फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   bda

बीडीए वालों ये क्या गोलमाल! कुछ किसानों को मुआवजा बाकी को ठेंगा दिखाते गुजारे आठ साल

Tue, 27 Aug 2019 02:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 27 Aug 2019 02:37 AM IST
विज्ञापन
bda
बरेली। रामगंगा आवासीय परियोजना के लिए किसानों की जमीन लेकर बीडीए आठ साल से उनका 60 करोड़ का मुआवजा दबाए बैठा है। अब एसएलएओ ने बीडीए सचिव को नोटिस भेजकर सभी किसानों को मुआवजे का भुगतान करने को कहा है, साथ ही इस बात को गलत भी बताया कि बीडीए की ओर से अपने मनमुताबिक कुछ किसानों को मुआवजा दे दिया गया है जबकि दूसरे किसानों को कोई ठीक जवाब तक नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन

करीब आठ साल से लटकी इस आवासीय परियोजना के लिए बीडीए ने ग्राम डोहरिया, मोहनपुर उर्फ रामनगर, अहरौल व चंदपुर बिचपुरी के ग्रामीणों से करीब करीब 2.28 अरब की जमीन का अधिग्रहण किया था। बीडीए ने इस फरवरी तक किसानों को केवल 1.68 अरब रुपये का भुगतान किया है और 59.97 करोड़ का भुगतान बाकी है। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी यानी एसएलएओ मदन कुमार ने बीडीए की इस कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए बीडीए सचिव को पत्र भेजा है कि भूमि अधिग्रहण के बाद 2015-16 में ही किसानों की जमीन बीडीए के नाम अमलदरामद हो गया है। भूमि अर्जन अधिनियम में यह कहीं भी उल्लेख नहीं है कि जमीन के उन्हीं गाटा संख्या का मुआवजा दिया जाए जिसका भुगतान खुद बीडीए करना चाहता है। यह नियमविरुद्घ है। एसएलएओ का कहना है कि जिन किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया है, उन सब को भुगतान किया जाए। एसएलएओ ने इसके लिए बीडीए सचिव को नोटिस देते हुए इसका स्पष्टीकरण मांगा है। बीडीए सचिव का कहना है कि बीडीए ने जितनी जमीन ली है, उन सभी किसानों को इसका भुगतान कर दिया गया है। जिन जमीनों पर अभी प्लाटिंग नहीं हुई है, वहां किसानों से कह दिया गया है कि वह उस जमीन पर खेती कर सकते हैं। इस संबंध में कोर्ट ने भी आदेश दिए हैं।
विज्ञापन


सभी किसानों को जमीन का मुआवजा मिलना चाहिए। इसके लिए बीडीए के सचिव से स्थिति को स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें मामले को लेकर जल्द ही अग्रिम कार्रवाई भी की जाएगी। -मदन कुमार, एसएलएओ
विज्ञापन
विज्ञापन


किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि दो से तीन महीने के अंदर बाकी किसानों को भी मुआवजा मिल जाए। एसएलएओ का नोटिस अभी मुझे नही मिला है। - दिव्या मित्तल, उपाध्याक्ष बीडीए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed