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नाला सफाई पर फोकस, निर्माण पूरा कराने पर जोर नहीं
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बरेली। नगर निगम नाला सफाई में व्यस्त है लेकिन अधूरे नाले पूरे कराने पर ध्यान नहीं है। बरसात शुरू होने वाली है और संजयनगर के नाले का काम अभी काफी बाकी हैं। ऐसे में इस साल भी यहां जलभराव होना तय है।
शहर को जलभराव से बचाने के लिए नगर निगम का दावा है कि तीन चरण का नाला सफाई कार्य पूरा किया जा चुका है। निगम की टीमें अतिक्रमण ध्वस्त कर प्रतिदिन नाला सफाई कर रही हैं। कुछ नाले ठेके पर सफाई को भी दिए गए हैं। मगर नालों के निर्माण कार्य की स्थिति अब भी बदहाल है। संजयनगर में करीब छह माह पहले पुराने नाले को चौड़ा करने की कवायद शुरू की गई ताकि संपवेल से आने वाला पानी पूरे प्रेशर से निकल सके और पानी बैक न हो। मगर ठेकेदार की लापरवाही के चलते काम काफी धीमी गति से चल रहा है। बारिश शुरू होने में कुछ ही दिन शेष हैं लेकिन नाले का एक बड़ा हिस्सा अब भी बनना बाकी है। साथ ही कुछ जगह नाले की कनेक्टिविटी भी नहीं है। ऐसे में इस बार संजयनगर में पिछले साल से भी ज्यादा जलभराव होने की आशंका जताई जा रही है। मगर निगम अफसर नाला निर्माण में तेजी नहीं ला पा रहे हैं।
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शहर को जलभराव से बचाने के लिए नगर निगम का दावा है कि तीन चरण का नाला सफाई कार्य पूरा किया जा चुका है। निगम की टीमें अतिक्रमण ध्वस्त कर प्रतिदिन नाला सफाई कर रही हैं। कुछ नाले ठेके पर सफाई को भी दिए गए हैं। मगर नालों के निर्माण कार्य की स्थिति अब भी बदहाल है। संजयनगर में करीब छह माह पहले पुराने नाले को चौड़ा करने की कवायद शुरू की गई ताकि संपवेल से आने वाला पानी पूरे प्रेशर से निकल सके और पानी बैक न हो। मगर ठेकेदार की लापरवाही के चलते काम काफी धीमी गति से चल रहा है। बारिश शुरू होने में कुछ ही दिन शेष हैं लेकिन नाले का एक बड़ा हिस्सा अब भी बनना बाकी है। साथ ही कुछ जगह नाले की कनेक्टिविटी भी नहीं है। ऐसे में इस बार संजयनगर में पिछले साल से भी ज्यादा जलभराव होने की आशंका जताई जा रही है। मगर निगम अफसर नाला निर्माण में तेजी नहीं ला पा रहे हैं।
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