{"_id":"594deba54f1c1ba8698b4650","slug":"81498278821-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंत्रियों विधायकों की फौज भी काम न आई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंत्रियों विधायकों की फौज भी काम न आई
Updated Sat, 24 Jun 2017 06:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली।
स्मार्ट सिटी मिशन योजना में बरेली शामिल न करा पाने के लिए असल जिम्मेदारी नगर निगम की है लेकिन केंद्र और राज्य के मंत्रिमंडल में शामिल बरेली के मंत्रियों और विधायकों की फौज भी काम न आ सकी। मंत्री और विधायक एक दूसरे पर ठीकरा फोड़कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
बरेली लोकसभा सीट से दोनों सांसद संतोष गंगवार और धर्मेंद्र कश्यप के अलावा समस्त नौ विधानसभा सीटों के विधायक भी भाजपा के हैं। उत्तर प्रदेश और केंद्र दोनों में एक ही पार्टी की सरकार है। सांसद संतोष गंगवार केंद्र में वित्त राज्यमंत्री भी हैं। उनके अलावा राज्य सरकार में बरेली कैंट विधायक राजेश अग्रवाल वित्तमंत्री और आंवला विधायक धर्मपाल सिंह सिंचाई मंत्री हैं। सहारनपुर, रायबरेली और रामपुर और अलीगढ़ जैसे शहर बरेली से आगे निकल गए। किसी भी जनप्रतिनिधि ने बरेली को स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल कराने के प्रयास नहीं किए। स्मार्ट सिटी की सूची जारी होने के बाद सब जनप्रतिनिधि नगर निगम पर ये जिम्मेदारी डालकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करते नजर आए।
स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर होने के लिए महापौर के अलावा नगर निगम के अफसर पूरी तरह जिम्मेदार हैं। सपा सरकार में हम तो विपक्ष में रहे। लेकिन हमारे लिए ये अफसोस की बात है कि बरेली दौड़ से बाहर हो गया।
विज्ञापन
-डा. अरुण कुमार, विधायक शहर
स्मार्ट सिटी की सूची अभी हमने देखी नहीं हैं। मैं ये सूची देखकर ही कोई कमेंट करूंगा। वैसे इस बारे में बरेली का प्रतिनिधित्व कर रहे भारत सरकार में मंत्री जी बेहतर बता सकते हैं।
-राजेश अग्रवाल, वित्तमंत्री उत्तर प्रदेश
स्मार्ट सिटी योजना में शहरों का चयन मापदंड के हिसाब से किया गया है। उसमें बरेली क्यों पिछड़ गया इस बारे में मैं अध्ययन करूंगा। इसके बाद बरेली लौटने परबात करूंगा। संतोष गंगवार, वित्त राज्यमंत्री भारत सरकार
विज्ञापन
स्मार्ट सिटी मिशन योजना में बरेली शामिल न करा पाने के लिए असल जिम्मेदारी नगर निगम की है लेकिन केंद्र और राज्य के मंत्रिमंडल में शामिल बरेली के मंत्रियों और विधायकों की फौज भी काम न आ सकी। मंत्री और विधायक एक दूसरे पर ठीकरा फोड़कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
बरेली लोकसभा सीट से दोनों सांसद संतोष गंगवार और धर्मेंद्र कश्यप के अलावा समस्त नौ विधानसभा सीटों के विधायक भी भाजपा के हैं। उत्तर प्रदेश और केंद्र दोनों में एक ही पार्टी की सरकार है। सांसद संतोष गंगवार केंद्र में वित्त राज्यमंत्री भी हैं। उनके अलावा राज्य सरकार में बरेली कैंट विधायक राजेश अग्रवाल वित्तमंत्री और आंवला विधायक धर्मपाल सिंह सिंचाई मंत्री हैं। सहारनपुर, रायबरेली और रामपुर और अलीगढ़ जैसे शहर बरेली से आगे निकल गए। किसी भी जनप्रतिनिधि ने बरेली को स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल कराने के प्रयास नहीं किए। स्मार्ट सिटी की सूची जारी होने के बाद सब जनप्रतिनिधि नगर निगम पर ये जिम्मेदारी डालकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करते नजर आए।
विज्ञापन
स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर होने के लिए महापौर के अलावा नगर निगम के अफसर पूरी तरह जिम्मेदार हैं। सपा सरकार में हम तो विपक्ष में रहे। लेकिन हमारे लिए ये अफसोस की बात है कि बरेली दौड़ से बाहर हो गया।
विज्ञापन
-डा. अरुण कुमार, विधायक शहर
स्मार्ट सिटी की सूची अभी हमने देखी नहीं हैं। मैं ये सूची देखकर ही कोई कमेंट करूंगा। वैसे इस बारे में बरेली का प्रतिनिधित्व कर रहे भारत सरकार में मंत्री जी बेहतर बता सकते हैं।
-राजेश अग्रवाल, वित्तमंत्री उत्तर प्रदेश
स्मार्ट सिटी योजना में शहरों का चयन मापदंड के हिसाब से किया गया है। उसमें बरेली क्यों पिछड़ गया इस बारे में मैं अध्ययन करूंगा। इसके बाद बरेली लौटने परबात करूंगा। संतोष गंगवार, वित्त राज्यमंत्री भारत सरकार