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पशुचिकित्सा विभाग ने लिए 75 सैंपल
बरेली
Updated Sun, 17 Jan 2016 02:16 AM IST
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बरेली। आईवीआरआई पर जिले में एफएमडी वायरस फैलाने का अंदेशा जाहिर करते हुए पशु चिकित्सा विभाग ने गांवों के 75 पशुओं के सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भिजवाए हैं। इन पशुओं में घुरपका-मुंहपका रोग होने का अंदेशा जाहिर किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एसके वर्मा ने बताया कि जिले के प्रत्येक ब्लाक से पांच-पांच पशुओं के सैंपल एकत्र कराकर शनिवार को भेजे हैं। इसके लिए पिछले चार दिनों से जिले के कई गांवों में विभाग की टीमें दौड़ रही थीं। आईवीआरआई ने अपने फार्म में पशुओं के बीमार होने के बाद फील्ड से वायरस आने का दावा करते हुए यह दर्शाने की कोशिश की है कि उसके फार्म में एफएमडी वायरस जिले के गांव या डेयरियों से आया है। उसने भी 35 सैंपल लेकर मुक्तेश्वर लैब में भिजवाए हैं। वहीं, आईवीआरआई पर पलटवार करते हुए पशु चिकित्सा विभाग ने अपनी टीमें भी दौड़ाकर कई पशुओं के सैंपल एकत्र करा लिए। सीवीओ का कहना है कि विभाग ने पूरे जिले को वैक्सीनेशन से कवर कर लिया था। इसके बावजूद अगर गांवों में कोई पशु एफएमडी वायरस से प्रभावित पाया जाएगा तो उसके लिए आईवीआरआई ही जिम्मेदार है, जिसने अपने फार्म की टीमों को फील्ड में भेजकर वायरस फैलाया है। विभाग को अब लैब से रिपोर्ट आने का इंतजार है।
बकरियों में भी फैला वायरस!
बरेली। आईवीआरआई के अंदर गाय और भैंस फार्म में एफएमडी वायरस फैलने के बाद अब पशु पोषण विभाग के फार्म में रहने वाली बकरियों के भी वायरस की चपेट में आने की सूचना मिल रही है। हालांकि इससे संस्थान प्रशासन इंकार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि रिसर्च के लिए खरीदकर लाई गईं लगभग 30 से ज्यादा बकरियां किसी वायरस की चपेट में आकर मर गईं। जबकि संयुक्त निदेशक वीके गुप्ता का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है। यह महज अफवाह है।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एसके वर्मा ने बताया कि जिले के प्रत्येक ब्लाक से पांच-पांच पशुओं के सैंपल एकत्र कराकर शनिवार को भेजे हैं। इसके लिए पिछले चार दिनों से जिले के कई गांवों में विभाग की टीमें दौड़ रही थीं। आईवीआरआई ने अपने फार्म में पशुओं के बीमार होने के बाद फील्ड से वायरस आने का दावा करते हुए यह दर्शाने की कोशिश की है कि उसके फार्म में एफएमडी वायरस जिले के गांव या डेयरियों से आया है। उसने भी 35 सैंपल लेकर मुक्तेश्वर लैब में भिजवाए हैं। वहीं, आईवीआरआई पर पलटवार करते हुए पशु चिकित्सा विभाग ने अपनी टीमें भी दौड़ाकर कई पशुओं के सैंपल एकत्र करा लिए। सीवीओ का कहना है कि विभाग ने पूरे जिले को वैक्सीनेशन से कवर कर लिया था। इसके बावजूद अगर गांवों में कोई पशु एफएमडी वायरस से प्रभावित पाया जाएगा तो उसके लिए आईवीआरआई ही जिम्मेदार है, जिसने अपने फार्म की टीमों को फील्ड में भेजकर वायरस फैलाया है। विभाग को अब लैब से रिपोर्ट आने का इंतजार है।
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बकरियों में भी फैला वायरस!
बरेली। आईवीआरआई के अंदर गाय और भैंस फार्म में एफएमडी वायरस फैलने के बाद अब पशु पोषण विभाग के फार्म में रहने वाली बकरियों के भी वायरस की चपेट में आने की सूचना मिल रही है। हालांकि इससे संस्थान प्रशासन इंकार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि रिसर्च के लिए खरीदकर लाई गईं लगभग 30 से ज्यादा बकरियां किसी वायरस की चपेट में आकर मर गईं। जबकि संयुक्त निदेशक वीके गुप्ता का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है। यह महज अफवाह है।
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