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एक घंटे की बारिश में उफना शहर
Bareilly
Updated Tue, 15 Jul 2014 05:34 AM IST
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बरेली। आखिर वही हुआ जिसका अंदेशा था। नगर निगम ने मानसून से कुछ दिनों पहले ही नालों की तलीझाड़ सफाई के लिए 40 लाख के ठेके पर विशेष अभियान चलाए जाने का दावा किया। निगम का यह दावा मानसून की पहली और महज एक घंटे की बारिश में धुल गया। चोक नाले, नालों से निकली सिल्ट ने शहर की सड़कों नाले में तब्दील कर दिया। सीवर ड्रेनेज सिस्टम के ध्वस्त होने जाने से गलिया गंदे तालाब में तब्दील हो गईं और रही सही कसर अधूरी सड़कों, अधबने नालों ने पूरी कर दी। घरों में गंदा बदबूदार पानी घुसा।
सिकलापुर-कालीबाड़ी
नाला चोक होने से सिकलापुर चौराहे पर जलभराव हो गया। मिर्चीवाली गली में हाटमिक्स की अधूरी बनी सड़क से गुजरने में कठिनाई हुई। लाल मस्जिद मटकी चौकी में चार दिन से सीवर बंद होने से गंदा पानी सड़क पर आकर गलियों में भर गया। शहामतगंज चौराहे के चारो ओर बने गड्ढों में जलभराव होने से यहां से गुजरने वाले वाहन पूरे दिन फंसते रहे।
पुराना शहर बदहाल
कुसुम कुमारी इंटर कालेज से अस्पताल तक नाला और सीवर उफन जाने से पानी घरों में घुस गया। सीवर चार दिन से बंद था। बनखंडीनाथ से पीलीभीत बाईपास तक नाला चोक होने से गलियों में गंदा पानी भरा। चकमहमूद जियापुर, नई बस्ती, लोधी टोला, रबड़ी टोला, कांकर टोला, रोहिली टोला, सूफी टोला में ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त होने से चोक नाले-नालियों का पानी घरों में भरा।
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संजय नगर-डेलापीर
नाला चोक होने से आधा दर्जन कालोनियों में जलभराव हो गया। जर्जर सड़कों पर जलभराव से यात्रियों को आवागमन में कठिनाई हुई। नाला गैंग भेजकर सफाई कराई गई। डेलापीर की आधा दर्जन कालोनियों समेत सुरेश शर्मा नगर और कर्मचारी नगर की गलियां मिनी तालाब में तब्दील नजर आईं।
सुभाष नगर-मढ़ीनाथ
पुलिया के नीचे एक से डेढ़ फुट पानी भरने से वाहन निकलने में दिक्कत हुई। शिवनगर, अशोक नगर, गणेश नगर, शांति विहार, तिलक कालोनी, वीर भट्टी, बीडीए कालोनी, करगैना, मढ़ीनाथ में भी पानी निकासी न होने से गलियों में दो से तीन फुट तक पानी भर गया।
माडल टाउन
अधूरा बना नाला चोक होने के कारण इलाके में जलभराव हो गया। वहीं कूड़ा भी पानी में बहा और सड़क नाले में तब्दील हो गई।
जलभराव वाले अन्य इलाके
रजत बिहार, नगरिया इज्जतनगर, चौधरी तालाब, द्वारिकापुरम, गंगापुर, बानखाना, गुलाबनगर, खुर्रम नगर गौंटिया, दुर्गानगर, फरीदापुर चौधरी, रहपुरा चौधरी, शास्त्रीनगर, त्रिमूर्ति चौराहा, हार्टमैन आदि।
‘नालों की सफाई बरसात से पहले हो जाती तो ये दिन नहीं देखना पड़ता। अफसरों ने नाला सफाई के टेंडर देर से निकाले। शहर की बदहाली के लिए वह अफसर पूरी तरह जिम्मेदार हैं जो फाइल बिना किसी वजह से हफ्तों अपने पास रोके रहे।’ डा. आईएस तोमर, मेयर
