फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   निरुत्तर अफसरों को मंत्री ने दौड़ाया

निरुत्तर अफसरों को मंत्री ने दौड़ाया

Mon, 17 Jun 2013 05:31 AM IST
Bareilly
Bareilly Updated Mon, 17 Jun 2013 05:31 AM IST
विज्ञापन
बरेली। जिला योजना समिति की बैठक में कई अफसर आधी-अधूरी तैयारी रटे-रटाए जवाबों के साथ पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए तो वे निरुत्तर हो गए। इस पर प्रभारी मंत्री अंबिका चौधरी का पारा हाई हो गया। उन्होंने कई अफसरों को बैठक से उठाकर जनप्रतिनिधियों द्वारा मांगी गई जानकारी लाने उनके दफ्तर भेज दिया। आधी-अधूरी कार्ययोजना पेश करने पर डीएफओ को सबसे ज्यादा नाराजगी झेलनी पड़ी। उनके विभाग का बजट भी काट दिया गया। बैठक में न आने वाले पीएमजीएसवाई के संबंधित अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करने को सीडीओ को निर्देश दिए गए।
विज्ञापन

विकास भवन सभागार में शाम साढ़े चार बजे शुरू हुई बैठक में सबसे पहले कृषि विभाग का बजट पास हुआ। जिला गन्ना अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह का नंबर आया तो वह बुकलेट में लिखी बातें पढ़ने लगे। प्रभारी मंत्री ने इस पर उन्हें डांटते हुए गन्ना किसानों का भुगतान कराने के प्रयासों के बारे में पूछा तो वह चुप हो गए। डीएम ने बताया कि गन्ना किसानों के 28 प्रतिशत शेष भुगतान के लिए चीनी मिलों की खुले बाजार में बेची जा रही चीनी जब्त करके भुगतान किया जा रहा है। लघु सिंचाई विभाग का प्रतिनिधित्व करने एक एई आए थे। सांसद मेनका गांधी के प्रतिनिधि सतीश यादव ने आरोप लगाया कि निशुल्क बोरिंग के नाम पर धन की लुटाई हुई है। मौके पर बोरिंग हैं ही नहीं। एई इस आरोप पर कोई जवाब नहीं दे पाए। इस पर उन्हें पांच ऐसे नाम बताने को कहा गया जिन पर कार्रवाई की गई हो, लेकिन वह पांच नाम भी नहीं बता सके। इस पर प्रभारी मंत्री ने उन्हें दफ्तर जाकर कार्रवाई का रिकॉर्ड लाने को कहा। बाद में एई ने सूची लाकर बताया कि क्या कार्रवाई हुई है।
विज्ञापन

जिला उद्यान अधिकारी का तबादला हो जाने की वजह से उद्यान विभाग की ओर से एक सीनियर इंस्पेक्टर पहुंचे थे। उन्होंने विभागीय योजनाओं के लिए धन की डिमांड रखी तो जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह पैसा क्यों मांगा जा रहा है, कोई काम तो इस विभाग में होता नहीं है। सीनियर इंस्पेक्टर ने इस पर फरीदपुर क्षेत्र में हल्दी के पौधे लगवाने और किसानों का जागरूक करने की जानकारी दी तो फरीदपुर विधायक सियाराम सागर ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सब कुछ झूठ है। बात बढ़ी तो सीनियर इंस्पेक्टर को भी दफ्तर से रिकॉर्ड लाने भेज दिया गया ताकि वह सही जवाब दे सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

नहीं होगा पौधरोपण के नाम पर पैसा हड़पने का खेल
डीएफओ धर्म सिंह ने 1.53 करोड़ से पौधारोपण कराने की योजना रखी। विधायकों ने पूछा कि पिछले साल किस विधानसभा क्षेत्र में कितने पौधे रोपे गए तो वह जवाब नहीं दे पाए। विधायक सियाराम सागर बोले, पहले यह बताया जाए कि पौधे लगाने के बाद उनकी रक्षा का इंतजाम क्या है, क्या अबकी ट्री गार्ड भी लगाएंगे। डीएफओ ने कहा कि यह रकम तो पौधारोपण के लिए है, धन मिलने पर ट्री गार्ड लगवा दिए जाएंगे। इस पर प्रभारी मंत्री ने पूछा कि जब डिमांड ही नहीं की गई है तो ट्री गार्ड के लिए धन कहां से मिलेगा। गुस्साए मंत्री ने पौधारोपण का बजट घटाने के लिए डीएम को निर्देश दे दिया। विधायक ने यह भी सुझाव दिया कि पौधारोपण एक जगह कराया जाए तो बेहतर है, ताकि बाद में पानी लगाने व सुरक्षा के दूसरे इंतजाम आसानी से हो सके। मंत्री ने भी इस पर सहमति जताई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed