{"_id":"60e7552c8ebc3e3b086661c8","slug":"athlete-priyanka-will-go-to-japan-to-play-in-the-olympics-bareilly-news-bly452475952","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओलंपिक में खेलने जापान जाएंगी एथलीट प्रियंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओलंपिक में खेलने जापान जाएंगी एथलीट प्रियंका
विज्ञापन
प्रियंका गोस्वामी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इज्जतनगर रेल मंडल डीआरएम ऑफिस में हैं क्लर्क
विज्ञापन
बरेली। इज्जतनगर रेल मंडल के डीआरएम ऑफिस के पर्सनल अनुभाग में क्लर्क एथलीट प्रियंका गोस्वामी 23 जुलाई से होने वाले ओलंपिक में भाग लेने जापान जाएंगी। बृहस्पतिवार को डीआरएम आशुतोष पंत, एडीआरएम विवेक गुप्ता और अजय वार्ष्णेय, क्रीडा सचिव सनत जैन ने डीआरएम ऑफिस के परिसर में बने सेल्फी प्वांइट में उसके कटआउट से सेल्फी ली। प्रियंका इस समय पटियाला में कैंप कर रही हैं।
मूल रूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली प्रियंका गोस्वामी के पिता रोडवेज में कंडक्टर थे। अचानक उनकी नौकरी चली गई, इससे परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। उस समय प्रियंका 14 साल की थीं। उन्होंने प्रण किया कि अपने परिवार और देश का नाम रोशन करेंगी। इसके बाद उन्होंने एथलीट बनने के लिए अभ्यास करना शुरू कर दिया। ऊंचाई को छूते हुए उन्होंने केरल में 2015 में रेस वॉकिंग और बंगलूरू में फेडरेशन कप में कांस्य पदक जीता। 2017 में दिल्ली में हुए नेशनल रेस वॉकिंग में चैंपियनशिप में शीर्ष स्थान प्राप्त करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया।
प्रियंका को इसके बाद इज्जतनगर रेल मंडल में खेल कोटे में नौकरी मिल गई। जहां वह पर्सनल अनुभाग में कार्यरत हैं। इसके बाद परिवार की स्थिति काफी अच्छी हो गई, लेकिन प्रियंका का लक्ष्य कुछ और ही था। इस साल फरवरी में प्रियंका ने रांची में राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। वह 21 जुलाई को ओलंपिक खेलने के लिए टोक्यो रवाना होंगी। इज्जतनगर रेल मंडल के डीआरएम आशुतोष पंत ने प्रियंका की जीत की कामना की है। पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के मंडल मंत्री रेलवे वर्कशाप के जेएस भदौरिया, पुष्पेंद्र सिंह आदि ने प्रियंका को फोन पर बधाई देते हुए कीर्तिमान बनाने का आशीर्वाद दिया है।
मूल रूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली प्रियंका गोस्वामी के पिता रोडवेज में कंडक्टर थे। अचानक उनकी नौकरी चली गई, इससे परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। उस समय प्रियंका 14 साल की थीं। उन्होंने प्रण किया कि अपने परिवार और देश का नाम रोशन करेंगी। इसके बाद उन्होंने एथलीट बनने के लिए अभ्यास करना शुरू कर दिया। ऊंचाई को छूते हुए उन्होंने केरल में 2015 में रेस वॉकिंग और बंगलूरू में फेडरेशन कप में कांस्य पदक जीता। 2017 में दिल्ली में हुए नेशनल रेस वॉकिंग में चैंपियनशिप में शीर्ष स्थान प्राप्त करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया।
विज्ञापन
प्रियंका को इसके बाद इज्जतनगर रेल मंडल में खेल कोटे में नौकरी मिल गई। जहां वह पर्सनल अनुभाग में कार्यरत हैं। इसके बाद परिवार की स्थिति काफी अच्छी हो गई, लेकिन प्रियंका का लक्ष्य कुछ और ही था। इस साल फरवरी में प्रियंका ने रांची में राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। वह 21 जुलाई को ओलंपिक खेलने के लिए टोक्यो रवाना होंगी। इज्जतनगर रेल मंडल के डीआरएम आशुतोष पंत ने प्रियंका की जीत की कामना की है। पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के मंडल मंत्री रेलवे वर्कशाप के जेएस भदौरिया, पुष्पेंद्र सिंह आदि ने प्रियंका को फोन पर बधाई देते हुए कीर्तिमान बनाने का आशीर्वाद दिया है।
विज्ञापन