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भाजपाइयों ने कहा- बरेली में विकास की गंगा, विरोधी बोले- यहां सिर्फ गड्ढों में गोते खाइए
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सत्ता के संग्राम में स्टेडियममें अपनी बात रखते खिलाड़ी।
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बरेली पहुंचा ‘अमर उजाला’ का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’, सत्ता और विरोधी पक्ष के साथ महिलाओं-युवाओं के साथ भी हुई चुनावी चर्चा
बरेली। आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बरेली में राजनीतिक दलों का एजेंडा क्या होगा। सिर्फ जाति-धर्म पर सियासत होगी या कुछ नया देखने को मिलेगा। बरेली के लोग सत्ताधारी दल के कामकाज को कैसे देखते हैं, भाजपा को लेकर उनके मन में क्या है और वे विपक्षी दलों को मौका देने के बारे में क्या सोच रहे हैं, इन सवालों का जवाब जानने के लिए ‘अमर उजाला’ का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ रविवार को शहर में राजनीतिक दलों के बीच पहुंचा। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के साथ उनके समर्थक भी मौजूद थे। भाजपा के लोगों ने कहा कि शहर स्मार्ट सिटी के रथ पर सवार है और पिछले पांच वर्षों में यहां विकास की गंगा बही है। विपक्षी दलों ने कहा कि बरेली में स्मार्ट सिटी सिर्फ कागजों में हैं। लोग गड्ढों में गोते खा रहे हैं। सीवर लाइन बिछाने में धांधली हुई है। यातायात व्यवस्था इतनी ध्वस्त हो चुकी है कि लोग घर से निकलने से पहले कई बार सोचते हैं। विरोधियों ने महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए।
शहर में बने आठ पुल, एयरपोर्ट, जेल गए स्मैक तस्कर : भाजपा
सत्ताधारी दल भाजपा का पक्ष जिलाध्यक्ष पवन शर्मा और महानगर अध्यक्ष केएम अरोड़ा ने रखा। दोनों नेताओं ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि कोविड के दौरान सरकार का प्रबंधन बहुत अच्छा रहा। भाजपा सरकार ने ही एयरपोर्ट शुरू कराया। आईवीआरआई पुल, रामगंगा पुल, सेटेलाइट पुल, अटल सेतु और नकटिया समेत आठ पुलों का निर्माण कराया। पचास साल से शहर में सीवर लाइन नहीं बदली गई थी जिसे बदलवाया गया। नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण प्लांट की दिशा में काम किया ताकि शहर स्वच्छ बन सके। कई स्मैक तस्कर जिन्हें पिछली सरकारों में संरक्षण दिया गया, सरकार उन्हें जेल भेज रही है। पहले सड़क चलते महिलाओं की चेन लुट जाती थी। आज चेन स्नेचिंग का कोई केस किसी थाने में दर्ज नहीं है।
ज्यादातर विकास अखिलेश ने कराया, अब सिर्फ जुमलों में विकास : सपा
समाजवादी पार्टी की ओर से जिला उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल और जिला प्रवक्ता मयंक शुक्ला मोंटी ने पक्ष रखा। मयंक शुक्ला ने कहा कि भाजपा का विकास सिर्फ जुमलों में हो रहा है। असलियत यह है कि 2017 में आदित्यनाथ सरकार ने अगस्त तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की बात कही थी, मगर आज पूरा प्रदेश गड्ढा युक्त है। बरेली शहर तो गड्डों में ही है। अखिलेश सरकार में तीन सौ बेड अस्पताल बना जिसने कोविड काल में पूरे मंडल के हजारों लोगों की जान बचाई। एयरपोर्ट भी सपा शासन में तैयार हुआ, आईवीआरआई पुल को हरी झंडी सपा शासन ने दी। राजेश अग्रवाल ने कहा कि शहर में कहने को तो स्मार्ट सिटी के तहत काम हो रहा है लेकिन सीवर लाइन में ही धांधली की गई। जहां सीवर लाइन खत्म हुई वहां पुरानी लाइन है। बिना प्लानिंग पूरा शहर खोदकर डाल दिया गया। अधिकारी भाजपा नेताआें की ही नहीं सुनते, आम जनता की क्या सुनेंगे।
