{"_id":"677c34be259da6820805ad6e","slug":"allegation-of-extortion-in-the-name-of-construction-of-house-bareilly-news-c-4-1-bly1039-555853-2025-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: आवास बनवाने के नाम पर उगाही का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: आवास बनवाने के नाम पर उगाही का आरोप
विज्ञापन
मीरगंज। कस्बे की एक महिला ने एक वार्ड के सभासद पर पीएम आवास बनवाने के नाम पर पैसे वसूलने का आरोप लगाया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
शीशगढ़ पीएम आवास योजना लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई बार अधिकारियों ने जांच की है, जिसमें कई लोग अपात्र पाए गए तो उनके घर वसूली के नोटिस दिए गए, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब दोबारा से लोगों के आवासों की राशि आनी शुरू हो गई है। इसमें लोग बताते है कि ज्यादातर लोग अभी भी अपात्र हैं। अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर आवास पास कर दिया है।
कुछ महीनों पहले तहसील मीरगंज के नायब तहसीलदार, कानूनगो कस्बे में जांच करने पहुंचे थे। इसमें 10 पीएम आवास के लाभार्थियों की जांच की, तो सभी कोठी बंगलों के मालिक निकले थे। इसे देख जांच टीम भी अचंभित हो गई थी। कस्बे में पीएम आवास के 1142 लाभार्थी हैं, जिनमें से ज्यादातर आवास रसूखदारों ब बड़े कारोबारी को दे दिए गए हैं।
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि कस्बे के सभी पीएम आवासों की जांच की जाए तो ज्यादातर आवास अपात्रों के ही निकलेंगे। कस्बे के तमाम लोगों ने कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। संवाद
विज्ञापन
शीशगढ़ पीएम आवास योजना लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई बार अधिकारियों ने जांच की है, जिसमें कई लोग अपात्र पाए गए तो उनके घर वसूली के नोटिस दिए गए, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब दोबारा से लोगों के आवासों की राशि आनी शुरू हो गई है। इसमें लोग बताते है कि ज्यादातर लोग अभी भी अपात्र हैं। अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर आवास पास कर दिया है।
विज्ञापन
कुछ महीनों पहले तहसील मीरगंज के नायब तहसीलदार, कानूनगो कस्बे में जांच करने पहुंचे थे। इसमें 10 पीएम आवास के लाभार्थियों की जांच की, तो सभी कोठी बंगलों के मालिक निकले थे। इसे देख जांच टीम भी अचंभित हो गई थी। कस्बे में पीएम आवास के 1142 लाभार्थी हैं, जिनमें से ज्यादातर आवास रसूखदारों ब बड़े कारोबारी को दे दिए गए हैं।
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि कस्बे के सभी पीएम आवासों की जांच की जाए तो ज्यादातर आवास अपात्रों के ही निकलेंगे। कस्बे के तमाम लोगों ने कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। संवाद