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आउटडेटेड बंदूकेें 12.50 लाख में मंगाने की होगी जांच
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बरेली। राइफल क्लब से जुड़े शूटरों ने डीएम से मिलकर उन्हें वहां हो रहे घपलों के बारे में बताया। शूटरों ने कहा कि राइफल क्लब में पांच साल में 20 लाख रुपये की दो 12 बोर की बंदूकें और सुपर हॉक कंपनी की पांच मशीनें मंगाई गई थीं। इन मशीनों की ऑनलाइन कीमत 50 हजार रुपये है। शूटरों ने 30 साल से कार्यकारिणी का चुनाव न होने की बात उठाकर तुरंत नए चुनाव कराने की भी मांग की। राइफल क्लब में हुए घपले समेत अन्य अव्यवस्थाओं की जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। डीएम इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।
राइफल क्लब की बदहाली और अव्यवस्थाओं को लेकर शूटरों और कार्यकारिणी मेंबरों के बीच कई दिनों से वाकयुद्ध चल रहा है। शूटरों ने डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से कहा कि राइफल क्लब 30 साल से निष्क्रिय है। इसकी कार्यकारिणी में जो मेंबर हैं उनमें कोई स्टेट या नेशनल शूटर नहीं है। न ही किसी मेंबर का शूटिंग से कभी मतलब रहा है। तीन दशक से चुनाव न होने से कार्यकारिणी में नेता जमे हुए हैं। वे शूटरों का किसी तरह से सहयोग नहीं करते हैं। शूटर प्रैक्टिस भी निजी संसाधनों से करते हैं। कई शूटर तो यूपी छोड़कर उत्तराखंड या अन्य प्रदेशों से खेलने लगे हैं। राइफल क्लब में शूटिंग के नाम पर आने वाले सामान में गोलमाल किया जाता है। अगर कोई शूटर क्लब में प्रैक्टिस करने जाता है तो उससे पांच लाख रुपये सिक्योरिटी की मांग की जाती है। शूटरों ने मांग की कि राइफल क्लब को राजनेताओं के प्रभाव से मुक्त कराके नए चुनाव कराए जाएं। नई कार्यकारिणी में केवल शूटरों को ही रखा जाए। डीएम से मिलने वालों में दानिश अहमद, देवव्रत, अब्दुल वाजिद खान, फुरकान, जावेद आदि शामिल थे।
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राइफल क्लब की बदहाली और अव्यवस्थाओं को लेकर शूटरों और कार्यकारिणी मेंबरों के बीच कई दिनों से वाकयुद्ध चल रहा है। शूटरों ने डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से कहा कि राइफल क्लब 30 साल से निष्क्रिय है। इसकी कार्यकारिणी में जो मेंबर हैं उनमें कोई स्टेट या नेशनल शूटर नहीं है। न ही किसी मेंबर का शूटिंग से कभी मतलब रहा है। तीन दशक से चुनाव न होने से कार्यकारिणी में नेता जमे हुए हैं। वे शूटरों का किसी तरह से सहयोग नहीं करते हैं। शूटर प्रैक्टिस भी निजी संसाधनों से करते हैं। कई शूटर तो यूपी छोड़कर उत्तराखंड या अन्य प्रदेशों से खेलने लगे हैं। राइफल क्लब में शूटिंग के नाम पर आने वाले सामान में गोलमाल किया जाता है। अगर कोई शूटर क्लब में प्रैक्टिस करने जाता है तो उससे पांच लाख रुपये सिक्योरिटी की मांग की जाती है। शूटरों ने मांग की कि राइफल क्लब को राजनेताओं के प्रभाव से मुक्त कराके नए चुनाव कराए जाएं। नई कार्यकारिणी में केवल शूटरों को ही रखा जाए। डीएम से मिलने वालों में दानिश अहमद, देवव्रत, अब्दुल वाजिद खान, फुरकान, जावेद आदि शामिल थे।
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