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एक साल बाद मां मिली तो लिपट गई किशोरी
बरेली
Updated Wed, 24 Feb 2016 01:32 AM IST
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पढ़ाई के लिए पिता के डांटने पर घर छोड़कर आई बारह साल की किशोरी को एक साल बाद मां मिली तो लिपटकर रोने लगी। चाइल्ड लाइन की टीम किशोरी को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के आदेश पर चंदौसी (संभल) में उसके गांव लेकर पहुंची थी। किशोरी जंक्शन के माहौल में रहने पर नशे की आदी हो जाने पर भीख मांगकर पेट पाल रही थी।
शुक्रवार को जीआरपी ने बारह साल की किशोरी को भीख मांगते हुए पकड़कर चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। चाइल्ड लाइन की टीम ने किशोरी का काउंसलिंग कराई तो उसने अपनी पूरी कहानी बता दी। किशोरी ने बताया कि एक साल पहले पिता के डांटने पर वह ट्रेन में सवार होकर बरेली चली आई। यहां भीख मांगकर उसने पेट भरना शुरू कर दिया। प्लेट फार्म पर ही सो जाती थी। वहां पहले से भीख मांगने वाले बच्चों ने उसकी मुलाकात एक युवक से कराई। उन्हीं बच्चों के साथ वह नशे की आदी होकर भीख मांगने लगी। शाम को भीख मांगने के बाद हम लोगों के आते ही एक युवक आता था। वह उन्हें डांटकर खाने लायक छोड़कर बाकी रुपये छीनकर ले जाता था। किशोरी ने काउंसलिंग में अपने गांव का नाम हाथा बाबरिया, चंदौसी(संभल) बताया। मेडिकल कराने के बाद किशोरी को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। वहां से किशोरी को घर पहुंचाने के आदेश जारी कर दिए गए। चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक गजेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार की शाम को चाइल्ड लाइन की टीम किशोरी को गांव लेकर पहुंची तो उसके घर में खुशी की माहौल था। मां ने बेटी को देखते ही गले लगा लिया।
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शुक्रवार को जीआरपी ने बारह साल की किशोरी को भीख मांगते हुए पकड़कर चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। चाइल्ड लाइन की टीम ने किशोरी का काउंसलिंग कराई तो उसने अपनी पूरी कहानी बता दी। किशोरी ने बताया कि एक साल पहले पिता के डांटने पर वह ट्रेन में सवार होकर बरेली चली आई। यहां भीख मांगकर उसने पेट भरना शुरू कर दिया। प्लेट फार्म पर ही सो जाती थी। वहां पहले से भीख मांगने वाले बच्चों ने उसकी मुलाकात एक युवक से कराई। उन्हीं बच्चों के साथ वह नशे की आदी होकर भीख मांगने लगी। शाम को भीख मांगने के बाद हम लोगों के आते ही एक युवक आता था। वह उन्हें डांटकर खाने लायक छोड़कर बाकी रुपये छीनकर ले जाता था। किशोरी ने काउंसलिंग में अपने गांव का नाम हाथा बाबरिया, चंदौसी(संभल) बताया। मेडिकल कराने के बाद किशोरी को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। वहां से किशोरी को घर पहुंचाने के आदेश जारी कर दिए गए। चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक गजेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार की शाम को चाइल्ड लाइन की टीम किशोरी को गांव लेकर पहुंची तो उसके घर में खुशी की माहौल था। मां ने बेटी को देखते ही गले लगा लिया।
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