ठेके पर सफाई का काम देर से शुरू हुआ इसलिए सभी नाले साफ नहीं हो पाए। जलभराव के अधिकतर मामले सीवर-ड्रेनेज व्यवस्था ध्वस्त होने से हुए। जहां-जहां से जलभराव की शिकायत आई वहां नाला गैंग भेज कर सफाई कराई गई।
डा. एसपीएस सिंधू
नगर स्वास्थ्य अधिकारी, बरेली
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सिकलापुर-कालीबाड़ी
नाला चोक होने से सिकलापुर चौराहे पर जलभराव हो गया। मिर्चीवाली गली में हाटमिक्स की अधूरी बनी सड़क से गुजरने में कठिनाई हुई। लाल मस्जिद मटकी चौकी में चार दिन से सीवर बंद होने से गंदा पानी सड़क पर आकर गलियों में भर गया। शहामतगंज चौराहे के चारो ओर बने गड्ढों में जलभराव होने से यहां से गुजरने वाले वाहन पूरे दिन फंसते रहे।
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पुराना शहर बदहाल
कुसुम कुमारी इंटर कालेज से अस्पताल तक नाला और सीवर उफन जाने से पानी घरों में घुस गया। सीवर चार दिन से बंद था। बनखंडीनाथ से पीलीभीत बाईपास तक नाला चोक होने से गलियों में गंदा पानी भरा। चकमहमूद जियापुर, नई बस्ती, लोधी टोला, रबड़ी टोला, कांकर टोला, रोहिली टोला, सूफी टोला में ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त होने से चोक नाले-नालियों का पानी घरों में भरा।
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संजय नगर-डेलापीर
नाला चोक होने से आधा दर्जन कालोनियों में जलभराव हो गया। जर्जर सड़कों पर जलभराव से यात्रियों को आवागमन में कठिनाई हुई। नाला गैंग भेजकर सफाई कराई गई। डेलापीर की आधा दर्जन कालोनियों समेत सुरेश शर्मा नगर और कर्मचारी नगर की गलियां मिनी तालाब में तब्दील नजर आईं।
सुभाष नगर-मढ़ीनाथ
पुलिया के नीचे एक से डेढ़ फुट पानी भरने से वाहन निकलने में दिक्कत हुई। शिवनगर, अशोक नगर, गणेश नगर, शांति विहार, तिलक कालोनी, वीर भट्टी, बीडीए कालोनी, करगैना, मढ़ीनाथ में भी पानी निकासी न होने से गलियों में दो से तीन फुट तक पानी भर गया।
माडल टाउन
अधूरा बना नाला चोक होने के कारण इलाके में जलभराव हो गया। वहीं कूड़ा भी पानी में बहा और सड़क नाले में तब्दील हो गई।
जलभराव वाले अन्य इलाके
रजत बिहार, नगरिया इज्जतनगर, चौधरी तालाब, द्वारिकापुरम, गंगापुर, बानखाना, गुलाबनगर, खुर्रम नगर गौंटिया, दुर्गानगर, फरीदापुर चौधरी, रहपुरा चौधरी, शास्त्रीनगर, त्रिमूर्ति चौराहा, हार्टमैन आदि।
‘नालों की सफाई बरसात से पहले हो जाती तो ये दिन नहीं देखना पड़ता। अफसरों ने नाला सफाई के टेंडर देर से निकाले। शहर की बदहाली के लिए वह अफसर पूरी तरह जिम्मेदार हैं जो फाइल बिना किसी वजह से हफ्तों अपने पास रोके रहे।’ डा. आईएस तोमर, मेयर
ठेके पर सफाई का काम देर से शुरू हुआ इसलिए सभी नाले साफ नहीं हो पाए। जलभराव के अधिकतर मामले सीवर-ड्रेनेज व्यवस्था ध्वस्त होने से हुए। जहां-जहां से जलभराव की शिकायत आई वहां नाला गैंग भेज कर सफाई कराई गई।
डा. एसपीएस सिंधू
नगर स्वास्थ्य अधिकारी, बरेली