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भाजपा के दावे फर्जी, धर्म के नाम पर भी छलती है ये पार्टी : कांग्रेस
कांग्रेस की ओर से जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी और महानगर अध्यक्ष अजय शुक्ला ने कहा कि शहर में सड़कों का हाल किसी से छिपा नहीं है। इससे भी खराब हालात देहात के हैं। सरकार विकास के दावे कर रही है लेकिन हकीक त में कहीं कुछ दिख नहीं रहा। कई उद्योग और व्यापार चौपट हो चुके हैं। कोई नई फैक्टरी नहीं लग सकी है लेकिन सरकार रोजगार के फर्जी दावे करती है और गलत आंकड़े पेश कर लोगों को भ्रमित कर रही है। कांग्रेस नेता कृष्णकांत शर्मा ने कहा कि ये लोग मंदिर-गाय के नाम पर सत्ता में आए और आज बरेली की गोशाला में गायें मर रही है, सड़कों पर कूड़ा खा रही हैं। मंदिरों में बेशुमार गंदगी है, सफाई नहीं हो रही है। यह देखकर दर्द होता है कि यह लोग धर्म के नाम पर भी लोगाें को छल रहे हैं। कोविड के नाम पर झूठ फैला रहे हैं। बरेली में ऑक्सीजन की कमी से लोग भटकते रहे।
भाजपा शासन में बेरोजगारी बढ़ी, फर्जी दावों से लोगों को छला गया : बसपा
बसपा की ओर से आए मंडल प्रभारी राजेंद्र गौतम और कैंट विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष राजेश सागर ने कहा कि भाजपा की सरकार में कोई काम नहीं हुआ। बेरोजगारी बढ़ी है, विकास के नाम पर सिर्फ लोगों को छला गया है। अपराध बढ़ गए हैं, इनके नेता कोई काम नहीं गिना सकते हैं। दो मिनट बोलने के बाद ही मोदी-योगी के नाम पर वोट मांगने लगते हैं। उन्होंने कहा कि बरेली में ही अपराध का ग्राफ बढ़ा है और भाजपा के लोग पता नहीं कहां से फर्जी दावे कर रहे हैं। कोविड काल में भाजपा सरकार के कुप्रबंधन के कारण शहर के तमाम लोगों को जान गंवानी पड़ी।
यह लोग रहे कार्यक्रम में मौजूद
भाजपा से युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष मुकेश राजपूत, महानगर युवा मोर्चा अध्यक्ष अमन सक्सेना, अधीर सक्सेना, मीडिया प्रभारी बंटी ठाकुर, शीतल गुलाटी, पुष्पेंद्र पटेल, अभिषेक गुप्ता मौजूद रहे। कांग्रेस से जिया उर रहमान, कमलेश ठाकुर, दिनेश दद्दा, हरीश गंगवार, जुनैद हसन, पाकीजा खान, हाजी इस्लाम बब्बू, सुचित्रा सिंह, कुमकुम शर्मा, विजय मौर्या, योगेश जौहरी, सलिल शुक्ला, पंकज शर्मा, सुरेंद्र सोनकर व बिलाल कुरैशी समेत अन्य मौजूद रहे।
महिलाओं ने पूछा- एंटी रोमियो स्कवाड अब क्यों नहीं दिखता
बरेली। अमर उजाला के चुनावी रथ रविवार को राजेंद्र नगर के जनकपुरी पार्क में आधी आबादी के बीच पहुंचा जहां महिलाओं ने कहा कि सरकार अच्छा कर रही है लेकिन सुरक्षा और रोजगार की भी गारंटी ले। योगी सरकार आने के बाद गर्ल्स स्कूलों के बाहर एंटी रोमियो स्क्वाड रहता था जो अब कहीं नहीं दिखता।
स्वाति गुप्ता ने कहा कि एंटी रोमियो स्क्वाड के सक्रिय रहने से छात्राएं सुरक्षित महसूस करती थी लेकिन अब फिर वही हाल है। रचना सक्सेना ने कहा कि योगी सरकार काम अच्छा कर रही है। महिलाआें को खुद भी स्वालंबी बनने की जरूरत है। सामाजिक कार्यकर्ता मनु नीरज ने कहा कि महिला सुरक्षा पर काम क्यों नहीं हो रहा है। एक महिला सिपाही अपने उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा पाती है तो आम लोगों का क्या हाल होगा। शालिनी जौहरी ने कहा शहर में महिलाएं पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं। उज्जवला योजना के तहत हर घर तक सिलिंडर पहुंचा है। शिल्पी अरोड़ा ने कहा कि शहर में सड़काें का हाल खराब है। किरन पाठक ने कहा कि महिलाओं के हाथ में रोजगार आना चाहिए। सरकार उनकी मदद करे। प्रियंका ने कहा, सरकार हर क्षेत्र में अव्वल है। सुधा सक्सेना ने कहा सरकारी योजनाआें का अधिकारी प्रचार-प्रसार नहीं कर रहे हैं। प्रतीक्षा शर्मा ने कहा हमारा संगठन महिलाआें को स्वालंबी बनाने में मदद कर रहा है।
