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आरोप : पसंदीदा कंपनी से उपकरण खरीदने का दबाव बना रहे अफसर
Thu, 12 Mar 2026 03:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 12 Mar 2026 03:04 AM IST
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बरेली। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब बनाने के लिए आने वाले उपकरणों की खरीद पसंदीदा फर्म से करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है।यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) पर नियमों को ताक पर रखकर शिक्षकों पर दबाव बनाने की बात कही है।
उन्होंने बताया कि शासन ने जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब विकसित करने के लिए 1,35,000 रुपये स्कूल प्रबंध समिति (एसएमसी) के खातों में भेजे हैं। आरोप है कि विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की जानकारी के बिना ही एक फर्म के बिल पहले से ही तैयार कर लिए गए हैं।
कुछ खंड शिक्षा अधिकारी स्वयं स्कूलों में जाकर या शिक्षकों को बीआरसी बुलाकर इन बिलों को थमा रहे हैं और जबरन संबंधित फर्म से ही सामग्री खरीदने का दबाव बना रहे हैं। यूटा का कहना है कि जब प्रदेश स्तर से सेंट्रलाइज्ड खरीदारी के कोई निर्देश नहीं हैं, तो ब्लॉक स्तर पर इस तरह की मनमानी क्यों की जा रही है। प्रधानाध्यापकों को दरकिनार कर पीएफएमएस पोर्टल से पहले ही बिल जेनरेट करना वित्तीय नियमों का खुला उल्लंघन है।
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भानु प्रताप सिंह ने बताया कि इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया था, लेकिन व्यस्तता के कारण वार्ता नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि अगर बीईओ दबाव बनाना बंद नहीं करते हैं तो शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि शासन ने जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब विकसित करने के लिए 1,35,000 रुपये स्कूल प्रबंध समिति (एसएमसी) के खातों में भेजे हैं। आरोप है कि विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की जानकारी के बिना ही एक फर्म के बिल पहले से ही तैयार कर लिए गए हैं।
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कुछ खंड शिक्षा अधिकारी स्वयं स्कूलों में जाकर या शिक्षकों को बीआरसी बुलाकर इन बिलों को थमा रहे हैं और जबरन संबंधित फर्म से ही सामग्री खरीदने का दबाव बना रहे हैं। यूटा का कहना है कि जब प्रदेश स्तर से सेंट्रलाइज्ड खरीदारी के कोई निर्देश नहीं हैं, तो ब्लॉक स्तर पर इस तरह की मनमानी क्यों की जा रही है। प्रधानाध्यापकों को दरकिनार कर पीएफएमएस पोर्टल से पहले ही बिल जेनरेट करना वित्तीय नियमों का खुला उल्लंघन है।
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भानु प्रताप सिंह ने बताया कि इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया था, लेकिन व्यस्तता के कारण वार्ता नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि अगर बीईओ दबाव बनाना बंद नहीं करते हैं तो शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।