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245 जांबाज भारतीय सेना को समर्पित
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बरेली। सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने वाले 245 रिक्रूट्स की शनिवार को जाट रेजिमेंट सेंटर के बख्शी परेड ग्राउंड पर पासिंग आउट परेड हुई। रिक्रूट्स ने देश पर मर मिटने की शपथ ली और खुद को भारतीय सेना को समर्पित कर दिया।
जाट रेजिमेंट सेंटर में शनिवार की सुबह का नजारा आम दिनों से काफी अलग था। कई महीनों से प्रशिक्षण ले रहे रिक्रूट्स की पासिंग आउट परेड हुई। जेआरसी के समादेशक ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह (शौर्य चक्र, सेना मेडल) ने रिक्रूट्स को प्रशिक्षण के दौरान सिखाए गए अनुशासन को अपने जीवन में शामिल करने की सीख दी। कहा, कोई भी जवान अनुशासन में रहकर ही सैनिक मूल्यों और सैन्य धर्म का पालन कर सकता है। उन्होंने युवा सैनिकों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं।
अभिभावकों को गौरव पदक
यह अवसर न सिर्फ देश पर मर मिटने की शपथ लेने वाले रिक्रूट्स के लिए सुनहरा दिन रहा बल्कि उनके परिवारों के लिए भी खास था। युवा सैनिकों के माता-पिता और उनके अभिभावकों को देश के लिए अपने बेटे को समर्पित करने के योगदान के लिए उन्हें गौरव पदक से नवाजा गया। समारोह को देखने के लिए बरेली स्टेशन के सैनिक और उनके परिजन मौजूद रहे।
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जाट रेजिमेंट सेंटर में शनिवार की सुबह का नजारा आम दिनों से काफी अलग था। कई महीनों से प्रशिक्षण ले रहे रिक्रूट्स की पासिंग आउट परेड हुई। जेआरसी के समादेशक ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह (शौर्य चक्र, सेना मेडल) ने रिक्रूट्स को प्रशिक्षण के दौरान सिखाए गए अनुशासन को अपने जीवन में शामिल करने की सीख दी। कहा, कोई भी जवान अनुशासन में रहकर ही सैनिक मूल्यों और सैन्य धर्म का पालन कर सकता है। उन्होंने युवा सैनिकों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं।
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अभिभावकों को गौरव पदक
यह अवसर न सिर्फ देश पर मर मिटने की शपथ लेने वाले रिक्रूट्स के लिए सुनहरा दिन रहा बल्कि उनके परिवारों के लिए भी खास था। युवा सैनिकों के माता-पिता और उनके अभिभावकों को देश के लिए अपने बेटे को समर्पित करने के योगदान के लिए उन्हें गौरव पदक से नवाजा गया। समारोह को देखने के लिए बरेली स्टेशन के सैनिक और उनके परिजन मौजूद रहे।
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