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सिटी मजिस्ट्रेट से पूछ लो, माफिया-अपराधी भी होते हैं ‘उत्कृष्ट समाजसेवी’
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बरेली। जमीनों पर कब्जे के साथ जिस व्यक्ति पर आपराधिक घटनाओं के 14 केस दर्ज हैं, उसे सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला ने ‘उत्कृष्ट समाजसेवी’ का सम्मान देकर नवाजा गया है। रमेश मौर्य नाम के शख्स को सिटी मजिस्ट्रेट के हाथों यह सम्मान करीब दस दिन पहले गांधी उद्यान में आयोजित एक समारोह में दिया गया। अब इस मामले में रमेश मौर्य के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों के ब्योरे के साथ मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी गई। प्रशासन में इससे हलचल मची हुई है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने रमेश मौर्य को यह सम्मान गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को गांधी उद्यान में वुमन चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में दिया। ‘समाजसेवियों का सम्मान’ नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में सिटी मजिस्ट्रेट मुख्य अतिथि थे। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस कार्यक्रम में कई और लोगों के साथ मौर्य विकास संस्था के अध्यक्ष रमेश मौर्य को भी उत्कृष्ट सामाजिक सेवा का तमगा देते हुए सम्मानित कर दिया। पिछले दिनों आल इंडिया स्किल्ड वर्क वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अवधेश चंद्र मांगलिक ने सीएम योगी आदित्यनाथ तक यह मामला पहुंचा दिया। मांगलिक ने सम्मानित होने वाले रमेश चंद्र मौर्य की हिस्ट्री खंगालते हुए उनके खिलाफ मीरगंज, शहर कोतवाली, इज्जतनगर और बारादरी थाने में जमीन कब्जाने सहित तमाम दूसरे गंभीर आपराधिक मुकदमों का अभियुक्त होने का उनका रिकार्ड भी अपने शिकायती पत्र के साथ मुख्यमंत्री को भेजा है। अवधेश चंद्र मांगलिक ने शिकायती पत्र में यह भी लिखा है कि भाजपा सरकार में भूमाफिया के खिलाफ चलाए गए अभियान में भी इज्जतनगर पुलिस ने मीरगंज के गांव गुगई निवासी रमेश मौर्य को बतौर भूमाफिया चिह्नित किया था। साथ ही उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोली गई थी। फिर भी वरिष्ठ प्रशासनिक पद पर रहते हुए सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला ने बगैर उसकी पृष्ठभूमि की तस्दीक किए उसे मंच पर सम्मानित कर दिया।
यह सही है कि 25 जनवरी को गांधी उद्यान में मैंने समाजसेवियों को सम्मानित किया था लेकिन मेरे हाथों आपराधिक पृष्ठभूमि वाले किसी व्यक्ति को सम्मानित कराना अनुचित है। मैं यह आयोजन कराने वाली संस्था से इसका जवाब लूंगा। - अशोक कुमार शुक्ला, सिटी मजिस्ट्रेट
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रमेश मौर्य के बारे में मुझे यह जानकारी थी कि उन्होंने गरीब बेटियों के सामूहिक विवाह में योगदान दिया था। इसलिए मैंने उन्हें सम्मानित करने के लिए बुलाया था। उन पर आपराधिक मामले दर्ज होने की मुझे कोई जानकारी नहीं है। - ऋतु शाक्य, अध्यक्ष, वुमन चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी
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सिटी मजिस्ट्रेट ने रमेश मौर्य को यह सम्मान गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को गांधी उद्यान में वुमन चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में दिया। ‘समाजसेवियों का सम्मान’ नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में सिटी मजिस्ट्रेट मुख्य अतिथि थे। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस कार्यक्रम में कई और लोगों के साथ मौर्य विकास संस्था के अध्यक्ष रमेश मौर्य को भी उत्कृष्ट सामाजिक सेवा का तमगा देते हुए सम्मानित कर दिया। पिछले दिनों आल इंडिया स्किल्ड वर्क वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अवधेश चंद्र मांगलिक ने सीएम योगी आदित्यनाथ तक यह मामला पहुंचा दिया। मांगलिक ने सम्मानित होने वाले रमेश चंद्र मौर्य की हिस्ट्री खंगालते हुए उनके खिलाफ मीरगंज, शहर कोतवाली, इज्जतनगर और बारादरी थाने में जमीन कब्जाने सहित तमाम दूसरे गंभीर आपराधिक मुकदमों का अभियुक्त होने का उनका रिकार्ड भी अपने शिकायती पत्र के साथ मुख्यमंत्री को भेजा है। अवधेश चंद्र मांगलिक ने शिकायती पत्र में यह भी लिखा है कि भाजपा सरकार में भूमाफिया के खिलाफ चलाए गए अभियान में भी इज्जतनगर पुलिस ने मीरगंज के गांव गुगई निवासी रमेश मौर्य को बतौर भूमाफिया चिह्नित किया था। साथ ही उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोली गई थी। फिर भी वरिष्ठ प्रशासनिक पद पर रहते हुए सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला ने बगैर उसकी पृष्ठभूमि की तस्दीक किए उसे मंच पर सम्मानित कर दिया।
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यह सही है कि 25 जनवरी को गांधी उद्यान में मैंने समाजसेवियों को सम्मानित किया था लेकिन मेरे हाथों आपराधिक पृष्ठभूमि वाले किसी व्यक्ति को सम्मानित कराना अनुचित है। मैं यह आयोजन कराने वाली संस्था से इसका जवाब लूंगा। - अशोक कुमार शुक्ला, सिटी मजिस्ट्रेट
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रमेश मौर्य के बारे में मुझे यह जानकारी थी कि उन्होंने गरीब बेटियों के सामूहिक विवाह में योगदान दिया था। इसलिए मैंने उन्हें सम्मानित करने के लिए बुलाया था। उन पर आपराधिक मामले दर्ज होने की मुझे कोई जानकारी नहीं है। - ऋतु शाक्य, अध्यक्ष, वुमन चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी