बिजली मीटर: बाजार में ढाई सौ, पुलिस लाइंस में

Bareilly Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
बरेली। बिजली के जिस सब मीटर की कीमत बाजार में बमुश्किल ढाई-तीन सौ रुपये है, पुलिस लाइंस के क्वार्टरों में रह रहे कर्मचारियों को उसी सब मीटर की कीमत करीब 28 सौ रुपये अदा करनी पड़ रही है। दरअसल कुछ समय पहले पुलिस मुख्यालय से पुलिस लाइंस के क्वार्टरों में सब मीटर लगाने का आदेश आया था। इसके बाद अफसरों से बाजार से टेंडर मांगे। उसके बाद सब मीटरों की खरीद की गई है। पुलिस कर्मचारियों को इन मीटरों की कीमत पर सख्त एतराज है। उन्होंने इस बारे में अफसरों से शिकायत भी की है।
नई पुलिस लाइंस में कर्मचारियों के करीब साढ़े पांच सौ आवास हैं और पुरानी पुलिस लाइंस में करीब दो सौ। ट्रांजिस्ट हॉस्टल और पुलिस क्लब अलग हैं। एक कमरे वाले टाइप वन आवासों में सिपाही रहते हैं। दो कमरों वाले टाइप टू में हेड कांस्टेबल और दरोगा और टाइप थ्री एसआई और इंस्पेक्टरों के लिए हैं। अभी तक पुलिस कर्मियों से बिजली के बिल के तौर पर एकमुश्त पैसा लिया जाता था। इस मद में सरकार आवासों में रहने वाले पुलिस कर्मियों के वेतन से हर माह 176 रुपये कटते थे। इनमें बिजली के 156 रुपये, पानी के दस और इतने ही रुपये सफाई के लिए जाते थे। लेकिन माना गया कि पुलिस कर्मी बिजली का दुरुपयोग करते हैं, लेकिन पैसा कम देते हैं। इसी कारण मुख्यालय ने सभी क्वार्टरों में सब मीटर लगाने का निर्देश गया।

बरेली पुलिस लाइंस में सब मीटर की कीमत 2786 रुपये
बिजली का सबमीटर लगाने के नाम पर सरकारी आवासों में रहने वाले कर्मियों के वेतन से 2786 रुपये काट लिए गए। पुरानी पुलिस लाइंस के कुछ आवासों में सबमीटर लगाए जा चुके हैं। यह मीटर हरियाणा में सोनीपत की आरके इलेक्ट्रीकल इंडस्ट्री (कालिंगा) का है। कई सबमीटर एक मुख्य मीटर से जोड़े गए हैं। बिजली का बिल मुख्य मीटर से आएगा। कर्मचारियों से बिल की वसूली सबमीटर के आधार पर होगी।

पीलीभीत पुलिस लाइंस में सबमीटर एक हजार रुपये का
पीलीभीत पुलिस लाइंस के आरआई इब्राहीम ने बताया कि बिजली सबमीटर के एक हजार रुपये जमा कराए गए हैं। मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन आचार संहिता की वजह से रोकना पड़ी। कर्मचारी के ट्रांसफर होने पर बिजली मीटर की जमा कराई रकम लौटा दी जाएगी।

बाजार में कीमत सवा सौ से एक हजार तक
बिजली के सामान के कारोबारी अजय अग्रवाल के मुताबिक बाजार में सबमीटर की कीमत सवा सौ रुपये से शुरू होती है। 260 रुपये में दिल्ली की कंपनी बैटेक्स आरसी का बढ़िया सबमीटर मिल जाता है। सबसे महंगा सबमीटर एक हजार रुपये में एचसीएल कंपनी का है।

अफसरों तक पहुंचा मामला
पुलिस लाइंस में रह रहे कुछ पुलिस कर्मियों का तबादला बरेली से दूसरे जिलों में हो चुका है। मगर आचार संहिता लगने की वजह से उन्हें रिलीव नहीं किया जा सका। उनके वेतन से भी बिजली मीटर के पैसा काट लिया गया। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस के आला अफसरों से की है।

पुलिस कर्मियों के लिए दिक्कतें और भीं
नई पुलिस लाइंस में आवास तीन मंजिला हैं। कर्मचारियों के मुताबिक दूसरी और तीसर मंजिल पर पानी बगैर मोटर के नहीं पहुंचता है। पानी की मोटर चलाने पर मीटर के पास लगी एमसीबी गिर जाती, जिससे बिजली सप्लाई बंद हो जाती है। दूसरे मोटर चलाने पर बिजली का बिल अधिक आएगा। जबकि पानी के रुपये अलग से लिए जा रहे हैं। कई कर्मियों ने इलाज या अन्य जरूरी खर्च के लिए पहले से रुपये ले रखे हैं। उन्हें महीने में आठ-नौ हजार रुपये मिलते हैं। उनके वेतन से मीटर के रुपये काट लिए गए। उन्हें तो महीने का खर्चा चलाना मुश्किल हो जाएगा।

यह हमारा विभागीय मामला: आरआई
बिजली का सबमीटर लगाए जाने के संबंध में फोन पर आरआई नरेंद्र प्रताप सिंह से बात की गई। उनका कहना है कि जो हो रहा सब ठीक हो रहा है। यह विभागीय मामला है। इसका किसी अखबार का क्या लेना देना। इतना कहने के बाद आरआई ने फोन काट दिया।
-----
कमेटी ने तय किए हैं दाम: एसएसपी
एसएसपी डा. संजीव गुप्ता के मुताबिक कुछ कर्मचारी बिजली कम खर्च करते थे, और कुछ ज्यादा। बिजली जो कर्मचारी जितनी खर्च करेगा अब उतना ही बिल जाएगा। मीटर लगने की बात कर्मचारियों के सम्मेलन में बता दी थी। इसको एक समिति बनी है, जिसके नोडल अधिकारी एसपी ट्रैफिक हैं। सबमीटर लगाने को टेंडर मांगे गए थे। कमेटी ने सबसे कम रेट का टेंडर तय किया। अगर दामों में कोई गड़बड़ी है तो जांच कराई जाएगी।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Bulandshahar

दसवीं पास आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनेंगी मुख्य सेविका

दसवीं पास आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनेंगी मुख्य सेविका

22 फरवरी 2018

Related Videos

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से लगाया गया स्वास्थ्य शिवर, लोगों ने की सराहना

पीलीभीत में बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन ने नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगवाया। यहां जांच करने पहुंची डॉक्टर्स की टीम ने पाया कि खराब पानी पीने के कारण लोगों में गठिया रोग बढ़ रहा है। 

22 फरवरी 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen