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डूडा कर्मचारी और विधायक समर्थक भिड़े
Bareilly
Updated Sun, 19 Oct 2014 05:34 AM IST
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बरेली। मुफ्त मिलने वाले बेरोजगार लोन के आवेदन फार्म पैसे लेकर बेचे जाने के आरोप पर डूडा के दफ्तर में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। डूडा कार्यालय पहुंचे शहर विधायक के कई समर्थक और डूडा के कर्मचारी एक-दूसरे से भिड़ गए। इसके बाद विधायक समर्थकों ने जहां कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाया वहीं कर्मचारियों ने उन पर बंधक बनाने और हाथापाई करने जैसे आरोप मढ़े।
शहर विधायक के समर्थकों का आरोप था कि बेरोजगार लोन के आवेदन फार्म के बदले उनसे कर्मचारी पैसे मांग रहे थे। इसी बात पर हंगामा हुआ। हंगामे की खबर पर शहर विधायक के बड़े भाई भी डूडा कार्यालय पहुंच गए और उन्होंने दोनों पक्षों को समझाबुझाकर मामला शांत किया। उधर डूडा कर्मचारियों के मुताबिक दोपहर करीब तीन बजे दर्जनों लोग नारेबाजी करते हुए दफ्तर में घुस आए और हंगामा करने लगे। हंगामा करने वाले बेरोजगार लोन का फार्म मांग रहे थे। इनमें एक अमित सक्सेना ने खुद को शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार का पीए बताकर उनसे बदसलूकी भी की। इस दौरान लोगों ने लेखाकार, नरेंद्र कुमार जायसवाल, धर्मेंद्र कुमार, लालाराम समेत दो ठेकेदारों को बंधक भी बना लिया गया।
डूडा कर्मचारी जो नाम ले रहे हैं, उस नाम कोई मेरा पीए नहीं है। डूडा कर्मचारी गरीब बेरोजगारों से रुपये लेकर फार्म दे रहे हैं, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डूडा में नीचे से ऊपर तक भ्रष्टाचार है। कर्मचारियों को बिना रुपये दिए कोई काम नहीं होता। गरीबों को बार-बार दौड़ाकर परेशान किया जाता है। ये मामला उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। - डॉ. अरुण कुमार, शहर विधायक
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मैं लखनऊ मीटिंग में आया हूं। दफ्तर में मेरे पीछे हंगामे होने की बात पता चली है। हमारे पास स्टाफ नहीं है। जहां तक विधायक जी के भ्रष्टाचार के आरोप की बात है तो उनके बेटे का भी लोन डूडा से कराया गया है। वह खुद बता दें कि इसके लिए उनसे किसने कितने रुपये ले लिए। मैं लौटकर विधायक जी से बात करूंगा। -एसी तिवारी, पीओ डूडा
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शहर विधायक के समर्थकों का आरोप था कि बेरोजगार लोन के आवेदन फार्म के बदले उनसे कर्मचारी पैसे मांग रहे थे। इसी बात पर हंगामा हुआ। हंगामे की खबर पर शहर विधायक के बड़े भाई भी डूडा कार्यालय पहुंच गए और उन्होंने दोनों पक्षों को समझाबुझाकर मामला शांत किया। उधर डूडा कर्मचारियों के मुताबिक दोपहर करीब तीन बजे दर्जनों लोग नारेबाजी करते हुए दफ्तर में घुस आए और हंगामा करने लगे। हंगामा करने वाले बेरोजगार लोन का फार्म मांग रहे थे। इनमें एक अमित सक्सेना ने खुद को शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार का पीए बताकर उनसे बदसलूकी भी की। इस दौरान लोगों ने लेखाकार, नरेंद्र कुमार जायसवाल, धर्मेंद्र कुमार, लालाराम समेत दो ठेकेदारों को बंधक भी बना लिया गया।
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डूडा कर्मचारी जो नाम ले रहे हैं, उस नाम कोई मेरा पीए नहीं है। डूडा कर्मचारी गरीब बेरोजगारों से रुपये लेकर फार्म दे रहे हैं, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डूडा में नीचे से ऊपर तक भ्रष्टाचार है। कर्मचारियों को बिना रुपये दिए कोई काम नहीं होता। गरीबों को बार-बार दौड़ाकर परेशान किया जाता है। ये मामला उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। - डॉ. अरुण कुमार, शहर विधायक
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मैं लखनऊ मीटिंग में आया हूं। दफ्तर में मेरे पीछे हंगामे होने की बात पता चली है। हमारे पास स्टाफ नहीं है। जहां तक विधायक जी के भ्रष्टाचार के आरोप की बात है तो उनके बेटे का भी लोन डूडा से कराया गया है। वह खुद बता दें कि इसके लिए उनसे किसने कितने रुपये ले लिए। मैं लौटकर विधायक जी से बात करूंगा। -एसी तिवारी, पीओ डूडा