{"_id":"5ac99bbd4f1c1bd6618b620c","slug":"61523162045-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"14 अप्रैल से शुरू होंगे शुभ विवाह, खरमास के चलते रुके थे मांगलिक काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
14 अप्रैल से शुरू होंगे शुभ विवाह, खरमास के चलते रुके थे मांगलिक काम
Updated Sun, 08 Apr 2018 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली।
पिछले एक माह से चल रही खरमास की अवधि 14 अप्रैल को समाप्त हो रही है। इसी के साथ रुके हुए मांगलिक कार्य और शुभ विवाह आदि शुरू हो जाएंगे।
बता दें कि 14 मार्च को सूर्य मीन राशि में आए थे। एक माह लगातार इसी राशि में व्यतीत करने के बाद 14 अप्र्रैल को मेष राशि में आ जाएंगे। इसी के साथ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। आचार्य मुकेश मिश्रा ने बताया कि जब सूर्य मीन राशि में रहते हैं तो मीनार्क दोष लगता है। इस अवधि में शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। यही खरमास कहलाता है। यह अवधि 14 अप्रैल को समाप्त हो रही है। इसी के साथ शुभ कार्यों पर लगी रोक खत्म हो जाएगी। बताया, शादी का पहला शुभ मुहूर्त 18 अप्रैल है।
अक्षय तृतीया को है सबसे बड़ा सहालग
18 अप्रैल को सबसे बड़ा सहालग है, क्योंकि इस दिन अक्षय तृतीया है, जो स्वयं सिद्धिकारक मुहूर्त माना जाता है। यह एक अबूझ सहालग है। इस दिन भारी तादात में शादियां होंगी। इसके बाद 10 विवाह मुहूर्त हैं। फिर इसके बाद 13 मई तक कुल नौ लग्न हैं। इसके बाद ज्येष्ठ अधिक मास होने के कारण एक माह तक शादियों पर फिर से रोक लग जाएगी। इसके बाद 14 जून से 17 जुलाई तक लगातार 21 शुभ लग्न हैं।
विज्ञापन
पिछले एक माह से चल रही खरमास की अवधि 14 अप्रैल को समाप्त हो रही है। इसी के साथ रुके हुए मांगलिक कार्य और शुभ विवाह आदि शुरू हो जाएंगे।
बता दें कि 14 मार्च को सूर्य मीन राशि में आए थे। एक माह लगातार इसी राशि में व्यतीत करने के बाद 14 अप्र्रैल को मेष राशि में आ जाएंगे। इसी के साथ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। आचार्य मुकेश मिश्रा ने बताया कि जब सूर्य मीन राशि में रहते हैं तो मीनार्क दोष लगता है। इस अवधि में शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। यही खरमास कहलाता है। यह अवधि 14 अप्रैल को समाप्त हो रही है। इसी के साथ शुभ कार्यों पर लगी रोक खत्म हो जाएगी। बताया, शादी का पहला शुभ मुहूर्त 18 अप्रैल है।
अक्षय तृतीया को है सबसे बड़ा सहालग
18 अप्रैल को सबसे बड़ा सहालग है, क्योंकि इस दिन अक्षय तृतीया है, जो स्वयं सिद्धिकारक मुहूर्त माना जाता है। यह एक अबूझ सहालग है। इस दिन भारी तादात में शादियां होंगी। इसके बाद 10 विवाह मुहूर्त हैं। फिर इसके बाद 13 मई तक कुल नौ लग्न हैं। इसके बाद ज्येष्ठ अधिक मास होने के कारण एक माह तक शादियों पर फिर से रोक लग जाएगी। इसके बाद 14 जून से 17 जुलाई तक लगातार 21 शुभ लग्न हैं।
विज्ञापन