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भाजपा सांसद का आरोप: गांव से लेकर तहसील तक है भ्रष्टाचार, DM ने कहा- कहने से नहीं बनेगी बात, लिखकर दीजिए

Sun, 02 Jul 2023 06:01 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 02 Jul 2023 06:01 AM IST
सार

दिशा की बैठक में भाजपा सांसद ने कहा कि गांव से लेकर तहसील तक भ्रष्टाचार फैला है। अफसर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो जिलाधिकारी ने खुद मोर्चा संभाला। कहा, सिर्फ कहने से व्यवस्था नहीं बदलेगी। आप लिखकर दीजिए।

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BJP MPs accused of corruption from village to tehsil in meeting
दिशा की बैठक में जनप्रतिनिधि व अफसर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के विकास भवन में शनिवार को जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई। विभिन्न सरकारी योजनाओं की ढाई घंटे तक चली समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने जमीनी हकीकत उजागर कर भ्रष्टाचार के आरोपों की झड़ी लगा दी। सांसद ने कहा कि गांव से लेकर तहसील तक भ्रष्टाचार फैला है। अफसर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो जिलाधिकारी ने खुद मोर्चा संभाला। वह बोले- सिर्फ कहने से व्यवस्था नहीं बदलेगी। आप लिखकर दीजिए।

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आंवला के सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने गांव से तहसील तक भ्रष्टाचार की बात को स्पष्ट किया। बोले- लेखपालों ने अपने निजी कर्मचारी रख लिए हैं। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र की रिपोर्ट अपलोड करने के नाम पर यही निजी कर्मचारी सुविधा शुल्क लेते हैं। रुपये लेखपाल की जेब में जाते हैं। 
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संतोष गंगवार ने भी लगाए आरोप 

इसी बात को आगे बढ़ाते हुए बरेली के सांसद संतोष गंगवार ने कहा कि सारे अवैध लेनदेन निजी कर्मचारी करता है और पकड़ा भी नहीं जाता। लेखपाल भी बाल-बाल बचे रहते हैं। इस पर डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने जवाब दिया कि सिर्फ कहने भर से व्यवस्था नहीं बदलेगी। आप सभी लिखित शिकायत कीजिए।

यह सुनते ही कई ब्लॉक प्रमुख बोल पड़े- ग्राम पंचायत अधिकारी और जेई ने भी निजी कर्मचारी रख लिए हैं। जल जीवन मिशन में प्रशिक्षण देने के लिए एनजीओ वसूली कर रहा है। कुछ लोग पेयजल आपूर्ति के संचालन के लिए सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बीस हजार से लेकर एक-एक लाख रुपये तक वसूल रहे हैं। 

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इस पर डीएम ने कहा कि अगर ऐसा है तो उस व्यक्ति की ओर से तहरीर दिलाएं, जिससे रुपये लिए गए या मांगे गए। मांगने वाले को नामजद कराइए। अगर रुपये लिए गए हैं तो सबसे पहले वापस कराएंगे। फिर उसे जेल भी भेजा जाएगा। नवाबगंज के विधायक एमपी आर्य ने ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए सामान समय पर न दिए जाने का मुद्दा उठाया। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि किसान अपने खेत में पेड़ लगाएं। पेड़ निशुल्क मिलेगा। मजदूरी मनरेगा से मिलेगी।
 

जेई ने स्वीकारा- मिल रहीं शिकायतें

बिथरी चैनपुर के ब्लॉक प्रमुख की शिकायत पर जल निगम की अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार ने स्वीकार किया कि वसूली की शिकायतें उनके पास भी आई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कोई नौकरी नहीं मिल रही है। किसी को एक रुपये भी न दें। फिर भी कोई झांसा देकर मांगे तो उन्हें बताएं, तत्काल कार्रवाई कराएंगी।

उखड़ी सड़कें कब बनेंगी

विधायकों और सांसदों ने सड़कों की बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। सांसद संतोष गंगवार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों की हालत बेहद खराब है। आटामांडा से धौराटांडा मार्ग खराब होने का मामला उन्होंने पहले भी उठाया था। अभी तक कुछ नहीं हुआ। 

अधिशासी अभियंता ने कहा कि मंजूरी मिल गई है। काम जल्दी शुरू कराएंगे। विधायक डॉ. एमपी आर्या, बिथरी के विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने कहा कि बारिश सिर पर है। क्षेत्र की कई सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। अफसर बताएं कि कब तक ठीक कराएंगे।

बारिश में डामर रोड क्यों बना रहे

सांसद घर्मेंद्र कश्यप ने लाल फाटक से रामगंगा तक मार्ग के चौड़ीकरण का मुद्दा उठाया। बोले- बारिश के दौरान डामर रोड नहीं बनाई जाती, फिर क्यों बनाई जा रही? उन्होंने खुद काम रुकवाया है। ऐसा रहेगा तो सड़क को मजबूती कैसे मिलेगी? तब लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नारायण सिंह ने जवाब दिया कि अब ऐसा नहीं होने देंगे। 

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सांसद ने कहा कि विशारतगंज से अलीगंज मार्ग प्रधानमंत्री सड़क योजना से बनाया जा रहा है। सड़क अभी तक पूरी नहीं हुई। कई और सड़कें ऐसे ही उखड़ी पड़ी हैं। बदायूं रोड पर लाल फाटक ओवर ब्रिज पर लाइटें नहीं लगीं। सावन में हादसों का खतरा है। फतेहगंज पूर्वी से दातागंज मार्ग पर बड़े बड़े गड्ढे हैं।

सड़क खोदी पर बनाई नहीं

नवाबगंज के विधायक एमपी आर्य ने कहा कि जल निगम में हर घर नल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़कें खोद कर डाल दी गईं। सड़कें ठीक नहीं कराईं गईं। मैं गांव तक नहीं पहुंच पाया। डीएम ने जल निगम की अधिशासी अभियंता से कहा कि खुद देखें और सड़क पहले जैसी हालत में होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई करें।

जनप्रतिनिधियों ने ये मुद्दे भी उठाए

  • अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने करोड़ों रुपये खर्च करके पॉलीटेक्निक कॉलेज सात वर्ष पहले बनाया था। अभी तक पढ़ाई शुरू नहीं हुई। भवन जर्जर होने लगा।
  • भदपुरा में मनरेगा के एक टेक्निकल असिस्टेंट ने दस हजार रुपये घूस मांगी। इसकी ऑडियो रिकार्डिंग भी डीसी मनरेगा को भेजी पर कार्रवाई नहीं हुई।
  • सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च हुए पर ताला पड़े रहते हैं। जरूरतमंद देखकर लौट जाते है

 
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