Bareilly Triple Murder: अब परमवीर को घेरने की तैयारी, लेखपाल ने सरकारी जमीन पर कब्जे की रिपोर्ट
गांव गोविंदपुर में रामगंगा के उस पार परमवीर सिंह ने 17 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था। नौ जनवरी को 53 लाख रुपये जुर्माना लगाए जाने के बाद भी परमवीर सिंह ने कब्जा नहीं छोड़ा। मंगलवार को लेखपाल ने जमीन कब्जाने के आरोप में परमवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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बरेली के कटरी कांड के आरोपी सुरेश प्रधान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस-प्रशासन परमवीर सिंह को कानूनी तौर पर घेरने में जुटा है। उसके खिलाफ फरीदपुर कोतवाली में नई रिपोर्ट कराई गई है। इसमें 17 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप है। पुलिस ने चंडीगढ़ में बने उसके शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कराने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव गोविंदपुर में रामगंगा के उस पार परमवीर सिंह ने 17 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था। नौ जनवरी को 53 लाख रुपये जुर्माना लगाए जाने के बाद भी परमवीर सिंह ने कब्जा नहीं छोड़ा। सोमवार को राजस्व विभाग की टीम ने फसल को जुतवाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया था।
मंगलवार को लेखपाल नारायण लाल ने जमीन कब्जाने के आरोप में परमवीर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। तहसीलदार शेर बहादुर सिंह ने बताया कि बुधवार को फिर राजस्व टीम मौके पर जाकर अन्य सरकारी जमीनों को भी कब्जामुक्त कराएगी।
कटरी कांड के तीन और आरोपियों को भेजा जेल
कटरी कांड में मंगलवार को तीन और आरोपी जेल भेज दिए गए। अब तक दोनों पक्षों से 16 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मंगलवार को पुलिस ने परमवीर सिंह पक्ष के सुरेंद्रपाल सिंह निवासी गांव मदनपुर, थाना शाहाबाद मारकंडा, जिला कुरुक्षेत्र, हरियाणा एवं अनमोल रतन पुत्र पंजाब सिंह निवासी थाना नीलोखेड़ी, जिला करनाल, हरियाणा को गिरफ्तार किया है।
बदायूं के बिनावर थाना क्षेत्र के मईरजऊ निवासी सुरेश प्रधान के ड्राइवर ऋषिपाल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से तलवार और लाठी बरामद हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
उम्रदराज सुरेंद्र ने खुद को बताया विद्यार्थी
पुलिस की पूछताछ में सुरेंद्र पाल सिंह (50) ने बताया कि वह सच की खोज संस्था में पढ़ाई करने आया था। वह धर्म के लिए समर्पित है। खाली वक्त में वह फॉर्म हाउस में काम करता था। उसने बताया कि ट्रॉली में गन्ना भरते समय सुरेश प्रधान अपने 30 साथियों के साथ आया और उनको रोक दिया।
विरोध पर उसके पक्ष के लोगों ने मारपीट व फायरिंग शुरू कर दी। इसमें वह घायल हो गया, जबकि उसके साथी परमिंदर व देवेंद्र की मौत हो गई। इधर, सुरेश प्रधान के चालक ऋषिपाल ने बताया कि सुरेश के बुलावे पर वे लोग तीन गाड़ियों से घटनास्थल पर पहुंचे थे। घटना के बाद स्टीमर से नदी पार करके फरार हो गए।