इन्हाेंने भी रखी बात
पूनम गौतम, रेनू बाजवा, अर्चना बब्बर, हेमा, ऋतु, सीमा, अनुराधा, नीमा, प्रतीक्षा शर्मा, सीमा प्रधान, रेनू, शिल्पी, मंगलेश सक्सेना, प्रतिभा जौहरी, अनीता गोयल, शीला यादव, अनीता, वीना, पूनम, रागिनी, सुमन, राजश्री, भगवान देवी समेत अन्य कई महिलाएं मौजूद रहीं।
दो साल से सेना भर्ती नहीं ओवर एज हो रहे हैं युवा
बरेली। विधानसभा चुनाव 2022 के लिए सभी दलाें की नजर युवाआें पर है। रविवार को अमर उजाला का चुनावी रथ डोरीलाल स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंचा तो युवाआें ने चेहरों को दरकिनार करते हुए एक सुर में कहा कि सरकार को युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने के साथ ग्रामीण स्तर तक मिनी स्टेडियम बनाने चाहिए। शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त कर यातायात व्यवस्था भी दुरुस्त करनी चाहिए।
गौरव शर्मा ने कहा खेलकूद, शिक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में काम करने की जरूरत है। गुरप्रीत ने कहा सरकार को रोजगार पैदा करने चाहिए। केशव यादव ने कहा दो साल से आर्मी की भर्ती नहीं हुई है। पिछले माह 22 अक्तूबर को आर्मी भर्ती के नाम से फर्जी लिंक चलता रहा, कई युवा फैजाबाद पहुंच गए तो पता चला कोई भर्ती ही नहीं निकाली गई है। पुनीत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेडियम बनने की जरूरत है। प्रज्ञा ने कहा कि बरेली कॉलेज में आए दिन झगड़े होते हैं। यहां मैनेजमेंट अच्छा करने की आवश्यकता है। शगुन शर्मा ने कहा कि सुभाषनगर से रोजाना स्टेडियम आती हूं, ट्रैफिक में फंसी रहती हूं। यातायात व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। कमल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेडियम बनाए जाएं। सौरभ गंगवार ने कहा कि स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था अच्छी नहीं है। इसके अलावा आयुष गुप्ता, सचिन शर्मा, आशीष कुमार, नितेश भारद्वाज, शालू, कार्तिके, रितेश, सौरभ समेत अन्य कई युवाआें ने अपनी बात रखी।
शहर की हालत पर कोई खुश कोई मायूस
बरेली। अमर उजाला का चुनावी रथ रविवार सुबह आठ बजे बरेली पहुंचा तो पहला पड़ाव गांधी उद्यान के बाहर चाय का स्टाल था। चाय की चुस्की ले रहे लोगों के साथ टीम ने शहर का हाल जाना और चुनाव को लेकर मूड भांपने की कोशिश की। किसी ने तो शहर को स्मार्ट बताया तो ज्यादातर ने कहा कि सड़कों का हाल ऐसा है कि चलने लायक ही नहीं रह गया है यह शहर।
अनूप यादव ने कहा बरेली को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां सड़कें चलने लायक तक नहीं हैं। विकास का कोई काम नहीं हुआ है। मधुरेश ने कहा कि सरकार रोजगार नहीं दे रही है। सिर्फ फार्म निकलते हैं, नौकरी नहीं मिलती है। विशाल मेहरोत्रा ने कहा शहर में गड्ढे हैं, यह ठीक है लेकिन जब विकास होता है तो थोड़ी परेशानियां भी होती है। शहर स्मार्ट हो रहा है। अतुल कपूर ने कहा शहर में कई फ्लाईओवर योगी सरकार में बनाए गए हैं। सीवर लाइन डाली गई है। स्मार्ट सिटी के तहत काम तेजी से हो रहा है। एक बड़ी समस्या है कि अधिकारी नहीं सुनते हैं। प्रेम साहनी और अमन रस्तोगी ने कहा कि सरकार में काम हो रहा है। पंकज पांडे ने कहा कि सड़कें नए सिरे से बन रही है तो परेशानी होगी और समय लगेगा ही। इसके अलावा संजीव अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, नंदू यादव, राजीव खुराना, यश पांडे, अंकुर पांडे, केशव शर्मा, शिवम, विनीत मौजूद रहे।
