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Bareilly News: प्रयागराज पुलिस की किरकिरी के बाद बरेली पुलिस चौकन्नी

Sat, 07 Oct 2023 02:37 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sat, 07 Oct 2023 02:37 AM IST
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Bareilly Police alert after the disgrace of Prayagraj Police
बरेली। अशरफ के साले सद्दाम के खिलाफ कार्रवाई में खेल करने पर प्रयागराज पुलिस की किरकिरी हो रही है। इससे सबक लेते हुए बरेली पुलिस चौकन्नी हो गई है। सद्दाम के मामले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। बिथरी चैनपुर और बारादरी थाने में दर्ज मुकदमों में केवल सद्दाम के खिलाफ ही चार्जशीट बाकी है, इसलिए उसके खिलाफ और साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट मजबूत करने की कवायद चल रही है।
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बरेली पुलिस शुरू में बिथरी चैनपुर थाने में मुकदमा दर्ज करने के बाद ढीली पड़ गई थी। यही नहीं एक मुकदमा सद्दाम व अन्य के खिलाफ बारादरी थाने में भी हुआ था। दोनों मुकदमों में बाकी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, लेकिन सद्दाम की गिरफ्तारी न होने से विवेचना बी पार्ट में चल रही थी। इधर, सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ और सबूत जुटाकर अलग से चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है। बिथरी पुलिस ने मुकदमे की दर्ज धाराओं में ही चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की है। वहीं बारादरी पुलिस न्यायिक अभिरक्षा के बाद पुलिस रिमांड लेकर सद्दाम को ले जाकर सबूत जुटाने की कोशिश करेगी। सद्दाम के मोबाइल और बैंक खातों से मिली डिटेल के आधार पर कुछ और लोगों के नाम खोलकर धाराएं बढ़ाने की भी सुगबुगाहट है। इसके अलावा गुड्डू मुस्लिम व अरमान जैसे नाम भी बरेली पुलिस के रिकॉर्ड में वांछित हैं पर उमेश पाल मामले में मुख्य आरोपी होने और पांच-पांच लाख के इनामी होने की वजह से वह प्रयागराज पुलिस के मेन टारगेट हैं।
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धूमनगंज पुलिस ने निभाई दोस्ती, न खोली हिस्ट्रीशीट न लगाई चार्जशीट

- प्रयागराज पुलिस ने अशरफ के साले सद्दाम से दोस्ती निभाई। सद्दाम के खिलाफ वर्ष 2015 से 2021 तक कुल चार मुकदमे प्रयागराज के धूमनगंज थाने में दर्ज किए गए। पुलिस ने इनमें से तीन में फाइनल रिपोर्ट लगाकर मुकदमे खत्म कर दिए। सद्दाम के खिलाफ अधिकतर मुकदमे जमीन के विवाद में लिखे गए लेकिन पुलिस उसके खिलाफ सबूत नहीं जुटा सकी। वहीं सद्दाम के खिलाफ प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने के आरोप में भी मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन प्रयागराज पुलिस सद्दाम को नहीं ढूंढ सकी। धूमनगंज थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर वजीउल्लाह ने सद्दाम को क्लीनचिट दे दी। इनके अलावा भी सद्दाम के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए, चार्जशीट भी लगाई गई लेकिन पुलिस उसकी हिस्ट्रीशीट खोलना भूल गई।
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स्थानीय गिरोह पर कार्रवाई में नहीं दिखाई दिलचस्पी

- सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद तेजी दिखाने वाली बिथरी चैनपुर पुलिस सद्दाम के स्थानीय गुर्गों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से चूक गई। अब जो बारादरी पुलिस सद्दाम की रिमांड लेने का दावा कर रही है, वह उसके गुर्गे लल्ला गद्दी की रिमांड के दौरान महज एक डायरी बरामद कर सकी थी। सद्दाम के गुर्गे फरहत पर माफिया अतीक की काली कमाई को शहर में प्रॉपर्टी में निवेश करने जैसा आरोप है। शहर में पीलीभीत रोड का बरातघर मालिक, प्रॉपर्टी डीलर व प्रेमनगर क्षेत्र के मोबाइल व्यवसायी से सद्दाम के संबंधों की बात सामने आई है, लेकिन इन लोगों पर कार्रवाई या नई गिरफ्तारी को लेकर पुलिस अभी पशोपेश में है।
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इन धाराओं में सद्दाम पर चार्जशीट लगना तय
- बिथरी थाना क्षेत्र में जेल स्थित चौकी के प्रभारी अनिल कुमार ने रिपोर्ट में बताया था कि अशरफ अपने साले सद्दाम और लल्ला गद्दी से मिलाई कर पुलिस अफसरों, अभियोजकों और गवाहों की हत्या की योजना बनाता था। इनके द्वारा लोगों को धमकाकर रंगदारी वसूली जाती थी। सद्दाम और लल्ला गद्दी अशरफ को सुविधा देने के लिए जेल अधिकारियों को उपहार और रुपया देते थे। धारा 147, 201, 384, 120बी, 506, 195ए, 34,भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 8, 13, कारागार अधिनियम 1894 की धारा 42 और 54, आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 की धारा 7 में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बाकी आरोपियों पर इन धाराओं में चार्जशीट लगी है। सद्दाम पर भी चार्जशीट लगभग इन्हीं धाराओं के तहत लगाई जा सकती है। वहीं बारादरी थाने में सद्दाम के खिलाफ 420, 467, 468, 471, 506, 457 और 380 धारा में चार्जशीट दाखिल होना तय है, पूछताछ या रिमांड में कोई साक्ष्य बढ़े तो धारा बढ़ सकती हैं।

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वर्जन
- सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों में विवेचना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। चार्जशीट भी जल्द दाखिल की जाएगी। विवेचक व संबंधित थाना पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि विवेचना गुणवत्तापरक तरीके से की जाए ताकि आरोपियों को अधिकतम सजा मिल सके। - घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी
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