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सुझावों के साथ पीएचडी आर्डिनेंस ड्राफ्ट पास
Bareilly
Updated Tue, 06 Aug 2013 05:36 AM IST
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रूहेलखंड विश्वविद्यालय में एकेडमिक काउंसिल की बैठक
बरेली। रूहेलखंड विश्वविद्यालय में सभी विद्यार्थियों के डिवीजनल इम्प्रूवमेंट पर सहमति नहीं बन पाई लेकिन पीएचडी और नेट क्वालीफाई कर चुके ऐसे अभ्यर्थी जो स्नातक या परास्नातक में 55 फीसदी से कम अंक हासिल किये हों को इम्प्रूवमेंट के लिए आवेदन का मौका दिया जाएगा। ऐसा इसलिए कि वे शिक्षक पद के लिए अर्हता पूरी कर सकें। इसके अलावा काउंसिलि के सदस्यों ने कुछ सुझाव के साथ पीएचडी आर्डिनेंस का ड्राफ्ट भी पास कर दिया। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में कई अन्य फैसले भी हुए।
कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पीएचडी आर्डिनेंस के लिए काउंसिल के सदस्यों ने कई सुझाव दिए। एक शिक्षक ने कहा कि 10 साल पीजी में पढ़ाने वाले और जिनके अधिक से अधिक रिसर्च प्रकाशित हो चुके हों, उन्हें ही पीएचडी कराने की अनुमति दी जाए। इसी क्रम में अब एमफिल करने वाले विद्यार्थियों को छह महीने का मैथोडोलॉजी कोर्स नहीं करना पड़ेगा। उन्हें सीधे पीएचडी कराई जाएगी। इस सम्बंध में कुलपति लंबे समय से विचार कर रहे थे। बैठक में तय किया गया कि दिए गए सुझावों को पीएचडी आर्डिनेंस में जोड़ने के लिए एक बार फिर से डीन के साथ बैठक होगी। उसके बाद एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में आर्डिनेंस पास होने के बाद उसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। दोबारा इम्प्रूवमेंट वाले मामले में उन्हें ही इम्प्रूवमेंट देने का मौका मिलेगा, जिनके आवेदन काफी पुराने हैं। पुराने पैटर्न के हिसाब से ही उनकी परीक्षा भी कराई जाएगी। विद्यार्थी शिक्षक अर्हता से वंचित न रहें, इसलिए उन्हें एक और मौका दिया गया है। बैठक में रजिस्ट्रार डॉ. केएन पांडेय के साथ काउंसिल के तमाम सदस्य मौजूद रहे।
बीएड वोकेशनल से ‘वोकेशनल’ शब्द हटाने का प्रस्ताव
बरेली। रूहेलखंड विश्वविद्यालय में राज्य सरकार की ओर से बीएड वोकेशनल के लिए मंजूरी दी गई है। अब विभाग के शिक्षकोें को लग रहा है कि बीएड के आगे ‘वोकेशनल’ लगने की वजह से विद्यार्थियों को समस्या हो रही है। नौकरी के लिए आवेदन करने के दौरान तरह-तरह के सवाल पूछे जाते हैं। कई बार अभ्यर्थियों की दोवेदारी को खारिज भी कर दिया जाता है। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में एजूकेशन विभाग के वरिष्ठ शिक्षक ने प्रस्ताव रखा कि बीएड वोकेशनल से ‘वोकेशनल’ शब्द हटा दिया जाए। इस सुझाव को नोट कर लिया गया है, इसपर विश्वविद्यालय अलग से विचार करेगा। इस मामले को एग्जीक्यूटिव काउंसिल में भी रखा जाएगा।
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बरेली। रूहेलखंड विश्वविद्यालय में सभी विद्यार्थियों के डिवीजनल इम्प्रूवमेंट पर सहमति नहीं बन पाई लेकिन पीएचडी और नेट क्वालीफाई कर चुके ऐसे अभ्यर्थी जो स्नातक या परास्नातक में 55 फीसदी से कम अंक हासिल किये हों को इम्प्रूवमेंट के लिए आवेदन का मौका दिया जाएगा। ऐसा इसलिए कि वे शिक्षक पद के लिए अर्हता पूरी कर सकें। इसके अलावा काउंसिलि के सदस्यों ने कुछ सुझाव के साथ पीएचडी आर्डिनेंस का ड्राफ्ट भी पास कर दिया। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में कई अन्य फैसले भी हुए।
कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पीएचडी आर्डिनेंस के लिए काउंसिल के सदस्यों ने कई सुझाव दिए। एक शिक्षक ने कहा कि 10 साल पीजी में पढ़ाने वाले और जिनके अधिक से अधिक रिसर्च प्रकाशित हो चुके हों, उन्हें ही पीएचडी कराने की अनुमति दी जाए। इसी क्रम में अब एमफिल करने वाले विद्यार्थियों को छह महीने का मैथोडोलॉजी कोर्स नहीं करना पड़ेगा। उन्हें सीधे पीएचडी कराई जाएगी। इस सम्बंध में कुलपति लंबे समय से विचार कर रहे थे। बैठक में तय किया गया कि दिए गए सुझावों को पीएचडी आर्डिनेंस में जोड़ने के लिए एक बार फिर से डीन के साथ बैठक होगी। उसके बाद एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में आर्डिनेंस पास होने के बाद उसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। दोबारा इम्प्रूवमेंट वाले मामले में उन्हें ही इम्प्रूवमेंट देने का मौका मिलेगा, जिनके आवेदन काफी पुराने हैं। पुराने पैटर्न के हिसाब से ही उनकी परीक्षा भी कराई जाएगी। विद्यार्थी शिक्षक अर्हता से वंचित न रहें, इसलिए उन्हें एक और मौका दिया गया है। बैठक में रजिस्ट्रार डॉ. केएन पांडेय के साथ काउंसिल के तमाम सदस्य मौजूद रहे।
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बीएड वोकेशनल से ‘वोकेशनल’ शब्द हटाने का प्रस्ताव
बरेली। रूहेलखंड विश्वविद्यालय में राज्य सरकार की ओर से बीएड वोकेशनल के लिए मंजूरी दी गई है। अब विभाग के शिक्षकोें को लग रहा है कि बीएड के आगे ‘वोकेशनल’ लगने की वजह से विद्यार्थियों को समस्या हो रही है। नौकरी के लिए आवेदन करने के दौरान तरह-तरह के सवाल पूछे जाते हैं। कई बार अभ्यर्थियों की दोवेदारी को खारिज भी कर दिया जाता है। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में एजूकेशन विभाग के वरिष्ठ शिक्षक ने प्रस्ताव रखा कि बीएड वोकेशनल से ‘वोकेशनल’ शब्द हटा दिया जाए। इस सुझाव को नोट कर लिया गया है, इसपर विश्वविद्यालय अलग से विचार करेगा। इस मामले को एग्जीक्यूटिव काउंसिल में भी रखा जाएगा।
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