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हाईब्लड प्रेशर और टेंशन के शिकार हो रहे दरोगा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 21 Sep 2018 05:04 PM IST
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यूपी पुलिस
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शहर के थानों में रोजाना दर्ज होने वाली एफआईआर से दरोगाओं की मुसीबत आ गई है। ज्यादातर दरोगा हाइपर टेंशन और हाई ब्लडप्रेशर के शिकार हो रहे हैं। उनका कहना है कि लाइन आर्डर कंट्रोल के साथ घटनाओं की जांच करना मुसीबत से कम नहीं है, लेकिन कोई भी दरोगा विभागीय अफसर के खिलाफ मुंह खोलने को तैयार नहीं।
शहर के बारादरी और इज्जतनगर थाने के आंकड़ों को देखें तो रिपोर्ट दर्ज होने में बारादरी नंबर एक पर है। बारादरी में सोमवार तक 1276 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। हर दरोगा के पास करीब 50 मुकदमों की जांचें हैं। जांच रिपोर्ट जल्द देने पर भी अधिकारियों का दबाव रहता है। इसके बाद क्षेत्र में कोई घटना हो जाए तो उसका भी जवाब देना होता है। लाइन हाजिर होना भी है। ऐसे में आईओ दबाब में काम कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो ज्यादातर दरोगा हाइपर टेंशन और हाईब्लड प्रेशर के शिकार हो रहे हैं, लेकिन अधिकारियों के खिलाफ मुंह खोलने को कोी तैयार नहीं। पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि इसी तरह से एफआईआर दर्ज होती रहीं तो कांस्टेबल को आईओ बनाना पड़ेगा।
थाना एफआईआर (सोमवार तक)
बारादरी 1276
किला 399
सुभाषनगर 692
प्रेमनगर 556
इज्जतनगर 952
कैंट 486
कोतवाली 850
बिथरी चैनपुर 361
सीबी गंज 483
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शहर के बारादरी और इज्जतनगर थाने के आंकड़ों को देखें तो रिपोर्ट दर्ज होने में बारादरी नंबर एक पर है। बारादरी में सोमवार तक 1276 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। हर दरोगा के पास करीब 50 मुकदमों की जांचें हैं। जांच रिपोर्ट जल्द देने पर भी अधिकारियों का दबाव रहता है। इसके बाद क्षेत्र में कोई घटना हो जाए तो उसका भी जवाब देना होता है। लाइन हाजिर होना भी है। ऐसे में आईओ दबाब में काम कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो ज्यादातर दरोगा हाइपर टेंशन और हाईब्लड प्रेशर के शिकार हो रहे हैं, लेकिन अधिकारियों के खिलाफ मुंह खोलने को कोी तैयार नहीं। पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि इसी तरह से एफआईआर दर्ज होती रहीं तो कांस्टेबल को आईओ बनाना पड़ेगा।
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थाना एफआईआर (सोमवार तक)
बारादरी 1276
किला 399
सुभाषनगर 692
प्रेमनगर 556
इज्जतनगर 952
कैंट 486
कोतवाली 850
बिथरी चैनपुर 361
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