बरेली गोलीकांड: राजीव राना और आदित्य का गिरोह होगा सूचीबद्ध, चांद मियां और संजय पर घोषित होगा इनाम
बरेली में 22 जून की सुबह पीलीभीत बाइपास पर प्लॉट पर कब्जे को लेकर राजीव राना और आदित्य उपाध्याय के गुटों में जमकर फायरिंग हुई थी। इस मामले में अब तक 31 आरोपी जेल जा चुके हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के पीलीभीत बाइपास पर हुए गोलीकांड के आरोपी राजीव राना और आदित्य उपाध्याय के गिरोह को सूचीबद्ध करने का काम शुरू हो गया है। फरार चल रहे आरोपी संजय राना और चांद मियां पर एसएसपी जल्द ही इनाम घोषित कर सकते हैं। वहीं, मुठभेड़ में पकड़े गए 25-25 हजार के इनामी धनुष और मोहम्मद हुसैन उर्फ गोला को सोमवार को जेल भेज दिया गया। इस मामले में अब तक 31 लोग जेल जा चुके हैं।
हिस्ट्रीशीटर केपी यादव, सुभाष लोधी, केपी के खास गुर्गे धनुष यादव व मोहम्मद हुसैन उर्फ गोला पर तीन दिन पहले एसएसपी अनुराग आर्य ने इनाम घोषित किया था। चारों को दो दिन के अंदर मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अब संजय राना व चांद मियां की गिरफ्तारी पुलिस का मुख्य लक्ष्य है। इनके गैर जमानती वारंट जारी कराने के साथ ही 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने की तैयारी है।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र में 22 जून की सुबह पीलीभीत बाइपास पर प्लॉट पर कब्जे को लेकर राजीव राना और आदित्य उपाध्याय के गुटों में जमकर फायरिंग हुई थी। इस मामले में दोनों आरोपियों की संपत्तियों पर बुलडोजर चल चुका है। केपी यादव और राजीव राना की कई संपत्तियां बीडीए के रडार पर हैं। इस मामले में अब तक 31 लोग जेल जा चुके हैं। संजय राना व चांद मियां समेत अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
चंदौसी और रुद्रपुर से मंगाए गए थे असलहे
मुठभेड़ में पकड़े गए केपी यादव के गुर्गे धनुष और मोहम्मद हुसैन उर्फ गोला असलहों की तस्करी भी करते हैं। पुलिस के मुताबिक राजीव राना से प्लॉट पर कब्जे का सौदा पक्का होने के बाद केपी यादव के कहने पर धनुष और गोला ने संभल जिले के चंदौसी और उत्तराखंड के रुद्रपुर से तमंचों की खेप मंगाई थी। 40 हजार में 10 तमंचों का सौदा हुआ था।
वहीं, शहर के ही तीन शातिरों ने कारतूस मुहैया कराए थे। घटना से एक दिन पहले ही राजीव के भाई संजय को तमंचे सौंप दिए गए थे। केपी ने उस समय धनुष और गोला को कुछ रुपये एडवांस के तौर पर दे दिए थे। बाकी रुपये कब्जे के बाद देने थे। कब्जे के दौरान ऐसा बवाल हुआ कि केपी समेत बाकी आरोपी अंडरग्राउंड हो गए थे। केपी और उसके साथी सुभाष को भी मुठभेड़ में पकड़ा गया था।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि राजीव राना व आदित्य उपाध्याय पर गैंगस्टर लगाने के साथ ही उनका गैंग चार्ट तैयार किया जाएगा। इससे संबंधित लिखापढ़ी की जा रही है। उनकी संपत्तियों का ब्योरा भी तैयार किया जा रहा है। अवैध कमाई से संपत्तियां बनाने की पुष्टि हुई तो प्रशासन को रिपोर्ट भेजकर जब्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाएगी।