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राजनीतिक दल का चुनाव प्रचार करने में फंसे मास्साब
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बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत प्रधानाध्यापक की ड्यूटी लोकसभा चुनाव में लगी थी, लेकिन गुरु जी ने चुनाव ड्यूटी से अनुपस्थित रहकर नवाबगंज में अपनी रिश्तेदार लोकसभा प्रत्याशी का गांव में घूम-घूमकर चुनाव प्रचार किया और उनको चुनाव लड़ाया। खंड शिक्षाधिकारी ने इस आशय की रिपोर्ट भेजी। उस पर सीडीओ ने बीएसए से इस मामले में 10 दिन के अंदर जवाब मांगा है।
भोजीपुरा के वीरपुर मररुका विद्यालय में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत अजरार हुसैन आगा को गांव पिंदारी असोक में पीठासीन अधिकारी बनाया गया था। 17 अप्रैल को चुनाव सामग्री का बैक मतदान अधिकारी प्रथम को प्राप्त कराकर वह चुनाव ड्यूटी से गायब हो गए। 23 अप्रैल को उनकी एक न्यूज चैनल पर यह खबर दिखाई गई कि पीठासीन अधिकारी बनाए गए गुरु जी अपनी रिश्तेदार के चुनाव का प्रचार कर रहे हैं। शासकीय नियमावली में सरकारी कर्मचारी या अफसर को किसी भी राजनीतिक दल के चुनाव प्रचार करने का प्रावधान नहीं है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि चुनाव ड्यूटी से भागकर राजनीतिक दल का प्रचार करने वाले प्रधानाध्यापक की छुट्टी किसी आधार पर मंजूर की गई। अप्रैल महीने का वेतन किसी तरह निकल गया। विकास भवन के सफाई कर्मचारी हरिस्वरूप की ड्यूटी भी प्रधानाध्यापक की पोलिंग पार्टी के साथ थी। उसी ने आकर बताया कि गुरुजी चुनाव ड्यूटी न करके राजनीतिक दल का प्रचार कर रहे हैं। एसडीएम बहेड़ी के सामने मतदान से एक दिन पहले लाउडस्पीकर पर उनका नाम कई बार एनाउंस कर चुनाव ड्यूटी पर आने के लिए बुलाया गया, मगर अजरार हुसैन आगा पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी करने नहीं आए।
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भोजीपुरा के वीरपुर मररुका विद्यालय में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत अजरार हुसैन आगा को गांव पिंदारी असोक में पीठासीन अधिकारी बनाया गया था। 17 अप्रैल को चुनाव सामग्री का बैक मतदान अधिकारी प्रथम को प्राप्त कराकर वह चुनाव ड्यूटी से गायब हो गए। 23 अप्रैल को उनकी एक न्यूज चैनल पर यह खबर दिखाई गई कि पीठासीन अधिकारी बनाए गए गुरु जी अपनी रिश्तेदार के चुनाव का प्रचार कर रहे हैं। शासकीय नियमावली में सरकारी कर्मचारी या अफसर को किसी भी राजनीतिक दल के चुनाव प्रचार करने का प्रावधान नहीं है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि चुनाव ड्यूटी से भागकर राजनीतिक दल का प्रचार करने वाले प्रधानाध्यापक की छुट्टी किसी आधार पर मंजूर की गई। अप्रैल महीने का वेतन किसी तरह निकल गया। विकास भवन के सफाई कर्मचारी हरिस्वरूप की ड्यूटी भी प्रधानाध्यापक की पोलिंग पार्टी के साथ थी। उसी ने आकर बताया कि गुरुजी चुनाव ड्यूटी न करके राजनीतिक दल का प्रचार कर रहे हैं। एसडीएम बहेड़ी के सामने मतदान से एक दिन पहले लाउडस्पीकर पर उनका नाम कई बार एनाउंस कर चुनाव ड्यूटी पर आने के लिए बुलाया गया, मगर अजरार हुसैन आगा पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी करने नहीं आए।
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