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Bareilly News: जाली दस्तावेजों और मार्कशीट में छेड़छाड़ करके प्रवेश लेने की कोशिश, सात छात्रों के आवेदन रद्द
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बरेली। बरेली कॉलेज में स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए चल रही प्रक्रिया के दौरान सात छात्रों के आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। प्रवेश समिति ने जांच में पाया कि इन छात्रों ने जाली दस्तावेजों और मार्कशीट में 48 को बदलकर 84 प्रतिशत कर प्रवेश लेने की कोशिश की।
कॉलेज की प्रवेश समिति की समन्वयक प्रो. वंदना शर्मा ने बताया कि इस बार करीब 11,000 आवेदन आए थे। इन आवेदनों की जांच करते समय छह ऐसे फॉर्म मिले, जिनमें छात्रों ने दो अलग-अलग जाति प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया था। यह छात्र बीए, बीएससी और बीकॉम के थे। पहली मेरिट सूची में नाम न आने के बाद इन छात्रों ने पहले से लगाए गए ओबीसी या एससी प्रमाणपत्रों को बदलकर, ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) का प्रमाणपत्र लगाकर दोबारा आवेदन किया था, ताकि उन्हें दाखिला मिल सके।
इसके अलावा एक छात्र ने बीए पाठ्यक्रम में ऊंची मेरिट देखकर अपनी इंटरमीडिएट की मार्कशीट में ही हेरफेर कर दी। छात्र ने अपने 48 प्रतिशत अंकों को बढ़ाकर 84 फीसदी कर दिया था। प्रवेश समिति के सदस्यों को जब फॉर्म के सत्यापन के दौरान संदेह हुआ, तो उन्होंने इसकी जांच की और छात्र के फर्जीवाड़े को पकड़ लिया।
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प्रो. वंदना शर्मा ने पुष्टि की कि पकड़े गए इन सभी सात छात्रों के आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। इस मामले की जानकारी प्राचार्य प्रो. ओपी राय को दे दी गई है और इन छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। संवाद
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कॉलेज की प्रवेश समिति की समन्वयक प्रो. वंदना शर्मा ने बताया कि इस बार करीब 11,000 आवेदन आए थे। इन आवेदनों की जांच करते समय छह ऐसे फॉर्म मिले, जिनमें छात्रों ने दो अलग-अलग जाति प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया था। यह छात्र बीए, बीएससी और बीकॉम के थे। पहली मेरिट सूची में नाम न आने के बाद इन छात्रों ने पहले से लगाए गए ओबीसी या एससी प्रमाणपत्रों को बदलकर, ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) का प्रमाणपत्र लगाकर दोबारा आवेदन किया था, ताकि उन्हें दाखिला मिल सके।
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इसके अलावा एक छात्र ने बीए पाठ्यक्रम में ऊंची मेरिट देखकर अपनी इंटरमीडिएट की मार्कशीट में ही हेरफेर कर दी। छात्र ने अपने 48 प्रतिशत अंकों को बढ़ाकर 84 फीसदी कर दिया था। प्रवेश समिति के सदस्यों को जब फॉर्म के सत्यापन के दौरान संदेह हुआ, तो उन्होंने इसकी जांच की और छात्र के फर्जीवाड़े को पकड़ लिया।
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प्रो. वंदना शर्मा ने पुष्टि की कि पकड़े गए इन सभी सात छात्रों के आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। इस मामले की जानकारी प्राचार्य प्रो. ओपी राय को दे दी गई है और इन छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। संवाद