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दरगाज हजरत शाहदाना वली का उर्स
Updated Sun, 09 Dec 2018 09:07 PM IST
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फोटो:
दरगाह पहुंचा जुलूस-ए-गागर
बरेली। दरगाह हजरत शाहदाना वली के उर्स के दूसरे दिन रविवार को भी जायरीनों की आवाजाही रही। फज्र की नमाज के बाद संदल पेश कर सलातो सलाम की सदाएं बुलंद की गईं। दरगाह शाहदाना वली के आस्ताने से एक चादर पीरो के पीर सरकार गौस-ए-आजम दस्तगिर के मजार-ए-मुबारक पर बगदाद शरीफ के लिए रवाना की गई। जो साबरी वेलफेयर सोसायटी के सचिव इलियास साबरी के हाथों भेजी गई।
जौहर की नमाज के बाद लंगर तकसीम किया गया। असर की नमाज के बाद मरहूम अब्दुल करीम के निवास जोगी नवादा से जुलूस-ए-गागर उठाया गया। जो दरगाह के मुतावल्ली अब्दुल वाजिद खां नूरी की सरपरस्ती में दरगाह पहुंचा। मौजूद लोगों को गागर का शरबत व मेवा का तबर्ररुक बांटा गया। वहीं, महबूब साबरी के मकान से एक चादरों का जुलूस परंपरागत रास्तों से होता हुआ दरगाह पहुंचा। जिसका स्वागत जफर बेग ने किया। देर रात 1.40 बजे हुजूर मुफ्ती-ए-आजम हिंद के कुल शरीफ की फातेहा हुई। यहां युसूफ इब्राहीम, गफूर पहलवान, वसी अहमद वारसी, मौलाना शुजात खां आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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दरगाह पहुंचा जुलूस-ए-गागर
बरेली। दरगाह हजरत शाहदाना वली के उर्स के दूसरे दिन रविवार को भी जायरीनों की आवाजाही रही। फज्र की नमाज के बाद संदल पेश कर सलातो सलाम की सदाएं बुलंद की गईं। दरगाह शाहदाना वली के आस्ताने से एक चादर पीरो के पीर सरकार गौस-ए-आजम दस्तगिर के मजार-ए-मुबारक पर बगदाद शरीफ के लिए रवाना की गई। जो साबरी वेलफेयर सोसायटी के सचिव इलियास साबरी के हाथों भेजी गई।
जौहर की नमाज के बाद लंगर तकसीम किया गया। असर की नमाज के बाद मरहूम अब्दुल करीम के निवास जोगी नवादा से जुलूस-ए-गागर उठाया गया। जो दरगाह के मुतावल्ली अब्दुल वाजिद खां नूरी की सरपरस्ती में दरगाह पहुंचा। मौजूद लोगों को गागर का शरबत व मेवा का तबर्ररुक बांटा गया। वहीं, महबूब साबरी के मकान से एक चादरों का जुलूस परंपरागत रास्तों से होता हुआ दरगाह पहुंचा। जिसका स्वागत जफर बेग ने किया। देर रात 1.40 बजे हुजूर मुफ्ती-ए-आजम हिंद के कुल शरीफ की फातेहा हुई। यहां युसूफ इब्राहीम, गफूर पहलवान, वसी अहमद वारसी, मौलाना शुजात खां आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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