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जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में 85 करोड़ का बजट मंजूर
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जिला पंचायत बोर्ड की बैठक।
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आचार संहिता लागू होने पर बजट लटकने की आशंका में पहले ही कर ली बैठक
बरेली। विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से पहले ही जिला पंचायत बोर्ड की बैठक बुलाकर आगामी वित्तीय वर्ष का बजट पास करा लिया गया। एक लॉन में आयोजित बोर्ड बैठक में सत्र 2022-23 के लिए 41 करोड़ के पुनरीक्षित और 44 करोड़ के मूल बजट को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। विभिन्न योजनाओं के लिए भी प्रस्ताव पास किए गए।
बैठक में कई मामलों को लेकर गहमागहमी भी हुई, लेकिन बोर्ड की पिछली बैठकों की तुलना में मंगलवार को हुई बैठक अनुशासित रही। करीब एक घंटे में ही विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। चर्चा के दौरान सदस्यों ने अपनी समस्याएं भी रखीं। अधिकारियों के ऊपर शिकायतें न सुनने का आरोप लगाया। जिला पंचायत सदस्यों का कहना था कि प्रशासनिक अफसर जिला पंचायत सदस्यों को अहमियत ही नहीं देते हैं। क्षेत्र में होने वाले आयोजनों की सूचना तक नहीं दी जाती है।
आक्रोशित सदस्यों को शांत करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल ने सभी सदस्यों से लिखित में शिकायत करने को कहा। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारियों से सामंजस्य बनाकर 15 दिन के अंदर सभी शिकायतों का निस्तारण कराया जाएगा। बैठक में भोजीपुरा विधायक बहोरन लाल मौर्य, बिजली निगम के अधिशासी अभियंता यूसी सोनकर, पीके भारती, पीडी डीआरडीए तेजवंत सिंह आदि मौजूद रहे।
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ठेकेदारों की मनमानी का उठा मुद्दा
बैठक में ठेकेदारों की मनमानी का मुद्दा सबसे ज्यादा छाया रहा। चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने ठेकेदारों की मनमानी की शिकायत की। कहा, जिला पंचायत से होने वाले कार्यों में ठेकेदार हावी रहते हैं। सदस्यों से राय-मशवरा किए बगैर मनमाने तरीके से काम किया जा रहा है। वार्ड-54 के सदस्य दीपक सेठ ने बताया कि उनके वार्ड में अब तक एक भी जगह ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया है। काम की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए।
डोहरा रोड पर शिफ्ट होगा जिला पंचायत का कार्यालय
बैठक में जिला पंचायत के कार्यालय भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए उसे शिफ्ट करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। जिला पंचायत सदस्य राकेश कुमार की ओर से रखे गए प्रस्ताव में कहा गया कि पुराना कार्यालय 80-82 साल पुराना है। भीड़भाड़ वाली जगह पर होने की वजह से आवागमन में भी असुविधा होती है। लिहाजा कार्यालय दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। प्रस्ताव पर सदस्यों ने कार्यालय को डोहरा रोड पर शिफ्ट करने की सहमति दे दी।
व्यावसायिक कांप्लैक्स बनवाए जाएंगे
जिला पंचायत की आय बढ़ाने के लिए अब व्यावसायिक कांप्लैक्स बनाएं जाएंगे। बैठक में जिला पंचायत के पुराने कार्यालय भवन के साथ ही जगतपुर और फरीदपुर में एनएच-24 के पास व्यावसायिक कांप्लैक्स बनाने के लिए प्रस्ताव पास किए गए। जल्द ही यहां काम शुरू कराया जाएगा।
हर वार्ड के 10-10 गांवों में लगेंगी एलईडी लाइटें
ग्राम पंचायतों को रोशन करने के प्रस्ताव को भी बोर्ड बैठक में मंजूरी दी गई। जिला पंचायत की ओर से हर वार्ड के 10-10 गांवों में एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए सभी सदस्यों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
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बरेली। विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से पहले ही जिला पंचायत बोर्ड की बैठक बुलाकर आगामी वित्तीय वर्ष का बजट पास करा लिया गया। एक लॉन में आयोजित बोर्ड बैठक में सत्र 2022-23 के लिए 41 करोड़ के पुनरीक्षित और 44 करोड़ के मूल बजट को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। विभिन्न योजनाओं के लिए भी प्रस्ताव पास किए गए।
बैठक में कई मामलों को लेकर गहमागहमी भी हुई, लेकिन बोर्ड की पिछली बैठकों की तुलना में मंगलवार को हुई बैठक अनुशासित रही। करीब एक घंटे में ही विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। चर्चा के दौरान सदस्यों ने अपनी समस्याएं भी रखीं। अधिकारियों के ऊपर शिकायतें न सुनने का आरोप लगाया। जिला पंचायत सदस्यों का कहना था कि प्रशासनिक अफसर जिला पंचायत सदस्यों को अहमियत ही नहीं देते हैं। क्षेत्र में होने वाले आयोजनों की सूचना तक नहीं दी जाती है।
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आक्रोशित सदस्यों को शांत करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल ने सभी सदस्यों से लिखित में शिकायत करने को कहा। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारियों से सामंजस्य बनाकर 15 दिन के अंदर सभी शिकायतों का निस्तारण कराया जाएगा। बैठक में भोजीपुरा विधायक बहोरन लाल मौर्य, बिजली निगम के अधिशासी अभियंता यूसी सोनकर, पीके भारती, पीडी डीआरडीए तेजवंत सिंह आदि मौजूद रहे।
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ठेकेदारों की मनमानी का उठा मुद्दा
बैठक में ठेकेदारों की मनमानी का मुद्दा सबसे ज्यादा छाया रहा। चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने ठेकेदारों की मनमानी की शिकायत की। कहा, जिला पंचायत से होने वाले कार्यों में ठेकेदार हावी रहते हैं। सदस्यों से राय-मशवरा किए बगैर मनमाने तरीके से काम किया जा रहा है। वार्ड-54 के सदस्य दीपक सेठ ने बताया कि उनके वार्ड में अब तक एक भी जगह ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया है। काम की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए।
डोहरा रोड पर शिफ्ट होगा जिला पंचायत का कार्यालय
बैठक में जिला पंचायत के कार्यालय भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए उसे शिफ्ट करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। जिला पंचायत सदस्य राकेश कुमार की ओर से रखे गए प्रस्ताव में कहा गया कि पुराना कार्यालय 80-82 साल पुराना है। भीड़भाड़ वाली जगह पर होने की वजह से आवागमन में भी असुविधा होती है। लिहाजा कार्यालय दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। प्रस्ताव पर सदस्यों ने कार्यालय को डोहरा रोड पर शिफ्ट करने की सहमति दे दी।
व्यावसायिक कांप्लैक्स बनवाए जाएंगे
जिला पंचायत की आय बढ़ाने के लिए अब व्यावसायिक कांप्लैक्स बनाएं जाएंगे। बैठक में जिला पंचायत के पुराने कार्यालय भवन के साथ ही जगतपुर और फरीदपुर में एनएच-24 के पास व्यावसायिक कांप्लैक्स बनाने के लिए प्रस्ताव पास किए गए। जल्द ही यहां काम शुरू कराया जाएगा।
हर वार्ड के 10-10 गांवों में लगेंगी एलईडी लाइटें
ग्राम पंचायतों को रोशन करने के प्रस्ताव को भी बोर्ड बैठक में मंजूरी दी गई। जिला पंचायत की ओर से हर वार्ड के 10-10 गांवों में एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए सभी सदस्यों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।