{"_id":"5c9bd11ebdec22146e0fa420","slug":"61553715486-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्मेंद्र और आबिद को साथ बिठाया आजम ने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्मेंद्र और आबिद को साथ बिठाया आजम ने
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। कई महीनों से सांसद धर्मेंद्र यादव और पूर्व दर्जा राज्यमंत्री आबिद रजा के बीच चल रही राजनीतिक ‘रार’ को बुधवार को पूर्व नगर विकास मंत्री आजम खां ने सुलझा दिया। वह दोनों के साथ बैठे तथा पुराने गिले-शिकवे दूर कर कहा कि जब बड़ा मकसद सामने हो तो छोटी-छोटी बातें मायने नहीं रखतीं।
सांसद धर्मेंद्र यादव और पूर्व दर्जा राज्यमंत्री के बीच अंडरग्राउंड केबल को लेकर जो ‘रार’ छिड़ी थी, वह काफी बढ़ गई थी। यहां तक कि इसके लिए आबिद को सपा से निलंबन तक झेलना पड़ा था। इसके बाद दोनों में जुबानी जंग जारी रही जो पार्टी को भी असहज स्थिति में डाले हुए थी। माना जा रहा था कि चुनाव में दोनों की रार कुछ रंग ला सकती है, लेकिन बुधवार को पूर्व नगर विकास मंत्री ने दोनों के झगड़े को लगभग सुलझा दिया।
आबिद रजा के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए आजम ने कहा कि आपस में मनमुटाव छोटी बात है और सामने मकसद बड़ा है। एक सवाल के जवाब में बोले कि उन्होंने अब बादशाह को शहंशाह कहना शुरू कर दिया है। शहंशाह ने सभी के खातों में रुपये देने और दो करोड़ बेरोजगारों को नौकरी देने के वायदे कर जनता को ठग लिया। बोले- गठबंधन हो चुका है और सब मिलकर पूरी ताकत से सत्ता बदल करेंगे। मुलायम के मोदी को आशीर्वाद देने के मामले के सवाल पर कहा- जो उन्होंने कहा था वह उतनी ही देर का था, अब जो वह कह रहे हैं वह हम सुन रहे हैं। यह भी बोले कि अच्छे से जीतेंगे और पीएम पद के उम्मीदवार भी होंगे। हालांकि इस बात को बाद में मजाक में बड़ी सफाई से टाल भी गए। जयाप्रदा के चुनाव लड़ने के सवाल पर केवल इतना ही कहा नाम से क्या मतलब है।
विज्ञापन
काफी देर तक सांसद के आवास पर हुई बातचीत
पत्रकारों से बातचीत करने से पहले आजम सांसद धर्मेंद्र यादव के आवास पर पूर्व मंत्री आबिद रजा के साथ मौजूद रहे। काफी देर तक चली मंत्रणा के बाद पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान सांसद ज्यादा नहीं बोले, उन्होंने बस इतना ही कहा कि मुझे ज्यादा कहने की जरूरत नहीं है, बस 23 मई का इंतजार करें।
विज्ञापन
सांसद धर्मेंद्र यादव और पूर्व दर्जा राज्यमंत्री के बीच अंडरग्राउंड केबल को लेकर जो ‘रार’ छिड़ी थी, वह काफी बढ़ गई थी। यहां तक कि इसके लिए आबिद को सपा से निलंबन तक झेलना पड़ा था। इसके बाद दोनों में जुबानी जंग जारी रही जो पार्टी को भी असहज स्थिति में डाले हुए थी। माना जा रहा था कि चुनाव में दोनों की रार कुछ रंग ला सकती है, लेकिन बुधवार को पूर्व नगर विकास मंत्री ने दोनों के झगड़े को लगभग सुलझा दिया।
विज्ञापन
आबिद रजा के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए आजम ने कहा कि आपस में मनमुटाव छोटी बात है और सामने मकसद बड़ा है। एक सवाल के जवाब में बोले कि उन्होंने अब बादशाह को शहंशाह कहना शुरू कर दिया है। शहंशाह ने सभी के खातों में रुपये देने और दो करोड़ बेरोजगारों को नौकरी देने के वायदे कर जनता को ठग लिया। बोले- गठबंधन हो चुका है और सब मिलकर पूरी ताकत से सत्ता बदल करेंगे। मुलायम के मोदी को आशीर्वाद देने के मामले के सवाल पर कहा- जो उन्होंने कहा था वह उतनी ही देर का था, अब जो वह कह रहे हैं वह हम सुन रहे हैं। यह भी बोले कि अच्छे से जीतेंगे और पीएम पद के उम्मीदवार भी होंगे। हालांकि इस बात को बाद में मजाक में बड़ी सफाई से टाल भी गए। जयाप्रदा के चुनाव लड़ने के सवाल पर केवल इतना ही कहा नाम से क्या मतलब है।
विज्ञापन
काफी देर तक सांसद के आवास पर हुई बातचीत
पत्रकारों से बातचीत करने से पहले आजम सांसद धर्मेंद्र यादव के आवास पर पूर्व मंत्री आबिद रजा के साथ मौजूद रहे। काफी देर तक चली मंत्रणा के बाद पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान सांसद ज्यादा नहीं बोले, उन्होंने बस इतना ही कहा कि मुझे ज्यादा कहने की जरूरत नहीं है, बस 23 मई का इंतजार करें।