फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Bareilly-Badaun Fourlane: Ruling in action on the orders of Rashtrapati Bhavan

बरेली-बदायूं फोरलेनः राष्ट्रपति भवन के आदेश पर हरकत में आया शासन

Mon, 15 Jun 2020 01:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2020 01:44 AM IST
विज्ञापन
Bareilly-Badaun Fourlane: Ruling in action on the orders of Rashtrapati Bhavan
बरेली बदायूं मार्ग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

281 करोड़ से सड़क बनाने में हुए घोटाले की दबी जांच फिर शुरू
विज्ञापन

शासन ने तलब किए रिकार्ड, अफसरों में मचा हड़कंप

बरेली। चार साल पहले 281 करोड़ की लागत से बने बरेली-बदायूं फोरलेन के निर्माण में बड़े पैमाने पर गोलमाल की लंबे समय से दबी जांच राष्ट्रपति भवन की दखलंदाजी के बाद एक फिर उखड़ गई है। शासन स्तर से नए सिरे से जांच का आदेश जारी होने के बाद मंडल से लेकर लखनऊ तक पीडब्ल्यूडी के अफसरों में हड़कंप मच गया है। शासन स्तर से पीडब्ल्यूडी से इस घोटाले से जुड़े सभी रिकॉर्ड तलब कर लिए गए हैं।
सपा के शासन में पीडब्ल्यूडी ने 2016-17 में बरेली से बदायूं तक 281 करोड़ की लागत से फोरलेन हाईवे का निर्माण कराया था। निर्माण पूरा होने के साथ ही इसमें बड़े पैमाने पर घोटाला किए जाने की शिकायतें शासन तक पहुंचीं जिसमें सबसे महत्वपूर्ण आरोप यह था कि नई सड़क में पुराने मलबे का इस्तेमाल किया गया है। बिजली के पोल भी पुराने लगाए गए हैं। शासन स्तर से कार्रवाई नहीं हुई तो मामला हाईकोर्ट पहुंचा। पिछले साल हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी से इसकी टीएसी जांच कराकर रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया था मगर यह जांच पूरी नहीं होने दी गई। जांच समिति ने यह रिपोर्ट देकर जांच रोक दी कि शिकायतकर्ता ही नहीं मिल रहा है। कुछ समय पहले राष्ट्रपति भवन से यह जांच पूरी करने का आदेश आने के बाद शासन ने फिर इस प्रकरण की फाइल खोल दी है। बता दें कि यह जांच करीब दो साल पहले शुरू हुई थी लेकिन इसमें अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस बीच इसमें फंसे कई अधिकारी भी इधर से उधर हो चुके हैं।
विज्ञापन

16 जून को साक्ष्यों की जांच के लिए शिकायतकर्ता को बुलाया

शासन के संयुक्त सचिव अभय कुमार ने इस मामले की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता विकास एवं विभागाध्यक्ष और मुख्य प्राविधिक परीक्षक को नोटिस दिया है। इसमें जांच रिपोर्ट के तथ्यों की जांच के लिए 16 जून को रिकार्ड मांगे गए हैं। इसके अलावा इस मामले में सुनवाई के लिए शिकायतकर्ता को भी इसी दिन बुुलाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed