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Bareilly News: शिक्षकों की नियुक्ति सवालों के घेरे में, शासन तक पहुंची रिपोर्ट
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। इतिहास विभाग के शिक्षक की रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग तक पहुंच चुकी है। ऑनलाइन दर्ज कराई शिकायत में शिकायतकर्ता ने नियुक्तियों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। जवाब से असंतुष्ट होने पर उसने फिर से अपील की है।
विवि परिसर के इतिहास विभाग में शिक्षक की नियुक्ति को लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर 16 दिसंबर 2023 को पहली बार शिकायत हुई थी। इस पर उप कुलसचिव आनंद कुमार मौर्य ने 18 दिसंबर को तत्कालीन सहायक कुलसचिव सुनीता यादव से रिपोर्ट मांगी। इसकी रिपोर्ट नहीं मिली। इसके बाद आईजीआरएस पर फिर शिकायत से की गई। समय से रिपोर्ट न मिलने से शिकायत डिफॉल्टर की श्रेणी में आ गई।
कुलसचिव अजय कृष्ण यादव ने 18 जनवरी को उप कुलसचिव सुनीता यादव से दो दिनों में आख्या मांगी, लेकिन यह भी उपलब्ध नहीं कराई गई। आरोप है कि उन्होंने प्रकरण से जुड़े पत्र कुलपति कार्यालय भेज दिए। कुलपति ने दो सदस्यों की समिति बनाई और जवाब आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया। शिकायतकर्ता के संतुष्ट न होने पर शासन ने रिपोर्ट तलब कर ली।
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कुलसचिव ने रिपोर्ट शासन में भेज दी है। कुलसचिव ने रिपोर्ट में पाया कि इतिहास विभाग में नियुक्ति के लिए अभ्यर्थी की योग्यताएं पूरी नहीं थीं। इसके साथ ही अन्य की लिखित शिकायतें प्राप्त हुईं। ऐसे में सभी नियुक्तियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
वर्जन....
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों के अनुसार नियुक्ति की गई है। नियुक्तियां कार्यपरिषद से अनुमोदित हैं। इसकी सूची शासन और राजभवन को दी जा चुकी है।- डॉ. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी
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विवि परिसर के इतिहास विभाग में शिक्षक की नियुक्ति को लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर 16 दिसंबर 2023 को पहली बार शिकायत हुई थी। इस पर उप कुलसचिव आनंद कुमार मौर्य ने 18 दिसंबर को तत्कालीन सहायक कुलसचिव सुनीता यादव से रिपोर्ट मांगी। इसकी रिपोर्ट नहीं मिली। इसके बाद आईजीआरएस पर फिर शिकायत से की गई। समय से रिपोर्ट न मिलने से शिकायत डिफॉल्टर की श्रेणी में आ गई।
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कुलसचिव अजय कृष्ण यादव ने 18 जनवरी को उप कुलसचिव सुनीता यादव से दो दिनों में आख्या मांगी, लेकिन यह भी उपलब्ध नहीं कराई गई। आरोप है कि उन्होंने प्रकरण से जुड़े पत्र कुलपति कार्यालय भेज दिए। कुलपति ने दो सदस्यों की समिति बनाई और जवाब आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया। शिकायतकर्ता के संतुष्ट न होने पर शासन ने रिपोर्ट तलब कर ली।
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कुलसचिव ने रिपोर्ट शासन में भेज दी है। कुलसचिव ने रिपोर्ट में पाया कि इतिहास विभाग में नियुक्ति के लिए अभ्यर्थी की योग्यताएं पूरी नहीं थीं। इसके साथ ही अन्य की लिखित शिकायतें प्राप्त हुईं। ऐसे में सभी नियुक्तियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
वर्जन....
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों के अनुसार नियुक्ति की गई है। नियुक्तियां कार्यपरिषद से अनुमोदित हैं। इसकी सूची शासन और राजभवन को दी जा चुकी है।- डॉ. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी