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Bareilly News: मंडल के आरोग्य मंदिरों की स्क्रीनिंग में 638 लोग मिले कैंसर संदिग्ध
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बरेली। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तंबाकू, गुटखा, खैनी का बढ़ता सेवन की लत मुंह के कैंसर की वजह बन रही है। मंडल के आरोग्य मंदिरों में चल रही कैंसर स्क्रीनिंग में बीते चार माह में 438 लोग संदिग्ध मिले। जिन्हें संबंधित जांच के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शाहजहांपुर में सर्वाधिक 194 लोगों में कैंसर संबंधी लक्षण मिले हैं। बरेली में 113, बदायूं में 89 और पीलीभीत में 42 लोग संदिग्ध पाए गए। लखीमपुर खीरी में भी 174 लोगों में ऐसे लक्षण देखे गए हैं। बहेड़ी की सीएचओ स्मृति सिंह के अनुसार कैंसर स्क्रीनिंग अभियान का उद्देश्य बीमारी को शुरुआती चरण में पहचानना है। शुरुआती पहचान से इलाज काफी हद तक संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि मुंह के भीतर कोई भी अल्सर, घाव या गांठ यदि दो सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहे तो उसे नजरअंदाज न करें। यह स्क्रीनिंग मुफ्त होती है और इसका लाभ उठाना चाहिए। संदिग्ध मामलों में मरीजों को बेहतर जांच के लिए हायर सेंटर भेजा जाता है।
कैंसर के शुरुआती संकेत
वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ आरके चितलांगिया के अनुसार, शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोग मुंह के कैंसर के शुरुआती संकेतों को अक्सर अनदेखा कर देते हैं। इससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। उन्होंने बताया कि मुंह के भीतर सफेद या लाल धब्बे, लंबे समय तक रहने वाले छाले इसके लक्षण हैं। मुंह खोलने या निगलने में परेशानी और गांठ बनना भी कैंसर की शुरुआती चेतावनी हो सकती है।
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तंबाकू छोड़ने में ओएसटी सेंटर की मदद
जिला अस्पताल के ओएसटी सेंटर पर तंबाकू की लत छुड़ाने में मदद मिल रही है। नर्सिंग ऑफिसर संजीव ने बताया कि पीलीभीत निवासी पवन खैनी का सेवन करते थे। दवा और नियमित काउंसलिंग से अब उनकी यह लत छूट गई है। होटल संचालक शेखर भी एक माह से दवा ले रहे हैं और अब उनकी खैनी की आदत में काफी नियंत्रण है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शाहजहांपुर में सर्वाधिक 194 लोगों में कैंसर संबंधी लक्षण मिले हैं। बरेली में 113, बदायूं में 89 और पीलीभीत में 42 लोग संदिग्ध पाए गए। लखीमपुर खीरी में भी 174 लोगों में ऐसे लक्षण देखे गए हैं। बहेड़ी की सीएचओ स्मृति सिंह के अनुसार कैंसर स्क्रीनिंग अभियान का उद्देश्य बीमारी को शुरुआती चरण में पहचानना है। शुरुआती पहचान से इलाज काफी हद तक संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि मुंह के भीतर कोई भी अल्सर, घाव या गांठ यदि दो सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहे तो उसे नजरअंदाज न करें। यह स्क्रीनिंग मुफ्त होती है और इसका लाभ उठाना चाहिए। संदिग्ध मामलों में मरीजों को बेहतर जांच के लिए हायर सेंटर भेजा जाता है।
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कैंसर के शुरुआती संकेत
वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ आरके चितलांगिया के अनुसार, शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोग मुंह के कैंसर के शुरुआती संकेतों को अक्सर अनदेखा कर देते हैं। इससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। उन्होंने बताया कि मुंह के भीतर सफेद या लाल धब्बे, लंबे समय तक रहने वाले छाले इसके लक्षण हैं। मुंह खोलने या निगलने में परेशानी और गांठ बनना भी कैंसर की शुरुआती चेतावनी हो सकती है।
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तंबाकू छोड़ने में ओएसटी सेंटर की मदद
जिला अस्पताल के ओएसटी सेंटर पर तंबाकू की लत छुड़ाने में मदद मिल रही है। नर्सिंग ऑफिसर संजीव ने बताया कि पीलीभीत निवासी पवन खैनी का सेवन करते थे। दवा और नियमित काउंसलिंग से अब उनकी यह लत छूट गई है। होटल संचालक शेखर भी एक माह से दवा ले रहे हैं और अब उनकी खैनी की आदत में काफी नियंत्रण है।