फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Bhojipura: Triangular contest on issues of caste-religion

भोजीपुरा : जाति-धर्म के मुद्दों पर त्रिकोणीय मुकाबला

Fri, 11 Feb 2022 02:09 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 11 Feb 2022 02:09 AM IST
विज्ञापन
Bhojipura: Triangular contest on issues of caste-religion
बरेली। भोजीपुरा में जाति-धर्म के मुद्दों पर त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत मिल रहे हैं। मुस्लिम बहुल इस सीट पर सपा से मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारा है तो भाजपा ने एक बार फिर बहोरन लाल मौर्य पर भरोसा जताया है। भाजपा से बगावत कर बसपा के टिकट पर मैदान में उतरे योगेश पटेल ने मुकाबले में अपनी जगह बना ली है। कांग्रेस के सरदार खां भी मैदान में है।
विज्ञापन

भोजीपुरा सीट पर कभी किसी एक पार्टी का कब्जा नहीं रहा। 1957 से 1974 तक इस सीट पर कांग्रेस और जनसंघ के बीच जंग रही लेकिन 1977 में यहां पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी जीता। कांग्रेस ने इस सीट से अंतिम चुनाव 1985 में जीता था। पिछले पांच चुनावों की बात करें तो दो बार भाजपा, एक बार सपा, एक बार बसपा और एक बार आईएमसी के प्रत्याशी को जीत मिली है।
विज्ञापन

2017 के चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन में चुनाव लड़ा था लेकिन इस बार कांग्रेस ने प्रत्याशी उतार दिया है। सपा और कांग्रेस से मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में हैं तो वहीं भाजपा से मौर्य और बसपा से कुर्मी बिरादरी के योगेश पटेल चुनाव लड़ रहे हैं। ब्लॉक प्रमुख योगेश पटेल भाजपा से बागी हुए हैं। इससे सीट पर मुकाबला रोचक हो गया है। यहां मुस्लिम समुदाय के बाद कुर्मी मतदाता ही सबसे अधिक है। ऐसे में भाजपा के लिए कुर्मी बिरादरी के वोट का बिखराव रोकना बड़ी चुनौती होगा। वोट का बिखराव हुआ तो भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे अधिक चुने गए कुर्मी बिरादरी के विधायक : भोजीपुरा सीट पर आजादी के बाद से अब तक 16 चुनाव हुए हैं, इनमें 12 बार कुर्मी बिरादरी के विधायक चुने गए। तीन बार मुस्लिम और एक बार मौर्य प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। परिसीमन न होने के कारण 1952 से 1957 तक यह सीट निष्क्रिय रही और यहां चुनाव नहीं हुआ। 1957 में कांग्रेस के बाबूराम ने जीत हासिल की। 1962 और 1967 में जनसंघ के हरीश गंगवार, 1969 में कांग्रेस ने एक बार फि र इस सीट पर अपना कब्जा जमाया, लेकिन 1974 में भारतीय जनसंघ ने फि र सीट अपने नाम कर ली।

1977 में निर्दलीय हामिद रजा खान जीते। 1980 में कांग्रेस से भानुप्रताप सिंह, 1985 में कांग्रेस से ही नरेंद्र पाल सिंह,1991 में पहली बार भाजपा के कुंवर सुभाष पटेल, 1993 में सपा हरीश कुमार गंगवार, 1996 में भाजपा के बहोरन लाल मौर्य, 2002 में सपा के वीरेंद्र सिंह गंगवार, 2007 में हुए चुनाव में बसपा का इस सीट पर खाता खुला। शहजिल इस्लाम बसपा से विधायक बने। 2012 के चुनाव में शहजिल बसपा छोड़कर आईएमसी में शामिल हो गए और एक बार फि र विधायक चुने गए। 2017 के चुनाव में भाजपा के बहोरन लाल मौर्य विधायक चुने गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed