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वेलंटाइंस डे
Updated Wed, 14 Feb 2018 10:00 AM IST
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फोटो -- टोनी जी
एंटी रोमियो के दौर में रोमियो का डर जायज है भोले
0 वेलनटाइंस डे के दिन को मनाने के लिए बाजार में कोई खास इंतजाम नहीं, पब्लिक में सेलेब्रेशन से युवा भी बच रहे
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
आज फूल और बेर में सबसे ज्यादा क्या बिकेगा.. जैसे मेसेज सोशल मीडिया पर खूब छाए हैं। हर कोई रुढ़िवादी संगठनों से बचकर वेलनटाइंस डे मनाने के रोचक तरीके एक दूसरे से शेयर कर रहे हैं। कुछ दिन पहले दिल्ली में सरेआम 23 वर्षीय युवक की गला काटकर हत्या कर दी गई। कारण, वह दूसरे धर्म की लड़की से प्रेम करता था। केरल की हदिया ने प्रेम विवाह किया तो मामला लव जेहाद बन गया। एंटी रोमियो स्क्वार्ड की मॉरल पुलिसिंग के सताए प्रेमी युगल आज के दौर में इस दिन के प्रति उत्साहित होने की जगह सतर्क हैं। शहर में बाजार और रेस्टोरेंट में इस दिन के लिए विशेष इंतजाम होते नहीं दिखे। इस मामले में युवाओं से बात की तो पहलेपहल लोगों ने साफ इंकार कर दिया। जब बोले, तो उनका डर साफ झलका। कई बोले, आज के दौर में भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह भी चुनौती बन जाता।
फोटो
मैं जाति से राजपूत हूं और मेरी दोस्त नीलम ओबीसी हैं। हमारे परिवार इसलिए शादी पर राजी हो गए क्योंकि दोनों ही सरकारी नौकरी करते हैं। समय बदल रहा है पर अब भी परिवार वालों को गैरजाति में शादी के लिए मनाना बहुत मुश्किल है। बात दूसरे धर्म की हो तो हालात दंगे वाले भी बनने लगे हैं। - अविनाश कुमार, दुर्गानगर
फोटो
किसी पार्क में लड़के के साथ सिर्फ घूमने भर से हंगामे होने लगे हैं। लोग अजीब निगाहों से देखते हैं, एंटी रोमियो शुरू होने के बाद तो बाकायदा पूछताछ करके पुलिस वाले बेइज्जत करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निजता का अधिकार दिया है पर जमीनी हालात बहुत खराब हैं। पार्वती जी भी तो भगवान शिव के प्रति आर्कषित हुईं थीं, हम नैसर्गिक भावना को किस तरह खत्म कर सकते हैं। - विकास चौधरी, प्राइवेट जॉब
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दूसरी कौम में शादी करना आज के जमाने में भी बहुत मुश्किल है। घर में जैसे ही पता लगता है मां-बाप तो लड़की की पढ़ाई बंद कराके तुरंत शादी कर देते हैं। जब तक लड़कियां अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो जाएंगी, अपने फैसले खुद नहीं करने लगेंगी तब तक माहौल शायद ही बदले। - रुक्सार, सन सिटी
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14 फरवरी को मैं अकेले भी बाजार घूमने का नहीं सोच सकती तो कपल कितना इंसेक्योर महसूस करते होंगे, ये समझा जा सकता है। हमारी सोसाइटी में दहेज प्रथा को खत्म करने का एक मात्र तरीका लव मेरिज है, पर उसके लिए हम लोगों को उनकी पसंद का साथी चुनने तो दें। - गुरुदीप आनंद, सिटी
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एंटी रोमियो के दौर में रोमियो का डर जायज है भोले
0 वेलनटाइंस डे के दिन को मनाने के लिए बाजार में कोई खास इंतजाम नहीं, पब्लिक में सेलेब्रेशन से युवा भी बच रहे
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
आज फूल और बेर में सबसे ज्यादा क्या बिकेगा.. जैसे मेसेज सोशल मीडिया पर खूब छाए हैं। हर कोई रुढ़िवादी संगठनों से बचकर वेलनटाइंस डे मनाने के रोचक तरीके एक दूसरे से शेयर कर रहे हैं। कुछ दिन पहले दिल्ली में सरेआम 23 वर्षीय युवक की गला काटकर हत्या कर दी गई। कारण, वह दूसरे धर्म की लड़की से प्रेम करता था। केरल की हदिया ने प्रेम विवाह किया तो मामला लव जेहाद बन गया। एंटी रोमियो स्क्वार्ड की मॉरल पुलिसिंग के सताए प्रेमी युगल आज के दौर में इस दिन के प्रति उत्साहित होने की जगह सतर्क हैं। शहर में बाजार और रेस्टोरेंट में इस दिन के लिए विशेष इंतजाम होते नहीं दिखे। इस मामले में युवाओं से बात की तो पहलेपहल लोगों ने साफ इंकार कर दिया। जब बोले, तो उनका डर साफ झलका। कई बोले, आज के दौर में भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह भी चुनौती बन जाता।
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मैं जाति से राजपूत हूं और मेरी दोस्त नीलम ओबीसी हैं। हमारे परिवार इसलिए शादी पर राजी हो गए क्योंकि दोनों ही सरकारी नौकरी करते हैं। समय बदल रहा है पर अब भी परिवार वालों को गैरजाति में शादी के लिए मनाना बहुत मुश्किल है। बात दूसरे धर्म की हो तो हालात दंगे वाले भी बनने लगे हैं। - अविनाश कुमार, दुर्गानगर
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किसी पार्क में लड़के के साथ सिर्फ घूमने भर से हंगामे होने लगे हैं। लोग अजीब निगाहों से देखते हैं, एंटी रोमियो शुरू होने के बाद तो बाकायदा पूछताछ करके पुलिस वाले बेइज्जत करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निजता का अधिकार दिया है पर जमीनी हालात बहुत खराब हैं। पार्वती जी भी तो भगवान शिव के प्रति आर्कषित हुईं थीं, हम नैसर्गिक भावना को किस तरह खत्म कर सकते हैं। - विकास चौधरी, प्राइवेट जॉब
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दूसरी कौम में शादी करना आज के जमाने में भी बहुत मुश्किल है। घर में जैसे ही पता लगता है मां-बाप तो लड़की की पढ़ाई बंद कराके तुरंत शादी कर देते हैं। जब तक लड़कियां अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो जाएंगी, अपने फैसले खुद नहीं करने लगेंगी तब तक माहौल शायद ही बदले। - रुक्सार, सन सिटी
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14 फरवरी को मैं अकेले भी बाजार घूमने का नहीं सोच सकती तो कपल कितना इंसेक्योर महसूस करते होंगे, ये समझा जा सकता है। हमारी सोसाइटी में दहेज प्रथा को खत्म करने का एक मात्र तरीका लव मेरिज है, पर उसके लिए हम लोगों को उनकी पसंद का साथी चुनने तो दें। - गुरुदीप आनंद, सिटी