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रक्षाबंधन पर भी सन्नाटे में रहा बरेली जंक्शन
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रक्षा बंधन पर भी सन्नाटे में रहा बरेली जंक्शन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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शाम को आई दुर्गियाना एक्सप्रेस में 66 और श्रमजीवी में 48 यात्री चढ़े
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सिटी स्टेशन और इज्जतनगर स्टेशन पर कोई ट्रेन न होने से प्लेटफार्म रहे सूने
बरेली। रक्षा बंधन जैसे त्योहार पर भी बरेली जंक्शन दिन भर सन्नाटे में रहा। कारण, कोरोना वायरस संक्रमण के चलते रुटीन की ट्रेनें नहीं चलना रहा। यहां बता दें कि जंक्शन से केवल 16 ट्रेनें ही गुजर रही हैं। इन्हीं ट्रेनों में शाम को आईं दो ट्रेनों ने सन्नाटा तोड़ा। जानकारी के मुताबिक, दुर्गियाना एक्सप्रेस में 66 और श्रमजीवी में 48 यात्री चढ़े।
हर साल रक्षा बंधन पर मेरठ सिटी-लखनऊ राज्यरानी, टनकपुर-सिंगरौली त्रिवेणी, जम्मूतवी-कोलकाता सियालदह और लालगढ़-डिब्रूगढ़ गुवाहाटी एक्सप्रेस से महिलाएं भाइयों को रक्षाबंधन पर राखी बांधने जाती थीं। सुबह से ही जंक्शन पर चहल-पहल रहती थी। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते जंक्शन से केवल 16 ट्रेनें ही गुजर रही हैं, जिनमें सोमवार को दिन में गुजरीं दो ट्रेनें नई दिल्ली-राजगीर श्रमजीवी और साप्ताहिक ट्रेन अमृतसर-कोलकाता दुर्गियाना एक्सप्रेस भी शामिल थीं, जिनसे नाम मात्र के यात्री उतरे और ट्रेन में बैठे। वहीं शाम साढ़े चार बजे आई दुर्गियाना एक्सप्रेस से 80 यात्रियों ने रिजर्वेशन कराया हुआ था, जिनमें 66 यात्री ही चढ़े, जबकि उतरने वाले 45 थे, उसमें भी केवल 35 ही उतरे। इसके बाद साढ़े पांच बजे आई श्रमजीवी एक्सप्रेस से भी 59 यात्रियों में 48 चढ़े, जबकि उतरे 59 में 50 यात्री ही। दरअसल कोरोना संक्रमण के भय से कई यात्रियों ने यात्रा रद्द कर दी। इसके बाद छह घंटे के लिए जंक्शन फिर सन्नाटे से घिर गया। रात को आई 11 बजे आई पुरानी दिल्ली-रक्सौल सत्याग्रह से ही नाम मात्र के ही यात्री उतरे। दूसरी ओर सिटी स्टेशन और इज्जतनगर स्टेशन पर कोई ट्रेन न होने से प्लेटफार्म सूना रहा।
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सिटी स्टेशन और इज्जतनगर स्टेशन पर कोई ट्रेन न होने से प्लेटफार्म रहे सूने बरेली। रक्षा बंधन जैसे त्योहार पर भी बरेली जंक्शन दिन भर सन्नाटे में रहा। कारण, कोरोना वायरस संक्रमण के चलते रुटीन की ट्रेनें नहीं चलना रहा। यहां बता दें कि जंक्शन से केवल 16 ट्रेनें ही गुजर रही हैं। इन्हीं ट्रेनों में शाम को आईं दो ट्रेनों ने सन्नाटा तोड़ा। जानकारी के मुताबिक, दुर्गियाना एक्सप्रेस में 66 और श्रमजीवी में 48 यात्री चढ़े।
हर साल रक्षा बंधन पर मेरठ सिटी-लखनऊ राज्यरानी, टनकपुर-सिंगरौली त्रिवेणी, जम्मूतवी-कोलकाता सियालदह और लालगढ़-डिब्रूगढ़ गुवाहाटी एक्सप्रेस से महिलाएं भाइयों को रक्षाबंधन पर राखी बांधने जाती थीं। सुबह से ही जंक्शन पर चहल-पहल रहती थी। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते जंक्शन से केवल 16 ट्रेनें ही गुजर रही हैं, जिनमें सोमवार को दिन में गुजरीं दो ट्रेनें नई दिल्ली-राजगीर श्रमजीवी और साप्ताहिक ट्रेन अमृतसर-कोलकाता दुर्गियाना एक्सप्रेस भी शामिल थीं, जिनसे नाम मात्र के यात्री उतरे और ट्रेन में बैठे। वहीं शाम साढ़े चार बजे आई दुर्गियाना एक्सप्रेस से 80 यात्रियों ने रिजर्वेशन कराया हुआ था, जिनमें 66 यात्री ही चढ़े, जबकि उतरने वाले 45 थे, उसमें भी केवल 35 ही उतरे। इसके बाद साढ़े पांच बजे आई श्रमजीवी एक्सप्रेस से भी 59 यात्रियों में 48 चढ़े, जबकि उतरे 59 में 50 यात्री ही। दरअसल कोरोना संक्रमण के भय से कई यात्रियों ने यात्रा रद्द कर दी। इसके बाद छह घंटे के लिए जंक्शन फिर सन्नाटे से घिर गया। रात को आई 11 बजे आई पुरानी दिल्ली-रक्सौल सत्याग्रह से ही नाम मात्र के ही यात्री उतरे। दूसरी ओर सिटी स्टेशन और इज्जतनगर स्टेशन पर कोई ट्रेन न होने से प्लेटफार्म सूना रहा।
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