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Bareilly News: माता-पिता के सुपुर्द किए गए अलीगढ़ के भाई-बहन
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बरेली। अलीगढ़-बरेली पैसेंजर में लावारिस हालत में मिले अलीगढ़ के नाबालिग भाई-बहन को शनिवार को चाइल्ड लाइन ने बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। जहां से उनको माता-पिता की सुपुर्दगी में दे दिया गया। वह दोनों घर में रखे 97,900 रुपये लेकर चुपके से खरीदारी के लिए निकले थे।
जीआरपी को बृहस्पतिवार रात 12:25 बजे 04377 अलीगढ़-बरेली पैसेंजर से लावारिस हालत में नाबालिग भाई-बहन मिले थे। उनके पास से पॉलीथिन में 97,900 रुपये रुपये भी मिले। दोनों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया। पूछताछ में नौ वर्ष की बहन ने चाइल्ड लाइन की सुपरवाइजर दिव्या को अपने शिक्षक का मोबाइल नंबर बताया। इस नंबर के जरिये बच्चों के माता-पिता से संपर्क किया गया। अलीगढ़ की बिस्मिल्ला कॉलोनी निवासी इनके पिता रहमत और मां जरीना शनिवार को बरेली पहुंचे।
जरीना ने बताया कि उसका पति होटल में नौकरी करता है। प्लॉट खरीदने करने के लिए उसने रुपये इकट्ठे किए थे। बुधवार को बयाना देने के लिए रुपये निकाले थे। इसके बाद दोनों काम पर चले गए। लड़की ने बताया कि उसने मां को रुपये रखते हुए देख लिया था। कपड़े और खिलौने खरीदने के लिए उसने रुपये निकाल लिए। इसके बाद सात वर्ष के भाई के साथ खरीदारी करने निकल गई। वह दोनों ट्रेन में बैठ गए और बरेली पहुंए गए। बाल कल्याण समिति ने बच्चों को माता-पिता के सुपुर्द कर दिया है। दिव्या ने बताया कि लिखा-पढ़ी कर थाने से रुपये रिलीज कराकर परिवार वालों को सौंप दिए जाएंगे।
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जीआरपी को बृहस्पतिवार रात 12:25 बजे 04377 अलीगढ़-बरेली पैसेंजर से लावारिस हालत में नाबालिग भाई-बहन मिले थे। उनके पास से पॉलीथिन में 97,900 रुपये रुपये भी मिले। दोनों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया। पूछताछ में नौ वर्ष की बहन ने चाइल्ड लाइन की सुपरवाइजर दिव्या को अपने शिक्षक का मोबाइल नंबर बताया। इस नंबर के जरिये बच्चों के माता-पिता से संपर्क किया गया। अलीगढ़ की बिस्मिल्ला कॉलोनी निवासी इनके पिता रहमत और मां जरीना शनिवार को बरेली पहुंचे।
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जरीना ने बताया कि उसका पति होटल में नौकरी करता है। प्लॉट खरीदने करने के लिए उसने रुपये इकट्ठे किए थे। बुधवार को बयाना देने के लिए रुपये निकाले थे। इसके बाद दोनों काम पर चले गए। लड़की ने बताया कि उसने मां को रुपये रखते हुए देख लिया था। कपड़े और खिलौने खरीदने के लिए उसने रुपये निकाल लिए। इसके बाद सात वर्ष के भाई के साथ खरीदारी करने निकल गई। वह दोनों ट्रेन में बैठ गए और बरेली पहुंए गए। बाल कल्याण समिति ने बच्चों को माता-पिता के सुपुर्द कर दिया है। दिव्या ने बताया कि लिखा-पढ़ी कर थाने से रुपये रिलीज कराकर परिवार वालों को सौंप दिए जाएंगे।
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