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ट्यूलिप टॉवर प्रकरण- एई को राहत, वीसी ने नहीं मानी सीधे तौर पर संलिप्तता
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बरेली। नक्शे के विपरीत बनाए गए ट्यूलिप इंफ्राटॉवर्स को बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने खुद ही मौके पर पिछले हफ्ते सील कर दिया था। साथ ही इस मामले में दो एक्सईएन सहित कई के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी है। हालांकि इस मामले में एई प्रेमचंद्र आर्या की सीधी संलिप्तता न मिलने पर वीसी ने उनकी भूमिका की भी उस आधार पर रिपोर्ट दे दी है।
बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने अफसरों के साथ खुद ही मौके पर पहुंचकर नक्शा के विरुद्घ बने इस टॉवर को सील कर दिया था। इसमें विभागीय स्टाफ भी भूमिका संदिग्ध मिलने पर वीसी ने क्षेत्रीय अवर अभियंता पीके गुप्ता, एक्सईएन मोहनलाल, तत्कालीन सीटीपी आशीष शिवपुरी और तत्कालीन एक्सईएन जहीरूद्दीन सहित अन्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेज दिया था। बीडीए वीसी ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि इस मामले में एई प्रेमचंद्र आर्या सीधे तौर पर शामिल नहीं है, इसलिए शासन को उनके इस पक्ष को शामिल करते हुए रिपोर्ट प्रेषित की गई है। वीसी का कहना है कि उन्होंने शासन को आख्या भेज दी है। अब निर्णय शासन को ही लेना है।
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बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने अफसरों के साथ खुद ही मौके पर पहुंचकर नक्शा के विरुद्घ बने इस टॉवर को सील कर दिया था। इसमें विभागीय स्टाफ भी भूमिका संदिग्ध मिलने पर वीसी ने क्षेत्रीय अवर अभियंता पीके गुप्ता, एक्सईएन मोहनलाल, तत्कालीन सीटीपी आशीष शिवपुरी और तत्कालीन एक्सईएन जहीरूद्दीन सहित अन्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेज दिया था। बीडीए वीसी ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि इस मामले में एई प्रेमचंद्र आर्या सीधे तौर पर शामिल नहीं है, इसलिए शासन को उनके इस पक्ष को शामिल करते हुए रिपोर्ट प्रेषित की गई है। वीसी का कहना है कि उन्होंने शासन को आख्या भेज दी है। अब निर्णय शासन को ही लेना है।
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