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Bareilly News: प्रशासन ने खाली कराया श्री गंगाजी महारानी मंदिर का भवन

Sat, 21 Dec 2024 01:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2024 01:52 AM IST
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Administration evacuated the building of Shri Gangaji Maharani Temple
- भवन खाली होने के बाद प्रशासन ने लगाई सील, किसी ने लगा दिया भगवा झंडा, हिंदूवादी संगठनों ने शनिवार को शुद्धिकरण का किया एलान, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के बीच हटवाया गया मुस्लिम परिवार का सामान
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बरेली। किला थाना क्षेत्र के कटघर मोहल्ले में जिस भवन के श्री गंगाजी महारानी मंदिर होने का दावा किया जा रहा है, उसे जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को मुस्लिम परिवार से खाली करा दिया। सामान हटवाए जाने के दौरान ही भवन पर किसी ने भगवा झंडा भी लगा दिया। अब हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों ने शनिवार को भवन के शुद्धिकरण का एलान किया है, ताकि मंदिर परिसर में पूजा-पाठ शुरू किया जा सके। हालांकि, विवाद की स्थिति को टालने के लिए जिला प्रशासन ने भवन को सील कर वहां पुलिस का पहरा बिठा दिया है।
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अभी तक उक्त भवन को दौली रघुवर दयाल साधन सहकारी समिति का बताया जा रहा था। समिति के अपने गोदाम को चार साल पहले ही शिफ्ट किए जाने की रिपोर्ट दी तो प्रशासन के निर्देश पर कथित चौकीदार वाहिद अली को सात दिनों में भवन खाली करने का नोटिस बृहस्पतिवार को दिया गया था। विवाद बढ़ता देख प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में शुक्रवार को भवन को खाली करवा दिया।
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सुबह से ही भवन को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। पहले ठेलियों से वाहिद अली का सामान हटवाया गया। इसके बाद प्रशासन ने मजदूर लगाकर भीतर से अन्य गैरजरूरी सामान भी हटवा दिया। छह घंटे तक चली कवायद के बाद भवन को सील कर दिया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई है, ताकि किसी तरह का विवाद होने पर इसका उपयोग किया जा सके।
भवन खाली कराए जाने के दौरान हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए। उनको भवन में घुसने से रोकने के लिए पुलिस को सख्ती बढ़ानी पड़ी। इसके बाद भी किसी ने भवन पर भगवा झंडा लगा दिया गया।
छावनी में तब्दील रहा इलाका
शुक्रवार को भवन खाली कराने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले ही पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। अंदर से लेकर बाहर मुख्य सड़क तक पुलिसकर्मी आंसू गैस के गोलों सहित तैनात रहे। भवन में रहने वाले वाहिद अली के परिवार को भी समझाया गया। भवन को खाली करने का सिलसिला सुबह 10 बजे से शुरू हुया। यहां वाहिद अली के बेटों सहित परिवार के 14 सदस्य रहते थे। भवन के मंदिर होने का दावा करने वाले राकेश और अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष बृजेश पाठक ने अंदर प्रवेश करने की कोशिश की। इस बीच उनकी पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद दोनों दावेदार मौके से चले गए। शाम चार बजे अधिकारियों ने भवन को खाली कराकर उसे सील कर दिया।

छलका साजिद का दर्द
वाहिद अली के बेटे साजिद ने कहा कि प्रशासन ने उनको समय नहीं दिया। सुबह सोकर उठते ही पुलिस घर में घुस आई और भवन खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

बकाया है 1.52 लाख रुपये गृहकर
विवादित भवन पर नगर निगम का 1.52 लाख रुपये से अधिक का गृहकर बकाया है। वर्ष 1905 में यह भवन बनकर तैयार हुआ था। इससे पहले यहां ताड़ीखाने का संचालन होता था। वर्ष 1956 से भवन में सहकारी समिति का संचालन किया जा रहा था। इसके बाद वाहिद अली को भवन की चौकीदारी दे दी गई थी।


दावा : जल्द शुरू की जाएगी पूजा
नाथ नगरी सुरक्षा समूह बरेली के संयोजक दुर्गेश कुमार गुप्ता का कहना है कि 250 वर्ष पुराने इस मंदिर परिसर को मुक्त कराया गया है। अब शनिवार को पवित्र गंगाजल से मंदिर परिसर का शुद्धिकरण किया जाएगा। इसके बाद यहां पूजा-अर्चना शुरू की जाएगी। अखिल भारतीय हिंदू महासंघ के मंडल अध्यक्ष पंकज पाठक भी शुक्रवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी डीएम से मंदिर परिसर को मुक्त कराने की मांग की थी।
अमर उजाला ब्यूरो
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