता था। उसका बाकी परिवार कमुआ गांव के पुश्तैनी घर में रहता है। डेढ़ साल पहले उसका विवाह मोहल्ला बालाजी पुरम निवासी अनीता से हुआ था। सुबह दोनों भाई नाश्ता करके काम पर चले गए थे। लौटे तो देखा कि दरवाजे पर ताला पड़ा है। वह सोच रहे थे कि अनीता पड़ोस में गई होगी। जबकि कोई उसकी हत्या करके भाग गया।
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रोज की चिकचिक बनी हत्या की वजह
सीओ ने बताया कि अनिल का फुफेरे भाई की साली अनीता से प्रेम प्रसंग था। दोनों ने जिद की तो परिजनों ने उनकी शादी करा दी। इस शादी में अनीता का परिवार सिर्फ दिखावे के लिए शामिल हुआ। वहीं, नए जमाने की बहू अनीता सास-ससुर के साथ रहने और पाबंदी मानने के लिए तैयार नहीं थी। इसलिए अनिल उसे अपनी मेहनत की कमाई से कॉलोनी में बनाए घर में ले आया। यहां उसने भाई सचिन को भी साथ रख लिया। सीओ ने बताया कि शादी के बाद जहां खर्चे बढ़े थे, वहीं अनिल का खनन का काम भी मंदा चल रहा था। उसके सात पार्टनर में से पांच ही बचे थे। उसका विवाह से पहले का एक प्रेम प्रसंग था, जिसकी जानकारी उसने शुरू में मजाक के दौरान अनीता को दे दी थी। काम के सिलसिले में अनिल बाहर रहता तो अनीता उस पर शक करती थी। कुछ ऐसे हालात बने कि अनिल भी अनीता पर शक करने लगा। दोनों जैसे ही सामने आते, अक्सर झगड़ा होने लगता था। अनिल ने पुलिस को बताया कि वह बेहद तनाव में था और उसने उस दिन सुबह तानों से तंग होकर अनीता की हत्या कर दी।
परिजनों ने खींच लिए थे हाथ
थाना प्रभारी अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अनीता के सास, ससुर व चचिया ससुर घटनास्थल से काफी दूर गांव में थे। उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी, लेकिन उनके तानों की वजह से भी अनिल और अनीता का परिवार बर्बाद हुआ। इसलिए उन्हें दहेज उत्पीड़न का आरोपी बनाया गया। अनिल ने पुलिस को बताया कि उनके विवाद को शांत कराने की कोशिश न तो उसके घरवालों ने की, न ही ससुरालवालों ने। उसके घरवाले इस बात से नाराज थे कि बेटे ने उनकी मर्जी से शादी क्यों नहीं की? वहीं, ससुरालवाले अनीता की जिद से हुई शादी को लेकर दूरी बनाए रखते थे।