बरेली: टपरी डिस्टिलरी के करोड़ों की टैक्स चोरी मामले में आबकारी इंस्पेक्टर गिरफ्तार, बचने के लिए लगातार बदल रहा था ठिकाना
को-ऑपरेटिव कंपनी लिमिटेड टपरी सहारनपुर का तत्कालीन फैक्टरी इंचार्ज आबकारी निरीक्षक अरविंद वर्मा गिरफ्तारी से बचने को लगातार स्थान बदल रहा था। इससे पहले डिस्टिलरी के मालिक प्रणय अनेजा, बरेली के डाउन-टाउन बार के मालिक मनोज जायसवाल व अजय जायसवाल की भी गिरफ्तारी हो चुकी है।
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सहारनपुर की टपरी डिस्टिलरी में करोड़ों की टैक्स चोरी व शराब सिंडिकेट से जुड़े एक और ईनामी अभियुक्त अरविंद वर्मा को एसटीएफ ने हरदोई से गिरफ्तार किया है।
को-ऑपरेटिव कंपनी लिमिटेड टपरी सहारनपुर का तत्कालीन फैक्टरी इंचार्ज आबकारी निरीक्षक अरविंद वर्मा गिरफ्तारी से बचने को लगातार स्थान बदल रहा था। इससे पहले डिस्टिलरी के मालिक प्रणय अनेजा, बरेली के डाउन-टाउन बार के मालिक यूपी-उत्तराखंड के बड़े शराब कारोबारी मनोज जायसवाल व अजय जायसवाल की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। मनोज जायसवाल के डाउन-टाउन बार को भी ध्वस्त किया जा चुका है।
साल भर में करीब 100 करोड़ के टैक्स का लगाया था चूना
सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी में पिछले साल फरवरी में एसटीएफ ने छापा मारकर एक ही गेट पास और बिल्टी पर शराब के दो ट्रक निकाले जाने का मामला पकड़ा था। उन्नाव, कानपुर, बदायूं, संभल और बदायूं के ठेकेदारों की मिलीभगत से चल रहे इसे खेल के जरिये सरकार को साल भर में करीब सौ करोड़ रुपये के टैक्स का चूना लगा दिया। मामला पकड़ में आने के बाद इसकी जांच एसआईटी लखनऊ को दे दी गई थी।
टपरी डिस्टिलरी से निकला शराब का ऐसा ही एक ट्रक बारादरी के हरूनगला में पकड़ा गया। इस पूरे मामले में टपरी डिस्टिलरी का मालिक प्रणय अनेजा, शराब ठेकेदार मनोज जायसवाल, उसका पार्टनर और उन्नाव के गोदाम का मालिक अजय जायसवाल, टपरी का पीआरओ पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का साला अश्वनी उपाध्याय और आबकारी विभाग के अफसरों-कर्मचारियों समेत 16 लोगों को अब तक जेल भेजा जा चुका है।