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कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सेना तैयार
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मरीज का इलाज करते सेना के डॉक्टर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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अटूट बंधन सेल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निस्तारण को बन रही रणनीति
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बच्चों के इलाज के लिए स्टाफ को प्रशिक्षित कर रहे विशेषज्ञ, टीकाकरण पर भी जोर
बरेली। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की सेना ने तैयारी पूरी कर ली है। निष्क्रिय ऑक्सीजन संयंत्र को पुनर्जीवित किया गया है। कोविड केयर सेंटर के निर्माण और ऑक्सीजन वाहनों के संचालन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कोविड वैक्सीनेशन सेंटर स्थापित कर लोगों को सेना प्रतिरक्षित भी कर रही है।
सैन्य अफसरों के मुताबिक, सेना नागरिक प्रशासन के सुझाव पर आगरा, इटावा, बुलंदशहर, सहारनपुर में निष्क्रिय ऑक्सीजन संयंत्रों को पुनर्जीवित किया गया है। ऑक्सीजन वाहनों के परिवहन के लिए रसद सहायता और सुरक्षा प्रदान की जा रही है। भारतीय वायुसेना और नौसेना भी देश के विभिन्न हिस्सों में रसद पहुंचाने का काम कर रही हैं। भारतीय सेना के उत्तर भारत एरिया में स्थित एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के मुताबिक 50-50 बेड के कोविड केयर सेंटर पिथौरागढ़, जोशीमठ, रानीखेत, लैंड्सडाउन में तैयार हो चुके हैं। उत्तर भारत के अधीन पंचशूल ब्रिगेड ने बेरीनाग में 50 बेड का सेंटर स्थापित किया है। जहां संक्रमितों का इलाज हो रहा है। बाल चिकित्सा से संबंधित सुविधाओं की स्थापना के साथ ही नर्सिंग अफसरों और स्वास्थ्यकर्मियों को विशेषज्ञ ऑनलाइन प्रशिक्षण दे रहे हैं।
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टेलीमेडिसिन के जरिए भी दे रहे परामर्श
स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए सेना ने ‘अटूट बंधन सेल’ का गठन किया है। सेल के सहयोग से विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं। वॉयस और वीडियो कॉल के माध्यम से इलाज संबंधी परामर्श दे रहे हैं। पूर्व सैनिकों से भी अपील की गई है कि उन्हें या उनके परिवार के सदस्यों को किसी भी तरह की दिक्कत हो तो वे तत्काल अस्पताल पहुंचें।
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कैंट में वॉक इन रजिस्ट्रेशन से टीकाकरण
कोविड प्रोटोकॉल के अतिरिक्त कोविड वैक्सीन सुरक्षा कवच है। दोनों ही तीसरी लहर की रोकथाम में अहम भूमिका निभाएंगे। यूबी एरिया के सेंट्रल कमांड के अधीन बरेली और पिथौरागढ़ में टीकाकरण केंद्र खोले गए हैं। कोविन एप से रजिस्ट्रेशन कराकर युवा और 45 पार के लोग वॉक इन रजिस्ट्रेशन कराकर प्रतिरक्षित हो सकते हैं।
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बच्चों के इलाज के लिए स्टाफ को प्रशिक्षित कर रहे विशेषज्ञ, टीकाकरण पर भी जोर बरेली। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की सेना ने तैयारी पूरी कर ली है। निष्क्रिय ऑक्सीजन संयंत्र को पुनर्जीवित किया गया है। कोविड केयर सेंटर के निर्माण और ऑक्सीजन वाहनों के संचालन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कोविड वैक्सीनेशन सेंटर स्थापित कर लोगों को सेना प्रतिरक्षित भी कर रही है।
सैन्य अफसरों के मुताबिक, सेना नागरिक प्रशासन के सुझाव पर आगरा, इटावा, बुलंदशहर, सहारनपुर में निष्क्रिय ऑक्सीजन संयंत्रों को पुनर्जीवित किया गया है। ऑक्सीजन वाहनों के परिवहन के लिए रसद सहायता और सुरक्षा प्रदान की जा रही है। भारतीय वायुसेना और नौसेना भी देश के विभिन्न हिस्सों में रसद पहुंचाने का काम कर रही हैं। भारतीय सेना के उत्तर भारत एरिया में स्थित एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के मुताबिक 50-50 बेड के कोविड केयर सेंटर पिथौरागढ़, जोशीमठ, रानीखेत, लैंड्सडाउन में तैयार हो चुके हैं। उत्तर भारत के अधीन पंचशूल ब्रिगेड ने बेरीनाग में 50 बेड का सेंटर स्थापित किया है। जहां संक्रमितों का इलाज हो रहा है। बाल चिकित्सा से संबंधित सुविधाओं की स्थापना के साथ ही नर्सिंग अफसरों और स्वास्थ्यकर्मियों को विशेषज्ञ ऑनलाइन प्रशिक्षण दे रहे हैं।
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टेलीमेडिसिन के जरिए भी दे रहे परामर्श
स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए सेना ने ‘अटूट बंधन सेल’ का गठन किया है। सेल के सहयोग से विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं। वॉयस और वीडियो कॉल के माध्यम से इलाज संबंधी परामर्श दे रहे हैं। पूर्व सैनिकों से भी अपील की गई है कि उन्हें या उनके परिवार के सदस्यों को किसी भी तरह की दिक्कत हो तो वे तत्काल अस्पताल पहुंचें।
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