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बहुत गड़बड़ है किराना बाजार में
Bareilly
Updated Mon, 21 Jan 2013 05:32 AM IST
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बरेली। बरेली में खान-पान की चीजों में गड़बड़ बढ़ रही है। ज्यादातर गड़बड़ बेसन, घी, सरसों तेल, वनस्पति जैसी चीजों में है, जो आम लोगों के रोजमर्रा के खाने में शामिल हैं। हाल यह है कि पिछले साल भरे गए खाद्य सामग्रियों के 30 फीसदी नमूनों की जांच में गड़बड़ी मिली। खाद्य सुरक्षा विभाग ने पहली जनवरी से 31 दिसंबर तक बाजारों से खाद्य उत्पादों के 373 नमूने भरे थे, जिनमें लखनऊ की लैब से 318 की ही रिपोर्ट आई। कुल मिलाकर 99 यानी 31.13 फीसदी नमूने जांच में फेल हो गए।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) कार्यालय में राज्य मुख्यालय से पहुंचे ताजा ब्योरे में यह खुलासा हुआ है। इसमें खास यह है कि फेल नमूनों में से 11 को असुरक्षित करार दिया गया है। हैरत की बात यह है कि इनमें एक अरहर दाल और एक चने की दाल का भी नमूना भी शामिल है। इससे पहले मटर दाल का भी एक नमूना असुरक्षित निकला था। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा आयुक्त के यहां से स्वीकृति आते ही एसीजेएम के कोर्ट में मुकदमा दायर होगा। फेल हुए बाकी 88 नमूने जिन प्रतिष्ठानों से भरे गए थे, उनके खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुकदमे दायर करने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है।
बता दें कि वर्ष 2011 में भी सितंबर से दिसंबर के बीच जिले में खाद्य उत्पादों के जो 68 नमूने लिए गए थे, उनमें भी 28 जांच में फेल हो गए थे। उनमें 11 असुरक्षित और शेष अन्य श्रेणी के थे।
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यह सजा है गड़बड़ी की
श्रेणी दंड
असुरक्षित 10 लाख रुपये जुर्माना के साथ ही आजीवन कारावास तक
वॉयलेशन ऑफ रूल दो लाख रुपये तक जुर्माना
मिस पैकेजिंग तीन लाख रुपये तक जुर्माना
सब स्टैंडर्ड पांच लाख रुपये तक जुर्माना
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) कार्यालय में राज्य मुख्यालय से पहुंचे ताजा ब्योरे में यह खुलासा हुआ है। इसमें खास यह है कि फेल नमूनों में से 11 को असुरक्षित करार दिया गया है। हैरत की बात यह है कि इनमें एक अरहर दाल और एक चने की दाल का भी नमूना भी शामिल है। इससे पहले मटर दाल का भी एक नमूना असुरक्षित निकला था। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा आयुक्त के यहां से स्वीकृति आते ही एसीजेएम के कोर्ट में मुकदमा दायर होगा। फेल हुए बाकी 88 नमूने जिन प्रतिष्ठानों से भरे गए थे, उनके खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुकदमे दायर करने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है।
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बता दें कि वर्ष 2011 में भी सितंबर से दिसंबर के बीच जिले में खाद्य उत्पादों के जो 68 नमूने लिए गए थे, उनमें भी 28 जांच में फेल हो गए थे। उनमें 11 असुरक्षित और शेष अन्य श्रेणी के थे।
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यह सजा है गड़बड़ी की
श्रेणी दंड
असुरक्षित 10 लाख रुपये जुर्माना के साथ ही आजीवन कारावास तक
वॉयलेशन ऑफ रूल दो लाख रुपये तक जुर्माना
मिस पैकेजिंग तीन लाख रुपये तक जुर्माना
सब स्टैंडर्ड पांच लाख रुपये तक जुर्माना