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Bareilly News: रुपये लेकर भी नहीं दिया दाखिला, मंगलायतन यूनिवर्सिटी को ब्याज सहित लौटानी होगी रकम

Sat, 11 Jul 2026 12:24 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sat, 11 Jul 2026 12:24 AM IST
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Admission denied despite payment; Mangalayatan University must refund the amount with interest.
बरेली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम ने अलीगढ़ की मंगलायतन यूनिवर्सिटी को छात्र के प्रवेश के नाम पर जमा कराए गए एक लाख रुपये नौ फीसदी वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। यह ब्याज 26 सितंबर 2019 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक देय होगा। साथ ही, वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये के भुगतान का भी आदेश दिया है।
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दुर्गानगर निवासी प्रमोद कुमार जायसवाल ने वाद दायर कर आरोप लगाया था कि विकास सक्सेना ने स्वयं को मंगलायतन यूनिवर्सिटी का अधिकृत प्रतिनिधि बताया था। उनके पुत्र को बी-फार्मा सेकंड ईयर में प्रवेश दिलाने का भरोसा देकर एक लाख रुपये नकद और एक लाख रुपये का बैंक ड्राफ्ट विश्वविद्यालय के नाम पर जमा कराया था। बाद में अतिरिक्त धनराशि की मांग भी की गई। प्रवेश नहीं मिलने पर प्रमोद ने रकम वापस मांगी, लेकिन नहीं मिली।
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सुनवाई के दौरान प्रमोद एक लाख रुपये नकद देने के संबंध में साक्ष्य नहीं दे सके। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से आयोग को बताया कि एक लाख रुपये का बैंक ड्राफ्ट का भुगतान 26 सितंबर 2019 को मंगलायतन यूनिवर्सिटी के खाते में कर दिया गया था। आयोग ने पाया कि विश्वविद्यालय ने ड्राफ्ट की राशि प्राप्त होने के बावजूद छात्र का प्रवेश नहीं कराया, न ही रकम लौटाई। इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा माना गया।
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आयोग के अध्यक्ष राधेश्याम यादव, सदस्य मुक्ता गुप्ता और प्रशांत मिश्रा की पीठ ने 12 जून को मंगलायतन यूनिवर्सिटी के विरुद्ध आदेश पारित कर दिया। आदेश का पालन नहीं होने पर शिकायतकर्ता को विधिक कार्रवाई का अधिकार भी दिया है। पर्याप्त एवं विश्वसनीय साक्ष्यों के अभाव में आयोग ने विकास सक्सेना और बैंक ऑफ बड़ौदा को राहत दी है।
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टेंडर विवाद...हाईकोर्ट की अनुमति के बिना जारी नहीं होगा आशय पत्र
बरेली/मीरगंज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टेंडर प्रक्रिया में आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि अब तक आशय पत्र जारी नहीं हुआ है तो उसे न्यायालय की अनुमति के बिना जारी नहीं किया जाएगा। इस आदेश से संबंधित टेंडर प्रक्रिया पर फिलहाल यथास्थिति बनी रहेगी और मामले में अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के बाद होगा।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधीक्षण अभियंता की ओर से एक अप्रैल को त्वरित विकास योजना के तहत 57 निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। इनमें से 15 निविदाओं पर वर्मा काॅन्ट्रैक्टर ने आवेदन किया था। विभाग ने उन्हें बिना कारण बताए निरस्त कर दिया था। इसको लेकर ठेकेदार मोतीराम वर्मा ने आलाधिकारियों से शिकायत कर जांच की गुहार लगाई। सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने मामले में निर्देश प्राप्त करने के लिए समय मांगा। इस पर न्यायालय ने उन्हें अगली निर्धारित तिथि तक निर्देश प्राप्त करने का अवसर दिया। उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तिथि तय की है।
हैसियत से ज्यादा का भरा टेंडर, शपथ पत्र में कई स्थानों पर कटिंग
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता विनय कुमार का कहना है कि संबंधित फर्म की हैसियत दो करोड़ रुपये की है, लेकिन उसने 10 करोड़ से ज्यादा के टेंडर डाले थे। संबंधित फर्म के प्रोपराइटर की ओर से दाखिल किए गए शपथ पत्र में भी कई स्थानों पर ओवर राइटिंग और कटिंग की गई है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाई है। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।
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लापरवाह चालक पर 2,500 रुपये जुर्माना
बरेली। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कक्ष संख्या-छह) शुभम ने लापरवाह चालक कैंट निवासी मनोज कुमार को बृहस्पतिवार को 2,500 रुपये जुर्माने और जेल में बिताई अवधि की सजा से दंडित किया है। मनोज ने छह अक्तूबर 2010 को कैंट क्षेत्र में एक व्यक्ति को वाहन से टक्कर मारकर घायल कर दिया था। इस मामले में आरोपी ने अदालत में अपनी गलती को स्वीकार करते हुए कम से कम सजा का अनुरोध किया। कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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विवेचना में झोल...गवाह हुआ पक्षद्रोही, गैंगस्टर एक्ट के तीन आरोपी बरी
बरेली। स्पेशल जज संतोष कुमार यादव ने गैंगस्टर एक्ट के आरोपी भुता थाना क्षेत्र के गांव कीरतपुर निवासी देव स्वरूप, बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के गांव तस्करीगंज निवासी शिव कुमार और सुभाषनगर थाना क्षेत्र के शांति बिहार निवासी महेश को बृहस्पतिवार को दोषमुक्त करार दिया है। पुलिस विवेचना में झोल और स्वतंत्र गवाह के पक्षद्रोही होने का लाभ आरोपियों को मिला। एक आरोपी गांव रहपुरा गिरधारी निवासी ढाकन लाल की मौत हो चुकी है।
सुभाषनगर के तत्कालीन थानाध्यक्ष पीडी शर्मा ने 20 सितंबर 2023 काे ढाकन लाल, देव स्वरूप, शिव कुमार और महेश के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। गैंग चार्ट में आरोपियों के खिलाफ तीन-तीन मामले दर्शाए गए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। इनमें एक स्वतंत्र गवाह पक्षद्रोही हो गया। अन्य पांच गवाहों में पुलिस विभाग के ही अफसर-कर्मचारी शामिल रहे।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि पुलिस की विवेचना में ही झोल है। कोई ऐसा साक्ष्य पेश नहीं किया गया जो यह साबित कर सके कि आरोपी गिरोहबंद अपराध के जरिये अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करते थे। सुनवाई में बाद कोर्ट ने आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है।
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बिजली चोरी के दोषी पर पांच हजार रुपये जुर्माना
बरेली। स्पेशल जज ईसी एक्ट रामानंद ने बिजली चोरी के मामले में दोषी इज्जतनगर थाना क्षेत्र के मोहल्ला कुम्हरा निवासी गौस मोहम्मद पर शुक्रवार को पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को जेल में 15 दिन और रहना होगा। गौस मोहम्मद के घर पर पांच फरवरी 2018 को बिजली चोरी पकड़ी गई थी। उसके खिलाफ विद्युत चोरी अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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दुष्कर्म के मामले में कार्रवाई समाप्त
बरेली। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक कुमार यादव ने इज्जतनगर निवासी दुष्कर्म के आरोपी कमलेश उर्फ मोनू यादव के खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी है। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2024 में एक युवती ने बार-बार दुष्कर्म करने, धमकी देने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जमानत पर छूटने के बाद आरोपी ने हाईकोर्ट की शरण ली। उसने कोर्ट का बताया कि आरोप लगाने वाली युवती से उसका समझौता हो गया है। युवती की ओर से भी शपथ पत्र दाखिल किया गया। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद 26 मई को आरोपी के खिलाफ चल रहे मुकदमे में कार्रवाई खत्म करने का आदेश दिया था।
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एनडीपीएस एक्ट में दोषी को चार माह एक दिन की कैद
बरेली। स्पेशल जज ने राघवेंद्र मणि ने एनडीपीएस एक्ट में दोषी झारखंड के जिला चतरा के थाना मजूरन के गांव परौरिया निवासी सुरेंद्र कुमार दांगी को शुक्रवार को चार साल एक दिन की कैद और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 27 नवंबर 2021 को कोतवाली पुलिस ने 500 ग्राम अफीम के साथ उसे गिरफ्तार किया था।
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दो बार जमानत शर्तों का उल्लंघन, तीसरी बार कोर्ट ने निरस्त की अर्जी

बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश हेमेंद्र कुमार सिंह ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी कैंट थाना क्षेत्र के गांव चौबारी निवासी रवि कुमार उर्फ गुड्डू की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। उसके खिलाफ 2012 में मामला दर्ज कराया गया था। आरोपी को इस मामले में दो बार जमानत मिल चुकी है। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। इसके बाद पुलिस ने उसको छह जून को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। आरोपी इसके बाद से जेल में है। जमानत अपील का अभियोजन ने विरोध करते हुए कहा कि आरोपी जमानत मिलने पर फरार हो सकता है। वह दो बार जमानत शर्तों का उल्लंघन कर चुका है। ऐसे में उसकी जमानत अर्जी को निरस्त किया जाना चाहिए।
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बीसलपुर में वारदात...नक्शा-नजरी बरेली का, अंतिम रिपोर्ट निरस्त
बरेली। स्पेशल जज हेमेंद्र कुमार सिंह ने वादी पक्ष के प्रोटेस्ट पर दुष्कर्म के मामले में पुलिस की ओर से दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट को बृहस्पतिवार को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि विवेचना अपूर्ण और त्रुटिपूर्ण है। घटना स्थल बीसलपुर का है, जबकि विवेचक ने नक्शा-नजरी बरेली का पेश किया है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
भुता थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने 10 जुलाई 2025 को विकास नामक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि सात जुलाई को उसकी नाबालिग बेटी अपनी सहेली के पास कॉपी लेने गई थी। रास्ते में विकास उसको अगवा कर बीसलपुर की ओर ले गया। उसकी बेटी के साथ अश्लील हरकत की, कपड़े फाड़ दिए और जान से मारने की धमकी दी। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी को क्लीनचिट देते हुए अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी।

वादी ने इसके खिलाफ प्रोटेस्ट किया और बताया कि विवेचक ने पीड़िता का बयान नहीं लिया। उससे सादा कागज पर हस्ताक्षर करा लिए गए। विवेचना निष्पक्ष नहीं हुई है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करते हुए मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है।
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