{"_id":"120-85331","slug":"Bareilly-85331-120","type":"story","status":"publish","title_hn":"कम से कम 200 दिन पढ़ाना अनिवार्य ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कम से कम 200 दिन पढ़ाना अनिवार्य
Bareilly
Updated Mon, 20 Jan 2014 05:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बरेली। परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई का नया शेड्यूल लागू कर दिया गया है। शासन के नए फरमान में प्राइमरी स्कूलों को साल में कम से कम दो सौ और जूनियर स्कूलों को 220 दिन शैक्षिक कार्यदिवस निर्धारित किए गए हैं। एडी बेसिक और बीएसए को शिक्षा का अधिकार अधिनियम का हवाला देकर समय सारिणी तय किये जाने को कहा गया है।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा द्वारा एडी बेसिक, डायट प्राचार्य और बीएसए को जारी आदेश में कहा गया है कि कक्षा एक से पांच तक के शिक्षण को न्यूनतम दो सौ और कक्षा पांच से आठ तक 220 कार्य दिवस निर्धारित किए जाएं। बीएसए को समय सारिणी का निर्धारण करते समय ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि प्राइमरी में कम से कम आठ सौ और जूनियर कक्षाओं में न्यूनतम एक हजार घंटे पढ़ाई हो। वर्ष 2009 में लागू शिक्षा का अधिकार अधिनियम का हवाला देकर प्राइमरी और जूनियर स्कूलों से समय सारिणी तैयार कर शिक्षण कार्य कराए जाने के आदेश दिए गए हैं। जनपद के प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में आरटीई एक्ट के मानक के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती नहीं है। महानगर के ही एक दर्जन से ज्यादा स्कूल जहां शिक्षक विहीन हैं, वहीं कई स्कूल ऐसे हैं जिनमें 15 या 20 बच्चों पर आठ से 10 शिक्षक तैनात हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में क्यारा, बिथरी चेनपुर, भोजीपुरा के गावों में स्थित प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री हरीश बाबू शर्मा का कहना है कि शैक्षिक कार्यदिवस के अनुरूप पढ़ाई के लिए स्कूलों में आरटीई एक्ट के मानक के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती करनी होगी।
‘शासन के नए आदेश का पालन इसी सत्र से कराया जाएगा। खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश का पालन सख्ती से कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं।’
-चंद्रकेश सिंह यादव, बीएसए
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा द्वारा एडी बेसिक, डायट प्राचार्य और बीएसए को जारी आदेश में कहा गया है कि कक्षा एक से पांच तक के शिक्षण को न्यूनतम दो सौ और कक्षा पांच से आठ तक 220 कार्य दिवस निर्धारित किए जाएं। बीएसए को समय सारिणी का निर्धारण करते समय ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि प्राइमरी में कम से कम आठ सौ और जूनियर कक्षाओं में न्यूनतम एक हजार घंटे पढ़ाई हो। वर्ष 2009 में लागू शिक्षा का अधिकार अधिनियम का हवाला देकर प्राइमरी और जूनियर स्कूलों से समय सारिणी तैयार कर शिक्षण कार्य कराए जाने के आदेश दिए गए हैं। जनपद के प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में आरटीई एक्ट के मानक के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती नहीं है। महानगर के ही एक दर्जन से ज्यादा स्कूल जहां शिक्षक विहीन हैं, वहीं कई स्कूल ऐसे हैं जिनमें 15 या 20 बच्चों पर आठ से 10 शिक्षक तैनात हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में क्यारा, बिथरी चेनपुर, भोजीपुरा के गावों में स्थित प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री हरीश बाबू शर्मा का कहना है कि शैक्षिक कार्यदिवस के अनुरूप पढ़ाई के लिए स्कूलों में आरटीई एक्ट के मानक के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती करनी होगी।
विज्ञापन
‘शासन के नए आदेश का पालन इसी सत्र से कराया जाएगा। खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश का पालन सख्ती से कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं।’
-चंद्रकेश सिंह यादव, बीएसए