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बरेली। आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बरेली में राजनीतिक दलों का एजेंडा क्या होगा। सिर्फ जाति-धर्म पर सियासत होगी या कुछ नया देखने को मिलेगा। बरेली के लोग सत्ताधारी दल के कामकाज को कैसे देखते हैं, भाजपा को लेकर उनके मन में क्या है और वे विपक्षी दलों को मौका देने के बारे में क्या सोच रहे हैं, इन सवालों का जवाब जानने के लिए ‘अमर उजाला’ का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ रविवार को शहर में राजनीतिक दलों के बीच पहुंचा। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के साथ उनके समर्थक भी मौजूद थे। भाजपा के लोगों ने कहा कि शहर स्मार्ट सिटी के रथ पर सवार है और पिछले पांच वर्षों में यहां विकास की गंगा बही है। विपक्षी दलों ने कहा कि बरेली में स्मार्ट सिटी सिर्फ कागजों में हैं। लोग गड्ढों में गोते खा रहे हैं। सीवर लाइन बिछाने में धांधली हुई है। यातायात व्यवस्था इतनी ध्वस्त हो चुकी है कि लोग घर से निकलने से पहले कई बार सोचते हैं। विरोधियों ने महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए।
शहर में बने आठ पुल, एयरपोर्ट, जेल गए स्मैक तस्कर : भाजपा
सत्ताधारी दल भाजपा का पक्ष जिलाध्यक्ष पवन शर्मा और महानगर अध्यक्ष केएम अरोड़ा ने रखा। दोनों नेताओं ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि कोविड के दौरान सरकार का प्रबंधन बहुत अच्छा रहा। भाजपा सरकार ने ही एयरपोर्ट शुरू कराया। आईवीआरआई पुल, रामगंगा पुल, सेटेलाइट पुल, अटल सेतु और नकटिया समेत आठ पुलों का निर्माण कराया। पचास साल से शहर में सीवर लाइन नहीं बदली गई थी जिसे बदलवाया गया। नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण प्लांट की दिशा में काम किया ताकि शहर स्वच्छ बन सके। कई स्मैक तस्कर जिन्हें पिछली सरकारों में संरक्षण दिया गया, सरकार उन्हें जेल भेज रही है। पहले सड़क चलते महिलाओं की चेन लुट जाती थी। आज चेन स्नेचिंग का कोई केस किसी थाने में दर्ज नहीं है।
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समाजवादी पार्टी की ओर से जिला उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल और जिला प्रवक्ता मयंक शुक्ला मोंटी ने पक्ष रखा। मयंक शुक्ला ने कहा कि भाजपा का विकास सिर्फ जुमलों में हो रहा है। असलियत यह है कि 2017 में आदित्यनाथ सरकार ने अगस्त तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की बात कही थी, मगर आज पूरा प्रदेश गड्ढा युक्त है। बरेली शहर तो गड्डों में ही है। अखिलेश सरकार में तीन सौ बेड अस्पताल बना जिसने कोविड काल में पूरे मंडल के हजारों लोगों की जान बचाई। एयरपोर्ट भी सपा शासन में तैयार हुआ, आईवीआरआई पुल को हरी झंडी सपा शासन ने दी। राजेश अग्रवाल ने कहा कि शहर में कहने को तो स्मार्ट सिटी के तहत काम हो रहा है लेकिन सीवर लाइन में ही धांधली की गई। जहां सीवर लाइन खत्म हुई वहां पुरानी लाइन है। बिना प्लानिंग पूरा शहर खोदकर डाल दिया गया। अधिकारी भाजपा नेताआें की ही नहीं सुनते, आम जनता की क्या सुनेंगे।
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भाजपा के दावे फर्जी, धर्म के नाम पर भी छलती है ये पार्टी : कांग्रेस
