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जंक्शन पर ब्रेन हेमरेज से जेई की मौत
Bareilly
Updated Wed, 29 Aug 2012 12:00 PM IST
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बरेली। रेलवे जंक्शन के ओवरब्रिज से प्लेटफार्म पर जाते वक्त पीडब्ल्यूडी के जेई को ब्रेन हेमरेज हो गया। इससे वह ओवरब्रिज की सीढ़ी से गिर गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वह शाहजहांपुर के प्रांतीय खंड में तैनात थे। ड्यूटी के लिए रोजाना ट्रेन से बरेली से शाहजहांपुर आते-जाते थे।
मूलरूप से प्रतापगढ़ के रहने वाले जेई शिवलोचन प्रसाद यहां बदायूं रोड स्थित दुर्गा इन्क्लेव में रहते थे। मंगलवार सुबह करीब पौने आठ बजे वह शाहजहांपुर जाने के लिए घर से पैदल ही जंक्शन पहुंचे थे। जब वह ओवरब्रिज से होकर प्लेटफार्म नंबर एक पर जा रहे थे। जब सिर्फ चार सीढ़ी बाकी रह गईं तभी उन्हें अचानक चक्कर आया और वह सीढ़ियों से नीचे गिर गए। खबर मिलने पर रेलवे अस्पताल के सीनियर डीएमओ टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जेई को मृत घोषित कर दिया। उनकी जेब में मिले कार्ड के आधार पर जीआरपी ने परिवार वालों को सूचना दी। तुरंत ही जेई की पत्नी राजेंद्र कुमारी पांडे और बेटी समता रोते-बिलखते वहां पहुंच गईं। समता ने बताया कि मूलरूप से उनका परिवार प्रतापगढ़ जिले के रामनगर भोजपुरा गांव का रहने वाला है। पिता ने बरेली में नौकरी के दौरान ही यहां घर बनवा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। डा. रामनिवास ने बताया कि जेई की मौत ब्रेन हेमरेज होने से हुई है। दिमाग की नस फटने से ही उन्हें चक्कर आया। इससे वह लड़खड़ा कर गिर गए। गिरने से सिर पर मामूली चोट लगी है।
इंसेट---
पिता को मुखाग्नि देने नहीं पहुंच सकेगा बेटा
बरेली। पोस्टमार्टम के बाद जेई शिवलोचन प्रसाद का शव जब शाम को उनके घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। जेई के दो बच्चे हैं। बेटी तो घर पर ही है, लेकिन बेटा कैलिफोर्निया की इन्फोसिस कंपनी में इंजीनियर है। मां राजेंद्र कुमारी ने जब संदीप को फोन पर पिता की मौत की सूचना दी तो वह फफक पड़े। बोले, कितना अभागा हूं कि पिता को मुखाग्नि देने भी नहीं पहुंच पाऊंगा। राजेंद्र कुमारी ने बताया कि लखनऊ में उनके परिवार के कई लोग रहते हैं। पति के तीनों भाई परिवार समेत आ रहे हैं। संदीप की पत्नी बेंगलुरू में नौकरी करती हैं। वह अपने भाई को साथ लेकर आ रही हैं।
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मूलरूप से प्रतापगढ़ के रहने वाले जेई शिवलोचन प्रसाद यहां बदायूं रोड स्थित दुर्गा इन्क्लेव में रहते थे। मंगलवार सुबह करीब पौने आठ बजे वह शाहजहांपुर जाने के लिए घर से पैदल ही जंक्शन पहुंचे थे। जब वह ओवरब्रिज से होकर प्लेटफार्म नंबर एक पर जा रहे थे। जब सिर्फ चार सीढ़ी बाकी रह गईं तभी उन्हें अचानक चक्कर आया और वह सीढ़ियों से नीचे गिर गए। खबर मिलने पर रेलवे अस्पताल के सीनियर डीएमओ टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जेई को मृत घोषित कर दिया। उनकी जेब में मिले कार्ड के आधार पर जीआरपी ने परिवार वालों को सूचना दी। तुरंत ही जेई की पत्नी राजेंद्र कुमारी पांडे और बेटी समता रोते-बिलखते वहां पहुंच गईं। समता ने बताया कि मूलरूप से उनका परिवार प्रतापगढ़ जिले के रामनगर भोजपुरा गांव का रहने वाला है। पिता ने बरेली में नौकरी के दौरान ही यहां घर बनवा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। डा. रामनिवास ने बताया कि जेई की मौत ब्रेन हेमरेज होने से हुई है। दिमाग की नस फटने से ही उन्हें चक्कर आया। इससे वह लड़खड़ा कर गिर गए। गिरने से सिर पर मामूली चोट लगी है।
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पिता को मुखाग्नि देने नहीं पहुंच सकेगा बेटा
बरेली। पोस्टमार्टम के बाद जेई शिवलोचन प्रसाद का शव जब शाम को उनके घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। जेई के दो बच्चे हैं। बेटी तो घर पर ही है, लेकिन बेटा कैलिफोर्निया की इन्फोसिस कंपनी में इंजीनियर है। मां राजेंद्र कुमारी ने जब संदीप को फोन पर पिता की मौत की सूचना दी तो वह फफक पड़े। बोले, कितना अभागा हूं कि पिता को मुखाग्नि देने भी नहीं पहुंच पाऊंगा। राजेंद्र कुमारी ने बताया कि लखनऊ में उनके परिवार के कई लोग रहते हैं। पति के तीनों भाई परिवार समेत आ रहे हैं। संदीप की पत्नी बेंगलुरू में नौकरी करती हैं। वह अपने भाई को साथ लेकर आ रही हैं।
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