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Bareilly News: लेखपाल सावन गिरोह पर फर्जीवाड़े की एक और रिपोर्ट दर्ज
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बरेली। जेल में बंद निलंबित लेखपाल सावन जायसवाल गिरोह के लोगों पर लगातार मुकदमे दर्ज होने का सिलसिला जारी है। फर्जी वसीयत के जरिये गिरोह ने जमीन हड़पने की कोशिश की। बिथरी थाने में नई रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गिरोह पर कुल दस रिपोर्ट दर्ज हो चुकी हैं।
साहूकारा मोहल्ला निवासी कपिल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने बालीपुर अहमदपुर गांव के गाटा संख्या 144 में रकबा 0.8010 हेक्टेयर एवं गाटा संख्या 306 में रकबा संख्या 1.4900 हेक्टेयर वर्ष 2021 में खरीदा था। चकबंदी लेखपाल सावन कुमार जायसवाल के साथी अमित सिंह राठौर ने फर्जी वसीयत तैयार कर शमी चंद्रा से अपने नाम बैनामा करा लिया। फर्जी वसीयत के जरिये कराया गया बैनामा शून्य दस्तावेज के तौर पर माना जाता है। इसके बावजूद अमित ने साजिश कर अपने गिरोह के विजय अग्रवाल, कार्तिक त्रिपाठी, मोहित अग्रवाल और रितेश अग्रवाल को फर्जी वसीयत से कराए गए बैनामे के जरिये जमीन बेच दी।
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ट्रांसपोर्टर विजय अग्रवाल और मैनेजर अंडरग्राउंड, तलाश तेज
- लेखपाल सावन कुमार जायसवाल के गिरोह को आर्थिक तौर पर मदद करने के मामले में शहर निवासी ट्रांसपोर्टर और रिसोर्ट मालिक विजय अग्रवाल व उसका मैनेजर अंकिश त्रिपाठी अभी तक गिरफ्तार नहीं हो सके हैं, जबकि इनके खिलाफ लगातार नई रिपोर्ट दर्ज हो रही हैं। अब बिथरी में दर्ज नई रिपोर्ट में भी विजय अग्रवाल की सहभागिता सामने आ रही है। आरोप है कि अंकिश त्रिपाठी के जरिये सावन के तार विजय अग्रवाल से जुड़े थे और लिखापढ़ी व गुर्गों पर किए जाने वाला खर्च विजय अग्रवाल ही वहन करता था। इसके बदले में विवादित जमीनों को वह अपने लोगों के नाम कराता था। बताते हैं कि एसआईटी को काफी तलाशने के बाद भी दोनों आरोपियों का सुराग नहीं मिल पा रहा है।
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गैरमौजूदगी में गिरोह ने किया फर्जीवाड़ा
- पीड़ित कपिल अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि वह व्यक्तिगत काम से कुछ दिन तक शहर से बाहर थे, इसलिए उन्हें इस फजीवाड़ा की जानकारी बाद में हो सकी। जब वह शहर लौटे तो थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। बिथरी थाना प्रभारी अभिषेक सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। आरोपों के मुताबिक गिरफ्तारी की जाएगी। अमर उजाला ब्यूरो
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साहूकारा मोहल्ला निवासी कपिल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने बालीपुर अहमदपुर गांव के गाटा संख्या 144 में रकबा 0.8010 हेक्टेयर एवं गाटा संख्या 306 में रकबा संख्या 1.4900 हेक्टेयर वर्ष 2021 में खरीदा था। चकबंदी लेखपाल सावन कुमार जायसवाल के साथी अमित सिंह राठौर ने फर्जी वसीयत तैयार कर शमी चंद्रा से अपने नाम बैनामा करा लिया। फर्जी वसीयत के जरिये कराया गया बैनामा शून्य दस्तावेज के तौर पर माना जाता है। इसके बावजूद अमित ने साजिश कर अपने गिरोह के विजय अग्रवाल, कार्तिक त्रिपाठी, मोहित अग्रवाल और रितेश अग्रवाल को फर्जी वसीयत से कराए गए बैनामे के जरिये जमीन बेच दी।
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ट्रांसपोर्टर विजय अग्रवाल और मैनेजर अंडरग्राउंड, तलाश तेज
- लेखपाल सावन कुमार जायसवाल के गिरोह को आर्थिक तौर पर मदद करने के मामले में शहर निवासी ट्रांसपोर्टर और रिसोर्ट मालिक विजय अग्रवाल व उसका मैनेजर अंकिश त्रिपाठी अभी तक गिरफ्तार नहीं हो सके हैं, जबकि इनके खिलाफ लगातार नई रिपोर्ट दर्ज हो रही हैं। अब बिथरी में दर्ज नई रिपोर्ट में भी विजय अग्रवाल की सहभागिता सामने आ रही है। आरोप है कि अंकिश त्रिपाठी के जरिये सावन के तार विजय अग्रवाल से जुड़े थे और लिखापढ़ी व गुर्गों पर किए जाने वाला खर्च विजय अग्रवाल ही वहन करता था। इसके बदले में विवादित जमीनों को वह अपने लोगों के नाम कराता था। बताते हैं कि एसआईटी को काफी तलाशने के बाद भी दोनों आरोपियों का सुराग नहीं मिल पा रहा है।
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गैरमौजूदगी में गिरोह ने किया फर्जीवाड़ा
- पीड़ित कपिल अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि वह व्यक्तिगत काम से कुछ दिन तक शहर से बाहर थे, इसलिए उन्हें इस फजीवाड़ा की जानकारी बाद में हो सकी। जब वह शहर लौटे तो थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। बिथरी थाना प्रभारी अभिषेक सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। आरोपों के मुताबिक गिरफ्तारी की जाएगी। अमर उजाला ब्यूरो