कांग्रेस की ओर से जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी और महानगर अध्यक्ष अजय शुक्ला ने कहा कि शहर में सड़कों का हाल किसी से छिपा नहीं है। इससे भी खराब हालात देहात के हैं। सरकार विकास के दावे कर रही है लेकिन हकीक त में कहीं कुछ दिख नहीं रहा। कई उद्योग और व्यापार चौपट हो चुके हैं। कोई नई फैक्टरी नहीं लग सकी है लेकिन सरकार रोजगार के फर्जी दावे करती है और गलत आंकड़े पेश कर लोगों को भ्रमित कर रही है। कांग्रेस नेता कृष्णकांत शर्मा ने कहा कि ये लोग मंदिर-गाय के नाम पर सत्ता में आए और आज बरेली की गोशाला में गायें मर रही है, सड़कों पर कूड़ा खा रही हैं। मंदिरों में बेशुमार गंदगी है, सफाई नहीं हो रही है। यह देखकर दर्द होता है कि यह लोग धर्म के नाम पर भी लोगाें को छल रहे हैं। कोविड के नाम पर झूठ फैला रहे हैं। बरेली में ऑक्सीजन की कमी से लोग भटकते रहे।
भाजपा शासन में बेरोजगारी बढ़ी, फर्जी दावों से लोगों को छला गया : बसपा
बसपा की ओर से आए मंडल प्रभारी राजेंद्र गौतम और कैंट विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष राजेश सागर ने कहा कि भाजपा की सरकार में कोई काम नहीं हुआ। बेरोजगारी बढ़ी है, विकास के नाम पर सिर्फ लोगों को छला गया है। अपराध बढ़ गए हैं, इनके नेता कोई काम नहीं गिना सकते हैं। दो मिनट बोलने के बाद ही मोदी-योगी के नाम पर वोट मांगने लगते हैं। उन्होंने कहा कि बरेली में ही अपराध का ग्राफ बढ़ा है और भाजपा के लोग पता नहीं कहां से फर्जी दावे कर रहे हैं। कोविड काल में भाजपा सरकार के कुप्रबंधन के कारण शहर के तमाम लोगों को जान गंवानी पड़ी।
यह लोग रहे कार्यक्रम में मौजूद
भाजपा से युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष मुकेश राजपूत, महानगर युवा मोर्चा अध्यक्ष अमन सक्सेना, अधीर सक्सेना, मीडिया प्रभारी बंटी ठाकुर, शीतल गुलाटी, पुष्पेंद्र पटेल, अभिषेक गुप्ता मौजूद रहे। कांग्रेस से जिया उर रहमान, कमलेश ठाकुर, दिनेश दद्दा, हरीश गंगवार, जुनैद हसन, पाकीजा खान, हाजी इस्लाम बब्बू, सुचित्रा सिंह, कुमकुम शर्मा, विजय मौर्या, योगेश जौहरी, सलिल शुक्ला, पंकज शर्मा, सुरेंद्र सोनकर व बिलाल कुरैशी समेत अन्य मौजूद रहे।
महिलाओं ने पूछा- एंटी रोमियो स्कवाड अब क्यों नहीं दिखता
बरेली। अमर उजाला के चुनावी रथ रविवार को राजेंद्र नगर के जनकपुरी पार्क में आधी आबादी के बीच पहुंचा जहां महिलाओं ने कहा कि सरकार अच्छा कर रही है लेकिन सुरक्षा और रोजगार की भी गारंटी ले। योगी सरकार आने के बाद गर्ल्स स्कूलों के बाहर एंटी रोमियो स्क्वाड रहता था जो अब कहीं नहीं दिखता।
स्वाति गुप्ता ने कहा कि एंटी रोमियो स्क्वाड के सक्रिय रहने से छात्राएं सुरक्षित महसूस करती थी लेकिन अब फिर वही हाल है। रचना सक्सेना ने कहा कि योगी सरकार काम अच्छा कर रही है। महिलाआें को खुद भी स्वालंबी बनने की जरूरत है। सामाजिक कार्यकर्ता मनु नीरज ने कहा कि महिला सुरक्षा पर काम क्यों नहीं हो रहा है। एक महिला सिपाही अपने उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा पाती है तो आम लोगों का क्या हाल होगा। शालिनी जौहरी ने कहा शहर में महिलाएं पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं। उज्जवला योजना के तहत हर घर तक सिलिंडर पहुंचा है। शिल्पी अरोड़ा ने कहा कि शहर में सड़काें का हाल खराब है। किरन पाठक ने कहा कि महिलाओं के हाथ में रोजगार आना चाहिए। सरकार उनकी मदद करे। प्रियंका ने कहा, सरकार हर क्षेत्र में अव्वल है। सुधा सक्सेना ने कहा सरकारी योजनाआें का अधिकारी प्रचार-प्रसार नहीं कर रहे हैं। प्रतीक्षा शर्मा ने कहा हमारा संगठन महिलाआें को स्वालंबी बनाने में मदद कर रहा है।
इन्हाेंने भी रखी बात
पूनम गौतम, रेनू बाजवा, अर्चना बब्बर, हेमा, ऋतु, सीमा, अनुराधा, नीमा, प्रतीक्षा शर्मा, सीमा प्रधान, रेनू, शिल्पी, मंगलेश सक्सेना, प्रतिभा जौहरी, अनीता गोयल, शीला यादव, अनीता, वीना, पूनम, रागिनी, सुमन, राजश्री, भगवान देवी समेत अन्य कई महिलाएं मौजूद रहीं।
दो साल से सेना भर्ती नहीं ओवर एज हो रहे हैं युवा
बरेली। विधानसभा चुनाव 2022 के लिए सभी दलाें की नजर युवाआें पर है। रविवार को अमर उजाला का चुनावी रथ डोरीलाल स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंचा तो युवाआें ने चेहरों को दरकिनार करते हुए एक सुर में कहा कि सरकार को युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने के साथ ग्रामीण स्तर तक मिनी स्टेडियम बनाने चाहिए। शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त कर यातायात व्यवस्था भी दुरुस्त करनी चाहिए।
गौरव शर्मा ने कहा खेलकूद, शिक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में काम करने की जरूरत है। गुरप्रीत ने कहा सरकार को रोजगार पैदा करने चाहिए। केशव यादव ने कहा दो साल से आर्मी की भर्ती नहीं हुई है। पिछले माह 22 अक्तूबर को आर्मी भर्ती के नाम से फर्जी लिंक चलता रहा, कई युवा फैजाबाद पहुंच गए तो पता चला कोई भर्ती ही नहीं निकाली गई है। पुनीत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेडियम बनने की जरूरत है। प्रज्ञा ने कहा कि बरेली कॉलेज में आए दिन झगड़े होते हैं। यहां मैनेजमेंट अच्छा करने की आवश्यकता है। शगुन शर्मा ने कहा कि सुभाषनगर से रोजाना स्टेडियम आती हूं, ट्रैफिक में फंसी रहती हूं। यातायात व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। कमल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेडियम बनाए जाएं। सौरभ गंगवार ने कहा कि स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था अच्छी नहीं है। इसके अलावा आयुष गुप्ता, सचिन शर्मा, आशीष कुमार, नितेश भारद्वाज, शालू, कार्तिके, रितेश, सौरभ समेत अन्य कई युवाआें ने अपनी बात रखी।
शहर की हालत पर कोई खुश कोई मायूस
बरेली। अमर उजाला का चुनावी रथ रविवार सुबह आठ बजे बरेली पहुंचा तो पहला पड़ाव गांधी उद्यान के बाहर चाय का स्टाल था। चाय की चुस्की ले रहे लोगों के साथ टीम ने शहर का हाल जाना और चुनाव को लेकर मूड भांपने की कोशिश की। किसी ने तो शहर को स्मार्ट बताया तो ज्यादातर ने कहा कि सड़कों का हाल ऐसा है कि चलने लायक ही नहीं रह गया है यह शहर।
अनूप यादव ने कहा बरेली को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां सड़कें चलने लायक तक नहीं हैं। विकास का कोई काम नहीं हुआ है। मधुरेश ने कहा कि सरकार रोजगार नहीं दे रही है। सिर्फ फार्म निकलते हैं, नौकरी नहीं मिलती है। विशाल मेहरोत्रा ने कहा शहर में गड्ढे हैं, यह ठीक है लेकिन जब विकास होता है तो थोड़ी परेशानियां भी होती है। शहर स्मार्ट हो रहा है। अतुल कपूर ने कहा शहर में कई फ्लाईओवर योगी सरकार में बनाए गए हैं। सीवर लाइन डाली गई है। स्मार्ट सिटी के तहत काम तेजी से हो रहा है। एक बड़ी समस्या है कि अधिकारी नहीं सुनते हैं। प्रेम साहनी और अमन रस्तोगी ने कहा कि सरकार में काम हो रहा है। पंकज पांडे ने कहा कि सड़कें नए सिरे से बन रही है तो परेशानी होगी और समय लगेगा ही। इसके अलावा संजीव अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, नंदू यादव, राजीव खुराना, यश पांडे, अंकुर पांडे, केशव शर्मा, शिवम, विनीत मौजूद रहे।

सत्ता के संग्राम में अपनी बात रखतीं महिलाएं।

सत्ता के संग्राम में चाय पर चर्चा करते लोग।